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Dharm Sansar

जाने सभी 26 एकादशियों में सर्वश्रष्ठ महान फलदायी एकादशी परमा एकादशी ओर क्या करें इस महान दिवस पर,,

बता रहे है,स्वामी सत्येन्द्र सत्यसाहिब जी,, परमा एकादशी जिसे देश भर की अनेक जगहों पर पुरुषोत्तम एकादशी भी कहते हैं, इस वर्ष 2020 के ओर आगे के अधिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है।वैसे प्रत्येक वर्ष में कुल 24 एकादशियां आती हैं। लेकिन मलमास में …

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तन मन को करना है सुदृढ और शरीर को बनाना है निरोग? तो करें कोणासन, इसको करने की सही विधि बता रहें है “महायोगी स्वामी सत्येन्द्र सत्यसाहिब जी”

कोणासन के नाम से ही बता चलता है कि,शरीर के विभिन्न अंगों को किसी एक एंगल यानी पोजिशन में ताने रखने की अनेको मुद्राओं का अभ्यास करना है। आओ करें अभ्यास – कोणासन की सही विधि:-वैसे तो अनेक प्रकार के कोणासन किये जाते है,जिनमें यहां में दो प्रकार के कोणासनों …

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ध्रुवासन की सही विधि से पाएं शारारिक ओर मानसिक एकाग्रता अटलता सहित अनेक स्वास्थ लाभ, बता रहे हैं सद्गुरु स्वामी सत्येंद्र जी महाराज

इस आसन का नाम भक्तराज बालक ध्रुव के नाम पर रखा गया है।जिन्होंने इसी कठिन मुद्रा में खड़े होकर कठोर तपस्या की थी। इस ध्रुवासन में योगाभ्यासी को उन्ही की तरह मुद्रा बनानी पड़ती है। ध्रुवासन की प्रचलित विधि:- अपने योग मेट पर या समतल जमीन पर सीधे खड़े होकर …

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गरुड़ासन की सही विधि से पाएं स्वास्थ लाभ और मन चित्त की एकाग्रता और आत्मिक शक्ति का जागरण, बता रहे हैं सद्गुरु स्वामी सत्येंद्र जी महाराज

गरुड़ासन (Garudasana) या ईगल पोज (Eagle Pose), प्राचीन भारतीय योगियों की योग विज्ञान में बहुत ही महत्वपूर्ण खोज के रूप में अद्धभुत आसन है। गरुड़ संस्कृत भाषा का शब्द अर्थ है अद्धभुत उड़ान वाला और महान उडाकू, इसे हिंदी में चील भी कहा जाता है। गरुड़ को दुनिया भर की …

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वीरासन की दो सही विधि करने से रहें पैर ओर कमर के रोगों से मुक्त… बता रहे हैं सद्गुरु स्वामी सत्येंद्र जी महाराज

वीरासन-Virasana- Hero Pose के दो अभ्यास कैसे करें और क्या लाभ देता है, पैरों ओर कमर के रोगों में:- 1-पहली वीरासन की सही विधि:- अपने चल रहे स्वर की साइड के पैर को को सामने की ओर बढ़ाये ओर अर्द्धबेठक मुद्रा में रुके ओर उसी साइड का हाथ की मुट्ठी …

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शीर्षासन का असली योग रहस्य जानें… वाम मार्ग और पृथ्वी की गुरुत्त्वाकर्षण शक्ति से इसका कैसे सम्बन्ध है? बता रहें है महायोगी स्वामी सत्येंद्र सत्यसाहिब जी

जैसा कि मैं सदा आसन से पहले अवश्य बताता हूं कि,अपने सीधे हाथ के उल्टे भाग पर दोनों नांक की सांस को मार कर देख ले कि,कोन सा स्वर चल रहाहै,उसी हाथ को शीर्षासन में पहले उपयोग ले, ओर वही पैर आकाश की ओर पहले उठाये,, अब जाने की,इस शीर्षासन …

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उत्थित-एकपादासन की सही विधि क्या है? कैसे करें? बता रहें हैं महायोगी स्वामी सत्येंद्र सत्यसाहिब जी

उत्थित एकपदासन करने की सही विधि:-जैसा कि मैं सदा हर आसन करने के पहले कहता हूं कि,आप अपने सीधे हाथ के उल्टी तरफ़ को थोड़ा जोर से नांक से सांस छोड़कर जांच ले कि,कोन से स्वर चल रहा है,तब ही सबसे पहले उसी साइड के अंग से आसन का अभ्यास …

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कमर दर्द के लिए कौन सा आसन सबके लिए है सहज और सर्वश्रेष्ठ? जाने एक ही आसान आसन और पाएं कमर व पीठ दर्द से मुक्ति… बता रहे है,महायोगी स्वामी सत्येंद्र सत्यसाहिब जी

पहले तो आओ जानते हैं कि प्रचलित चल रहे वे सब चार कौन से आसन हैं जिससे कमर का दर्द ठीक हो जाता है। ये चार आसन है- 1- शलभासन-2-भुजंगासन या सर्पासन,3-बज्रासन और -4-मर्कटासन।ओर मेरा बताया ये एक ही आसन-पीठासन की दो विधियां देंगी,इन चारों से अधिक 100% तुरन्त लाभ,,तो …

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क्या कोई दैविक शक्ति आपकी सहायता कर रही है? इसे कैसे पहचाने? बता रहे हैं सद्गुरु स्वामी सत्येंद्र जी महाराज

कुछ आसान अनुभवों से जाने कि कोई रहस्यमयी शक्ति अदृश्य रूप से आपकी सहायता कर रही है? आपके भाग्य को भौतिकता और आध्यात्मिकता के उच्चतर बनाती हुई सफलताओं के शिखर की ओर ले जा रही है? इन सब बातों को बता रहे है महायोगी स्वामी सत्येंद्र सत्यसाहिब जी 1-क्या आपकी …

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क्या करें अश्वनी अमावस्या के शुभ महूर्त पर अपने पितरों की आत्मिक शांति लाभ के लिए उपाय और प्राप्त करें,पुण्यबल व पाएं,प्रसन्न सुख शांति भरा जीवन… बता रहे है श्री गुरुदेव स्वामी सत्येंद्र सत्यसाहिब जी

हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को पितृ विसर्जनी अमावस्या अथवा सर्वपितृ अमावस्या या अश्विन अमावस्या कहते हैं। इसी दिन श्राद्ध पक्ष का समापन होता है। यानी,माना जाता है कि, इसी दिन पितृ लोक से आए हुए हमारे पूर्वज वापस अपने पितृलोक को लौट जाते …

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तुलासन की सही विधि करने से नाड़ी शुद्ध करके प्राणायाम कोष में कैसे करें प्रवेश और कैसे लें लाभ, बता रहे हैं सद्गुरु स्वामी सत्येंद्र जी महाराज

वैसे तो तुलासन का सीधा सा अर्थ है- तुला (Tola या Tula) का अर्थ तराजू या Scale से है ओर आसन का अर्थ,उस सम्बन्धित मुद्रा में अधिक देर तक खड़े होने, झुकने या बैठने या लेटने से होता है। इसे अंग्रेजी में Pose या पोश्चर (Posture) भी कहते है। तुलासन …

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धनुरासन व कर्णासन की सही विधि से करें नाड़ियों का शोधन और करें प्राणायाम कोष में प्रवेश… बता रहे है,महायोगी स्वामी सत्येंद्र सत्यसाहिब जी

सबसे पहले अपने सीधे हाथ के उल्टे भाग पर अपनी दोनों नांक से थोड़ा जोर से सांस छोड़कर कर कोन सा स्वर ज्यादा साफ चल रहा है,तब उसी स्वर के पैर को ज़मीन पर बैठकर दूसरे पैर के साथ फैलाकर बैठ जायें।मानो आपका बायां स्वर चल रहा था,तो उसे सीधा …

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पद्मासन क्यों और कितना उपयोगी है? कुंडलिनी जागरण और उसके 9 शक्ति बिंदुओं को जाग्रत करने में क्या है पद्मासन का महत्व, तर्कपूर्ण, महत्वपूर्ण और उपयोगी जानकारी दे रहे हैं महायोगी सद्गुरु स्वामी सत्येंद्र जी महाराज

अगर हम खुद ही अपना ख्याल नहीं रखेंगे, तो भला और कौन रखेगा ? कोविड 19 के चलते लोग भले अपने औरअपनों के स्वास्थ्य के प्रति सचेत हो गए हों, लेकिन अब तक के समय में जो नुकसान हम अपने मन मस्तिष्क और शरीर को दे चुके है उसका क्या? …

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कुटकुटासन व बकासन का स्वास्थ्यवर्द्धक सच्च क्या है जाने…. बता रहें हैं महायोगी स्वामी सत्येंद्र सत्यसाहिब जी

प्राचीनकाल में योगियों में दो योगव्यायामों का उच्चतर विकास किया-देर तक अध्ययन चिंतन और ध्यान समाधि से आई शरीर मे स्थिलता,आलस्य ओर जड़ता की सहज समाप्ति को,84 आसनों में मुख्य आसनों का नियमित अभ्यास करना और दूसरा था-युद्धकला में उच्चत्तर कला और अपार शक्ति व्रद्धि के कौशल के लिए शक्ति …

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प्राचीन भारतीय प्राणायाम विद्या का बिगड़ता स्वरूप डीप ब्रीथिंग् ओर जाने सच्चा तरीका, बता रहें है,महायोगी स्वामी सत्येंद्र सत्यसाहिब जी,,

डीप ब्रीथिंग् का अर्थ है-गहरा सांस लेना और छोड़ने का तरीका,,ओर फिर सुषम्ना स्वर को चलाना। जिसमें पहले 20 सांस लेना छोड़ना, फिर तेज 40 बार सांस तेज लेना और तेज या मध्यम गति से छोड़ना और फिर सहजता से 20 सांस लेनी ओर छोड़ने का अभ्यास किया जाता है। …

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