सरकार मान चुकी है कि इस प्रोजेक्ट की लागत बढ़ रही है, लेकिन जब सूचना के अधिकार के तहत असली खर्च पूछा गया, तो जानकारी देने से इनकार कर दिया गया।
प्रधानमंत्री के नए आवास को लेकर सरकार की यह चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। आखिर देश के सबसे बड़े सार्वजनिक प्रोजेक्ट की लागत बताने में क्या दिक्कत है?
प्रधानमंत्री जल्द ही नई दिल्ली के केंद्र में राष्ट्रपति भवन से सटे नए ऑफिस कॉम्प्लेक्स से काम शुरू करने वाले हैं, जिसे सेवा तीर्थ कहा जा रहा है।
इसी परिसर के पास प्रधानमंत्री का नया आवास भी प्रस्तावित है। ये दोनों ही सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं, जिसे 2026 तक पूरा करने का दावा किया गया है।
शुरुआती तौर पर पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 20 हजार करोड़ रुपये बताई गई थी, लेकिन अब यह साफ नहीं किया गया कि कुल खर्च आखिर कितना होगा।
इस पूरी सच्चाई को जानने के लिए सूचना के अधिकार कानून के तहत आवेदन किया गया। इसमें प्रोजेक्ट पर अब तक हुए खर्च, स्वीकृत टेंडर, ठेकेदारों के नाम और काम की लागत जैसी जानकारी मांगी गई।
लेकिन CPWD ने जवाब दिया कि यह जानकारी उनके कार्यालय से संबंधित नहीं है।
जब प्रधानमंत्री के नए आवास से जुड़ी जानकारी मांगी गई, तो उसे सीक्रेट कैटेगरी बताकर देने से मना कर दिया गया। अपील के बाद भी यही कहा गया कि जानकारी सार्वजनिक करने से देश की सुरक्षा, संप्रभुता और रणनीतिक हित प्रभावित हो सकते हैं।
हैरानी की बात ये है कि सरकार उपराष्ट्रपति आवास के पूरा होने की जानकारी तो देती है, लेकिन प्रधानमंत्री के नए आवास की स्थिति और लागत पर पूरी तरह चुप है।
सरकार इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए निवेश बता रही है, लेकिन जब खर्च का पूरा हिसाब सामने न आए, तो सवाल उठना लाज़मी है। क्या जनता को यह जानने का हक नहीं कि उसका पैसा कहां और कितना खर्च हो रहा है?
Discover more from Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network Khabar 24 Express brings the latest Hindi News, Breaking News, Live TV, India News, Maharashtra News, Nagpur News, Politics, Crime, Business, Sports, Entertainment, Technology, Auto, Health, Education, Lifestyle and World News with fast, accurate and trusted updates 24×7