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चमोली में निर्माणाधीन टनल में कुदरत का कहर! पानी और मलबे में फंसे मजदूर, NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Uttarakhand Chamoli News | Bureau Report Khabar 24 Express


उत्तराखंड के चमोली जिले में विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टेल रेस टनल (TRT) में गुरुवार शाम अचानक भारी मात्रा में पानी, पत्थर और मलबा घुसने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे के बाद कई मजदूर सुरंग के अंदर फंस गए। प्रशासन, NDRF, SDRF, ITBP, सेना और पुलिस की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं।

हादसा पीपलकोटी क्षेत्र के मायापुर में स्थित निर्माणाधीन टनल में हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, टनल के अंदर काम चल रहा था, तभी मजदूरों से करीब 150 मीटर दूर भूस्खलन के बाद पानी और मलबा तेज रफ्तार से सुरंग के भीतर आ गया। अचानक आए मलबे और पानी की चपेट में कई मजदूर आ गए।

टनल में तेजी से बढ़ा पानी और मलबा

रेस्क्यू टीमों के मौके पर पहुंचने के समय सुरंग के भीतर काफी पानी भरा हुआ था। किनारों से भी पानी रिस रहा था, जिससे बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया। NDRF की टीमों ने विशेष सुरक्षा उपकरणों के साथ टनल के अंदर प्रवेश कर फंसे लोगों की तलाश शुरू की।

रिपोर्टों के अनुसार, रेस्क्यू के दौरान कुछ शव भी बाहर निकाले गए हैं और कई घायल मजदूरों को अस्पताल पहुंचाया गया है। हालांकि, बचाव अभियान जारी रहने के कारण मृतकों और लापता मजदूरों की संख्या में लगातार बदलाव हो सकता है।

मजदूर ने बताया कैसे हुआ हादसा

हादसे में घायल एक मजदूर के मुताबिक, वह टनल के अंदर सरिया बांधने का काम कर रहा था। उस दौरान अचानक करीब 150 मीटर दूर भारी भूस्खलन हुआ। देखते ही देखते पानी, पत्थर और मलबा सुरंग के अंदर तेजी से घुसने लगा।

मजदूरों को संभलने का मौका भी नहीं मिला और कई लोग मलबे तथा पानी की चपेट में आ गए।

NDRF और अन्य एजेंसियां रेस्क्यू में जुटीं

हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया। NDRF और SDRF के अलावा ITBP, सेना, पुलिस तथा अन्य संबंधित टीमें मौके पर पहुंचीं।

NDRF अधिकारियों के मुताबिक, सुरंग के भीतर पानी का स्तर काफी अधिक है और लगातार पानी रिसने के कारण अभियान मुश्किल हो रहा है। जवान विशेष उपकरण पहनकर अंदर जाकर फंसे लोगों और शवों को बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं।

ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, अलग-अलग समय पर जारी हुए आधिकारिक और मीडिया अपडेट में रेस्क्यू किए गए, मृत और लापता मजदूरों के आंकड़ों में अंतर है। इसलिए अंतिम संख्या रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पहले भी हादसे से चर्चा में रही है परियोजना

विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग इससे पहले भी हादसे का सामना कर चुकी है। पिछले वर्ष 31 दिसंबर की देर रात सुरंग के भीतर दो लोको ट्रेनें आपस में टकरा गई थीं। उस हादसे में कई अधिकारी, कर्मचारी और मजदूर घायल हुए थे।

इस घटना के बाद परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था और निर्माणाधीन सुरंगों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे।

रेस्क्यू ऑपरेशन पर देश की नजर

चमोली जैसे पहाड़ी इलाके में सुरंग के भीतर पानी और मलबे के बीच फंसे मजदूरों को बाहर निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण है। रेस्क्यू टीमें सुरंग में सुरक्षित रास्ता बनाने, पानी के स्तर को नियंत्रित करने और अंदर फंसे मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।

फिलहाल प्राथमिकता सुरंग के अंदर फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।


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