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पूजा पाठ

हिंदी दिवस और लेखन की अभिव्यक्ति पर श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज का संदेश

हिंदी दुनिया में सबसे ज़्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है। यह अपने आप में पूर्ण रूप से एक समर्थ और सक्षम भाषा है। सबसे बड़ी बात यह भाषा जैसे लिखी जाती है, वैसे बोली भी जाती है। इसके अलावा लेखन अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम होता है। …

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तंत्र-मंत्र, काला जादू और तांत्रिक प्रयोगों से रक्षा हेतु सिद्ध करें काली कौड़ी, घर-परिवार में परेशानी, नौकरी जैसे सारी बाधायें हो जाएंगी पलक झपकते दूर, बता रहे हैं श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज

        समुंद्री जीव के शरीर का ठोस आवरण कौड़ी कहलाता है, यह कई प्रकार की होती है, शायद आप जानते हों कि इसी कौड़ी का प्रयोग मुद्रा के रूप में हुआ था। लेकिन कहा जाता है कि कौड़ी से कई सारी तांत्रिक विद्याएं काटी जा सकती हैं …

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क्या मंत्र जप से एक दूसरे के कर्म काटने और उसको शुभ फल प्राप्ति को लेकर कोई विशेष प्रभाव होता है? (भाग-दो) बता रहे हैं श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज

        क्या मंत्र जप से एक दूसरे के कर्म काटने और शुभ फल प्राप्ति को लेकर विशेष प्रभाव होता है? क्या वाकई ऐसा होता है? श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज पहले भाग में मंत्र जप के बारे में बता चुके हैं और इसके दूसरे भाग में …

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क्या मंत्र जप (भाग एक) से एक दूसरे के कर्म काटने और शुभ फल प्राप्ति को लेकर कोई विशेष प्रभाव होता है? बता रहे हैं श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज

        मंत्र जप अनेक लोगों की दिनचर्या का हिस्सा होता है। केवल हिंदू धर्म ही नहीं बल्कि अन्य धर्मों में भी अपने-अपने धर्मग्रंथों के अनुसार जप का प्रभाव बताया गया है। इसीलिए अधिकांश लोग काम्य जप करते हैं। काम्य यानी किसी न किसी कामना, उद्देश्य की पूर्ति …

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संत हरिदास के जन्मदिन पर श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज की कविता रूपी श्रद्धांजलि

      श्री बांके बिहारीजी महाराज के साथ यदि किसी का नाम अमर हुआ है तो वो है कृष्णोपासक सखी संप्रदाय के प्रवर्तक स्वामी हरिदास जी महाराज का, वे कृष्ण के परम भक्त , कवि और संगीतकार थे। इनके कृष्ण की सखी ललिता का अवतार माना जाता है। संत …

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पितृपक्ष (भाग-आठ) जन्मकुंडली में 12 प्रकार के पितृदोष, जानें बचने के उपाय, श्राद्ध तर्पण में कैसे करें भाग्य उदय? बता रहे हैं श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज

“पितृदोष के बारे में संतों का मत है कि पूर्व जन्म के पापों के कारण या पितरों के श्राप के कारण यह दोष कुंडली में प्रकट होता है। अतः इसका निवारण पितृपक्ष में शास्त्रोक्त विधि से किया जाता है। अगर पितृदोष को समझ लिया जाए तो निवारण भी आसानी से …

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पितृपक्ष (भाग सात), पितरों का सपने में दिखना होता है शुभ या अशुभ जानें यह महत्वपूर्ण तथ्य श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज से

            पितरों का सपने में आना बहुत सारे संकेत देता है। कई बार पितरों का सपने में आना उनकी नाराजगी जाहिर करता है, तो कई बार आपको आने वाली दुर्घटनाओं से पूर्व चेतावनी देता है। यानि पितृ स्वप्न ये निर्देश कर देते हैं कि जीवन …

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पितृपक्ष (भाग छः) यानि प्रायश्चित दिवस, श्राद्ध के समय में क्या करें क्या नहीं? कोई शुभ कार्य करने से क्या हो सकता है नुकसान? बता रहे हैं श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज

        पितृपक्ष यानि श्राद्ध शुरू हो चुके हैं। श्राद्धों की हिन्दू धर्म में बहुत मान्यता है। इन दिनों बहुत से ऐसे कार्य होते हैं जो नहीं किये जाते, शुभ कार्य या कोई नया कार्य इन शार्द्धों में वर्जित माना गया है।   तो आइए श्री सत्यसाहिब स्वामी …

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पितृपक्ष (भाग-पांच), सोलह दिवस यानि पूर्णिमा से अमावस तक, पितृऋण से मुक्ति का ज्ञान एवं रहस्य, जानें पूजा विधि और महामंत्र, श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज की जुबानी

          पितृपक्ष के सोलह दिन आज से यानि 24 सितंबर से शुरू हो रहे हैं। इन सोलह दिनों में अपने पितरों को याद करके जितनी भी पूजा-पाठ की जाए वो उतना ही अधिक फल देती है। पितरों के त्याग भावना, परिवार के प्रति उनका समर्पण इन …

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पितृपक्ष (भाग चार) यानि प्रायश्चित दिवस इस संबंध में श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज के सच्चे अनुभव जरूर पढ़ें

      हिन्दू धर्म में श्राद्धों का विशेष महत्त्व है और हमारी पुरानी मान्यताओं के अनुसार श्राद्ध हमारे पूर्वजों का परिवार के प्रति त्याग, उनकी तपस्या, परिवार को बनाये रखने के लिए उनकी मेहनत आदि के लिए याद किया जाता है।   इंसान जब तक जीवित रहता है तब …

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श्राद्ध यानि पितृपक्ष (भाग तीन) का पुराणों में महत्व, कैसे श्राद्ध करने से मिलती है पितरों को मुक्ति? कैसे करें श्राद्ध? क्या मिलेगा फल? बता रहे हैं श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज

      आज श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज श्राद्ध का तीसरा महत्त्वपूर्ण भाग बात रहे हैं जिसे जानने के बाद आपके जीवन की बहुत सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी। पितरों के लिए श्रद्धा से किए गए मुक्ति कर्म को ‘श्राद्ध’ कहते हैं तथा तृप्त करने की क्रिया और …

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पितृपक्ष यानि श्राद्धकर्म (भाग दो) में तर्पण का मतलब, कैसे करें गुरु, इष्टदेव, पितरों को प्रसन्न? पितृदोष को दूर करने से क्या होगा जीवन में लाभ? : बता रहे हैं श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज

        पितरो का तर्पण श्राद्ध पक्ष के दिनों में किया जाता है। हमारे ऊपर यदि किसी तरह का पितृदोष हो तो वह दूर हो जाता है। पित्र खुश होते हैं और हमें पूर्वज से आशीष प्राप्त होता है। इससे घर में शांति आती है और गृहकलेश दूर …

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पितृपक्ष यानि “श्राद्ध’उपासना” (भाग एक) का सच्चा रहस्य-बता रहे है- श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येंद्र जी महाराज

        “पित्रों को मनाने का समय! पितृपक्ष यानि श्राद्ध 24 सितंबर 2018 सोमवार से शुरू हो रहा है। यह 8 अक्टूबर 2018 सोमवार तक रहेगा, पितृपक्ष के दौरान लोग अपने पूर्वजों का तर्पण कराते हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। ऐसी मान्यता …

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अंगों के फड़कने से क्या पड़ता है जीवन पर प्रभाव, श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज बता रहें हैं शुभ अशुभ लाभ

“कई बार शरीर के विभिन्न अंगों का फड़नका जीवन पर बहुत बड़ा प्रभाव डालता है। श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज विस्तारपूर्वक इनके बारे में बता रहे हैं कि अंगों के फड़कने से जीवन और क्या प्रभाव पड़ता है?” अंगों के फड़कने के संबंध में एक विचारणीय बिंदू सामने आता …

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हस्त रेखाविज्ञान (भाग 11), स्त्रियों के नाखून देखकर कैसे करें उनके व्यक्तित्व की पहचान? बता रहे हैं श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज

    क्या किसी के नाखूनों को देखकर उसके व्यक्तित्व की पहचान की जा सकती है? इस लेख का शीर्षक को पढ़कर आप भी बिल्कुल वैसा ही सोच रहे होंगे जैसा हमने सोचा था, कि यह कैसे संभव है?     श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज जब कोई भी …

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