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अध्यात्म

एक लक्ष्य यानी जीवन मिशन बता रहें है,किसी के जीवन में दिखाई दे रही वर्तमान की बुलंदियां,उसके अनगिनत जन्मों की तपस्या को एक ही लक्ष्य बनाकर रखते हुए अंत मे पाता है,यो इस सबको क्रमबद्ध रूप से अपनी कविता के माध्यम से स्वामी सत्येन्द्र सत्यसाहिब जी

जीवन स्वयं एक लक्ष्य हैजो पिछले जन्मों का है चिंतन।उसे बदलते कर्म पथ बनाछोटे से बड़े रूप कर मंथन।।ऐसा क्या करूँ मेरा नाम होयही पहली पनपती सोच।आगे बढ़ता उस राह परजिस पर होती इस सोच की पहुँच।।उसी पहुँच की प्राप्तिकरता ले हर सम्भव सहयोग।कभी हारता बाजी जीतकरकभी लक्ष्य से होता …

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काम का मनचाहा दाम कैसे मिले बता रहे है स्वामी सत्येंद्र जी…

काम चाहे कोई करोचाहे दूजे या निज काम।धीरज समझ परख बिननिपटाओ न जल्द काम।।संतुष्टि संग रख एकाग्रताबिन बिताये समय व्यर्थ।जब स्वयं को वो उत्तम लगेतभी लौटना उस मालिक अर्थ।।तब मिले देख संतुष्टि सबओर गलती निकले कम।सब मिले खुशी पुरुषकार संगकिया कर्म मिले बढ़ हम।।यो जल्दी किया काम कभीउत्तम फल नहीं …

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भगवान कालभैरव जयंती यानि जन्मोउत्सव Kala Bhairav Jayanti 2020 Subh Muhurat 7 दिसंबर 2020 को मनाया जाता है, और कैसे जन्मे भैरव, भगवान शिव ने इन्हें क्या और कैसा दायित्त्व भार सौंपा…इस विषय में बता रहें हैं स्वामी सत्येंद्र सत्य साहिब जी…

मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 7 दिसंबर 2020 को महाकाल भैरव जयंती यानि जन्मोउत्सव मनाया जाएगा। इस दिन भगवान महाकाल भैरव का अवतार का प्राकट्य हुआ था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शिव के अवतार महाकाल भैरव का जन्म कैसे हुआ ?.. हमारी पुराणों में वर्णित …

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किस धर्म ने किस धर्म की नींव पर महल खडा करा?क्या वैदिक धर्म को जैन धर्म ने ओर जैन धर्म को बौद्ध धर्म ने ओर फिर बौद्ध धर्म को पुनः वैदिक धर्म ने रूपांतरण किया है,क्या है इन सबका धर्म प्रचार में अवतारवादी राजाशाही चार मूल अवतारों की प्रचलित श्रंखला रहस्य? प्रमाण,,बता रहें है स्वामी सत्येन्द्र सत्यसाहिब जी

आज अनेक बौद्ध मतावलियों ने चैनलों पर ये प्रचारित कर रखा है कि,उन्हीं के सपूतों को तोड़ मरोड़ कर कथित हिन्दू धर्म खड़ा है।और बाहर से आये अल ब्रूनी आदि ने अपने यात्रावृतांतों में इन व्रतों व देवियों देवो का कहीं उल्लेख नहीं किया है।मतलब वे करते तो हमारा धर्म …

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25 नवंबर अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस पर ज्ञान कविता इस विषय पर स्वामी सत्येन्द्र सत्यसाहिब जी कहते है कि,,

अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस को प्रतिवर्ष विश्व भर में अनेक राष्टीय मंच सामाजिक मंच आदि के द्धारा मनाया जाता है।यह दिवस पूरे विश्व मे महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा को रोकने के लिए मनाया जाता है। यह अभियान महासचिव बान की-मून के महिलाओं के खिलाफ हिंसा को समाप्त …

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World toilet day विश्व शौचालय दिवस 19 नवंबर पर ज्ञान कविता इस विषय पर अपने सामाजिक ज्ञान और अभिव्यक्ति को अपनी कविता के माध्यम से स्वामी सत्येन्द्र सत्यसाहिब जी इस कहते है कि,

संयुक्त राष्ट्र संघ की घोषणा के अनुसार हर साल 19 नवंबर कोविश्व शौचालय दिवस (World Toilet Day) मनाया जाता है।World Toilet Day 2020 की Theme Sustainable Sanitation and Climate Change (क्लाइमेट सैनिटेशन एंड क्लाइमेट चेंज) है, जिसे हिंदी में “स्वीकार्य स्वच्छता और जलवायु परिवर्तन” कहा जा सकता है। इस दिवस …

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राष्टीय प्रेस दिवस 16 नवम्बर इस विषय पर स्वामी सत्येन्द्र सत्यसाहिब जी ज्ञान और कविता के माध्यम से कहते है कि,,

भारत में प्रथम प्रेस आयोग ने प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा एवं पत्रकारिता में उच्च आदर्श को उच्चतम स्तर व निष्पक्षीय स्तर तक लाने के उद्देश्य से एक प्रेस परिषद की यथार्थवादी कल्पना की थी। इसी यथार्थवादी पहल के परिणाम स्वरूप 4 जुलाई, 1966 को भारत में प्रेस परिषद की …

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यदा यदा ही धर्मस्य..ओर इसी श्लोक में अर्थित ज्ञान की कैसे है अंग्रेज पूज्य इस विषय पर अपनी ज्ञान कविता केमाध्यम से बता रहें है स्वामी सत्येन्द्र सत्यसाहिब जी,,

यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत ।अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ॥परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् ।धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे ॥ शब्दार्थ-मै प्रकट होता हूं, मैं आता हूं, जब जब धर्म की हानि होती है, तब तब मैं आता हूं, जब जब अधर्म बढता है तब तब मैं आता हूं, सज्जन लोगों …

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जाने वैदिक आदि पुरुष आदिदेव के रूप को बदल कर श्रीकृष्ण की पूजा कैसे बनाई और गोवर्धन की पूजा का समय क्या है,,बता रहे है,स्वामी सत्येन्द्र सत्यसाहिब जी

गोवर्धन पूजा प्रतिवर्ष कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को मनाई जाती है। अन्नकूट को दिवाली के ठीक अगले दिन मनाते हैं। इस वर्ष दीपावली 14 नवंबर को मनाई की गई है, ऐसे में गोवर्धन पूजा जो कि आज यानी 15 नवंबर को है। जाने गोवर्धन पूजा का शुभ …

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आदर्श की पूजा बनो वैसा दूजा इस भावार्थ पर अपनी कविता के माध्यम से जनज्ञान देते स्वामी सत्येन्द्र सत्यसाहिब जी कहते है कि,,

मूर्ति नहीं आदर्श की पूजापूजा नाम है आदर्श कर्म।आदर्श बने वो अपने कर्मो सेयो पूज्य है मात्र उनके कर्म।।मूर्ति बना पूजा जो करतेन चलते उनके कर्म के पथ।वो उस मूर्ति अपमान है करतेउसे नहीं मिले वरदान उन सत।।उन्हें कैद कर दिया पूजाघरया बंदी है सवर्ण जड़ित मन्दिर।जो प्रकाशित स्वयं आत्माउन्हें …

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दीपावली के महापर्व पर स्वामी सत्येन्द्र सत्यसाहिब जी अपनी राम भक्ति कविता के माध्यम से श्री राम का अयोध्या में स्वागत शब्द दीपों से करते कहते है कि,,,

आओ स्वागत करें राम अयोध्या दीपावली के महापर्व पर स्वामी सत्येन्द्र सत्यसाहिब जी अपनी राम भक्ति कविता के माध्यम से श्री राम का अयोध्या में स्वागत शब्द दीपों से करते कहते है कि,,, आओ स्वागत करें राम सीता काअपनी छत्त पंच दीप जला।लक्ष्मण हनुमान अयोध्या आयेहिन्दुत्त्व धर्म की पताका फैला।।सभी …

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माँ, माँ नाम का सच्चा अर्थ सहित ज्ञान उपदेशक कविता कहते स्वामी सत्येन्द्र सत्यसाहिब जी बता रहे है कि,,,

माँ में तीन शब्द है प्रकटम आ ओर अंग।म मैं हूं सदा संग तेरेआ आ लग कृपालु मुझ अंग।।यहां मैं अहंकार रहित हैदाता बन जन अपना रूप।आवाहन है सर्व जीव आत्मा।अंग से उद्धभव ओंकार अनूप।।किस मां को तुम सब जग ढूढोंजो तुम जननी है पूरक रूप।उसे छोड़ प्रतिरूप पूजतेओर मंगते …

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ध्यान कैसे बढ़े-सेवा ज्ञान,,,बता रहें है स्वामी सत्येन्द्र सत्यसाहिब जी

ध्यान के सदा तीन सूत्र जानोसेवा तप और दान।सबसे बड़ा सेवा कर्मदूजे तप और तीजे दान।।सेवा से समर्पण बढ़ेसेवा तन दे जोड़।सेवा बढ़ती जाती जितनीउतना मन दे अंदर मोड़।।स्वप्न बदले सेवा करतेदेखोगे सेवा कर इष्ट।सेवा स्वप्न बढ बढ़ दिखेस्वप्न सफल वर मिले अभीष्ट।।घर की सेवा संसारी फल देजन सेवा प्रसिद्धि …

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दीपावली पर करें सर्व संकट निवारण अचूक उपाय जाने,,

बता रहें स्वामी सत्येन्द्र सत्यसाहिब जी इस कीलन में इस सिद्धासिद्ध महामंत्र से जप और यज्ञाहुति दे-“सत्य ॐ सिद्धायै नमः ईं फट् स्वाहा”और जो सभी प्रकार के संकट और मनोकामना के अर्थ को देने वाले मंत्र में विश्वास करते है की मुझे मंत्र जपते में लगे की मेरी मनोकामनाएं सिद्ध …

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