Breaking News
BigRoz Big Roz
Home / Breaking News / Torres Jewellery Scam : निवेश के नाम पर मुंबई में हजारों लोगों से ठगी, लोगों को इस तरह लगाया चूना

Torres Jewellery Scam : निवेश के नाम पर मुंबई में हजारों लोगों से ठगी, लोगों को इस तरह लगाया चूना

किराए पर एक जगह लो, फिर उसको बढ़िया से चमका दो। चमक दमक इतनी होनी चाहिए कि देखने वाले की आँखें चौंधिया जाएं। और जब वो दरवाजे पर दस्तक दे तो उसके सवाल नहीं उसके हाथ कांपने चाहिए, जुबान लड़खड़ानी चाहिए…. वो 100 बार सोचे कि सवाल करूं कि नहीं और वो बिना सवाल करे झांसे में आ जाए।

जी हां हम किसी फिल्म के सेट बनाने की बात नहीं कर रहे हैं बल्कि एक सच्चाई हम आपके बता रहे हैं। दरअसल मुंबई दादर में ठीक वैसा ही हुआ है जैसा कि हमने आपको अपने इंट्रो में बताया है।

मुंबई के दादर इलाके में पोंजी स्कीम चलाने वाली एक चिटफंड कंपनी का भंडाफोड़ हुआ है। मुंबई पुलिस ने कथित निवेश धोखाधड़ी के आरोप में सोमवार को इस निजी कंपनी के दो निदेशकों और तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया टोरेस स्टोर चलाने वाली कंपनी प्लैटिनम हर्न प्राइवेट लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। 31 वर्षीय सब्जी विक्रेता प्रदीप कुमार वैश्य की शिकायत पर निदेशक सर्वेश सुर्वे और विक्टोरिया कोवलेंको, सीईओ तौफीक रिया उर्फ ​​जॉन कार्टर, महाप्रबंधक तान्या कस्तोवा और स्टोर प्रभारी वेलेंटीना कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने टोरेस ज्वेलरी कंपनी में निवेश किया था। इस बीच, मंगलवार को टोरेस ज्वेलरी कार्यालय में निवेशकों की भीड़ उमड़ पड़ी।

इस बीच, अब तक सात निवेशकों ने शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने अब तक कम से कम सात लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जिन्होंने पोंजी स्कीम में कुल 13.48 करोड़ रुपये गंवाए थे, जिसमें उन्हें उनके निवेश पर मासिक ब्याज देने का वादा किया गया था। पुलिस को संदेह है कि आरोपियों ने मुंबई, नवी मुंबई और मीरा भयंदर क्षेत्र में कई निवेशकों को धोखा दिया।

टोरेस ज्वेलरी कंपनी पर हजारों निवेशकों के करोड़ों रुपये लेकर फरार होने का आरोप है। सोमवार को मीरा-भायंदर में कंपनी का आउटलेट अचानक बंद होने से दुकान के बाहर निवेशकों की भीड़ लग गई। इस संबंध में कंपनी के आधिकारिक प्रतिनिधि से संपर्क नहीं हो सका। कंपनी से जुड़ी एक महिला, जो नाम नहीं बताना चाहती थी, ने कहा कि वेबसाइट में तकनीकी समस्याओं के कारण कथित तौर पर निवेशकों का रिफंड उन्हें नहीं भेजा जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 2023 में पंजीकृत कंपनी ‘प्लैटिनम हेरेन प्राइवेट लिमिटेड’ ने 2024 में ‘टोरेस’ ब्रांड के तहत दादर में 30 हजार वर्ग फुट का आलीशान आउटलेट खोला। इसके बाद कंपनी ने मीरा-भाईंदर समेत अन्य जगहों पर आउटलेट खोले। कंपनी ने सोने, चांदी और हीरे की खरीद पर समान राशि पर क्रमशः 48, 96 और 520% ​​का वार्षिक रिटर्न देने का वादा किया। रिटर्न साप्ताहिक दाखिल किए गए। दो सप्ताह तक रिटर्न नहीं मिलने से निवेशकों में हड़कंप मच गया।

कंपनी निवेशकों को सोने, चांदी के बजाय मोइसैनाइट खरीदने पर जोर देती थी। इस पर सबसे ज्यादा रिटर्न भी दिया जाता था, जो कि साप्ताहिक 8 से 11% तक था। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, प्लैटिनम हरेन प्राइवेट लिमिटेड का रजिस्टर्ड ऑफिस गिरगांव की ओपेरा हाउस इमारत में है। कंपनी में इमरान जावेद, सर्वेश सुर्वे और ओलेना स्टाइएन तीन निदेशक हैं। तीनों निदेशकों में अपना एड्रेस भी कंपनी के एड्रेस को ही दिखाया है।

रातों-रात शटर बंद होने की जानकारी मिलते ही ऑफिस के सैकड़ों निवेशकों की भीड़ जमा हो गई। घटना की जानकारी होते ही एपीएमसी पुलिस, क्राइम ब्रांच की टीम ने जांच शुरू कर दी। सूत्रों का कहना है कि कंपनी का मालिक दुबई में है। वह प्लानिंग के तहत विदेश भाग गया और रातों-रात कंपनी बंद कर दी।

Bureau Report : Jagdish Teli, Khabar 24 Express


Discover more from Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Check Also

कालबाह्य शासकीय वाहनांचा तात्काळ लिलाव करा; केदारनाथ सानप यांची जिल्हाधिकाऱ्यांकडे मागणी

कालबाह्य शासकीय वाहनांचा तात्काळ लिलाव करा; केदारनाथ सानप यांची जिल्हाधिकाऱ्यांकडे मागणी

Leave a Reply

Discover more from Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading