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Chandrashekhar Bawankule पर जमीन घोटाले के झूठे आरोप लगाकर फंसा Rameshwar Darekar, अब गिरफ्तारी की तलवार लटकी

Maharashtra Crime News | Exclusive Manish Kumar Ankur | Khabar 24 Express


महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर चल रहे दावों की सच्चाई को कटघरे में खड़ा कर दिया है। चंद्रशेखर बावनकुले के नाम पर 1147 एकड़ जमीन का जो आरोप पिछले दिनों तेजी से वायरल किया गया, अब वही मामला उल्टा पड़ता नजर आ रहा है।

दरअसल, इस पूरे मामले को लेकर नागपुर के कोराडी थाने में FIR दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता निखिल रामचंद्र इंगोले हैं, जिन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया के जरिए एक सुनियोजित तरीके से बावनकुले और उनके परिवार को बदनाम करने की कोशिश की गई।

FIR में जिस नाम का जिक्र है, वह है कथित पत्रकार रामेश्वर शिवाजी दरेकर जोकि संभाजीनगर का निवासी है। आरोप है कि दरेकर ने फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो और पोस्ट के जरिए यह दावा फैलाया कि बावनकुले और उनके परिवार के पास 1147 एकड़ जमीन है।

शिकायत के मुताबिक, यह वीडियो करीब 22 मिनट का था, जिसमें अलग-अलग गांवों का हवाला देकर जमीन के आंकड़े पेश किए गए। लेकिन इन दावों के पीछे कोई ठोस और प्रमाणित दस्तावेज नहीं था। उल्टा, इस तरह से बात पेश की गई जिससे आम लोगों के बीच गलत धारणा बने।

सबसे गंभीर बात यह बताई गई है कि इस वीडियो में सिर्फ राजनीतिक आरोप नहीं लगाए गए, बल्कि बावनकुले के परिवार—उनकी पत्नी और बेटी—का नाम लेकर भी उन्हें निशाना बनाया गया। इसे सीधे तौर पर उनकी छवि खराब करने की कोशिश माना गया, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 78(1)(ii) और 356(2) के तहत मामला दर्ज किया है। इसका मतलब साफ है कि अब यह सिर्फ सोशल मीडिया का विवाद नहीं, बल्कि कानूनी कार्रवाई का विषय बन चुका है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि सोशल मीडिया पर बिना जांचे-परखे बड़े आरोप फैलाना कितना भारी पड़ सकता है। खासकर जब किसी सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्ति का नाम हो, तो जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।

7/12 जमीन रिकॉर्ड का नाम लेकर जिस तरह से बड़े-बड़े दावे किए गए, अब वही दावे सवालों के घेरे में हैं। जमीन के रिकॉर्ड को अधूरी और भ्रामक जानकारी के साथ पेश कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई। FIR में दर्ज तथ्यों से साफ है कि जिस “1147 एकड़” के आंकड़े को उछाला गया, वह बिना ठोस आधार के फैलाया गया दावा था, जिसका मकसद सिर्फ भ्रम पैदा करना था।

फिलहाल स्थिति यह है कि जिस आरोप को सच की तरह पेश किया जा रहा था, वही अब जांच के घेरे में है। और रामेश्वर शिवाजी दरेकर का नाम FIR में आने के बाद यह साफ हो गया है कि मामला गंभीर है और आगे कार्रवाई भी तय मानी जा रही है।

सीधी बात ये है कि चंद्रशेखर बावनकुले को लेकर जो नैरेटिव गढ़ा गया, वह अब खुद सवालों के घेरे में है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच क्या मोड़ लेती है, इस पर सबकी नजर रहेगी, लेकिन अभी के हालात यही बता रहे हैं कि बिना सबूत के लगाए गए आरोप अब भारी पड़ रहे हैं।

इस खबर पर हम नजर बनाए हुए हैं जो भी अपडेट आएगा हम आप तक जरूर पहुंचाएंगे।


(Manish Kumar Ankur: Khabar 24 Express | Ground Report | Nagpur)


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