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मासूम प्रद्युम्न हत्याकांड: पिता के विरोध के बाबजूद, 9 दिन बाद खुला रायन स्कूल, देखें ये रिपोर्ट

 

 

 

मासूम प्रद्युम्न की हत्या को लगभग 15 दिन हो गए हैं लेकिन अभी तक जांच किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है। मासूम प्रद्युम्न की स्कूल में किसी ने गला रेतकर हत्या कर दी थी इसके बाद शक के आधार पर कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार कर लिया था।

प्रद्युम्न के पिता इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट गए जहां सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को फटकार लगायी इसके बाद प्रदेश सरकार ने सीबीआई को इस केस की जांच सौंप दी।

गुरुग्राम के भोंडसी स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल में 8 सितंबर को सात साल के प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या के 9 दिन बाद आज स्कूल दोबारा खुल गया है। हालांकि प्रद्युम्न पिता ने स्कूल को बंद रखने की मांग को लेकर डिप्टी कमीश्नर को पत्र भी लिखा। इसके साथ ही आज इस मामले में मुख्य आरोपी बस कंडक्टर अशोक और रायन के दो अध‌िकार‌ियों को पॉक्सो कोर्ट में पेश क‌िया गया।

आपको बता दें कि प्रद्युम्न के पिता नहीं चाहते कि स्कूल अभी खुले क्योंकि उन्हें डर है कि इससे सबूत मिट सकते हैं। सुरक्षा में खामियों की वजह से हरियाणा सरकार ने रायन स्कूल को 3 महीने के लिए टेकओवर किया है और सरकार ने आज स्कूल खोलने का फैसला क‌िया है।

प्रद्युम्न हत्याकांड में सीबीआई जांच में भी आएगी परेशानी
भोंडसी के रायन इंटरनेशनल स्कूल में सात वर्षीय प्रद्युम्न की हत्या की जांच अब सीबीआई को सौंप दी गई है, लेकिन सीबीआई को भी जांच में कई परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। पुलिस की उलझी गुत्थी को सुलझाने में सीबीआई को नए सिरे से जांच करना होगी।

पुलिस की थ्योरी से इतर नए एंगल पर जांच करना सीबीआई के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। सबसे बड़ी चुनौती सीबीआई के लिए हत्या का मकसद तलाशना होगा। पुलिस जांच में अब तक प्रद्युम्न की हत्या का मकसद साफ नहीं हुआ है।

प्रद्युम्न की हत्या के एक सप्ताह बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सीबीआई जांच की घोषणा की थी। मामला सीबीआई तक पहुंचने में करीब एक सप्ताह का और समय लगेगा। दो हफ्ते से अधिक समय बीतने के बाद कई सबूत नष्ट होने का खतरा है। इससे मौका-ए-वारदात पर सीबीआई को अधिक कुछ नहीं मिलेगा।

ऐसे में पुलिस द्वारा दिए गए सबूत के आधार पर ही सीबीआई को शुरुआती दौर में आगे बढ़ना होगा। हालांकि सीबीआई जांच शुरू होने के बाद मुख्य आरोपी अशोक, स्कूल के दो गिरफ्तार स्टाफ फ्रांसिस थॉमस, जेयस थॉमस, अन्य शिक्षकों, स्कूल से निकाले गए गार्ड, माली हरपाल, बस ड्राइवर और पूर्व प्रिंसिपल समेत अन्य से नए सिरे से पूछताछ की जाएगी।

प्रद्युम्न की हत्या में एक नहीं बल्कि कई सवाल ऐसे हैं जिनका पुलिस अब तक जवाब नहीं ढूंढ पाई है। प्रद्युम्न के परिजन बार-बार यह कह रहे हैं कि जरूर प्रद्युम्न ने कुछ ऐसा देख लिया था, जिसका भेद खुलने का डर था और उसकी हत्या कर दी गई। सीबीआई के लिए यह भी चुनौती है कि आखिर मासूम प्रद्युम्न ने क्या देख लिया था?

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