
वरिष्ठ पत्रकार और हिंदुत्व राजनीति की कट्टर आलोचक गौरी लंकेश की मंगलवार को बंगलूरू में उनके घर के बाहर गोली मार कर हत्या कर दी गई। राजाराजेश्वरी नगर स्थित उनके आवास पर हत्या के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा है।
कर्नाटक पुलिस प्रमुख आर के दत्ता ने कहा लंकेश को राज राजेश्वरी नगर स्थित घर के बारह अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। उनके शरीर पर गोलियों के कई निशान हैं, जिससे जाहिर होता है कि उनकी हत्या के लिए कई बार गोली चलाई गई।
लंकेश ने कन्नड़ अखबार गौरी लंकेश पत्रिका की संपादक थीं। पुलिस प्रमुख ने कहा कि लंकेश ने कभी किसी हमले की शिकायत नहीं की। हमलावरों के बारे में पूछे जाने पर दत्ता ने किसी अटकल से इनकार किया। बस इतना ही कहा कि जांच पूरी होने दीजिए। कर्नाटक के गृह मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने इस हत्या की कड़ी निंदा करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
वरिष्ठ पत्रकार गौरी शंकर की निर्मम हत्या पर चौतरफा रोष है। गौरी शंकर आरएसएस के खिलाफ खूब लिखती थीं। इसके अलावा वो आरएसएस की नीतियों के ख़िलाफ़ हमेशा रहती थीं। उनके अनेकों राजनीतिक दुश्मन थे लेकिन गौरी ने कभी किसी की शिकायत नहीं की। वो अपनी दुश्मनी के बारे में सिर्फ यही कहती रहीं कि वो एक पत्रकार हैं वो अपने देश के लिए जीती हैं। यहाँ के लोगो के लिए जीती हैं।
गौरी लंकेश को राजनीति की कट्टर आलोचक भी माना जाता था। अपने अखबार में भाजपा के नेताओं के खिलाफ खबर प्रकाशित करने के बाद भाजपा सांसद प्रह्लाद जोशी ने लंकेश के खिलाफ मानहानि का केस दायर कर रखा था। पत्रकार की मौत पर मीडिया जगत के लोगों ने दुख और आश्चर्य व्यक्त किया है।
*** गौरी लंकेश को मनीष कुमार की श्रद्धांजलि
लकेश एक निडर और निर्भीक पत्रकार मानी जाती रही हैं। उनके करीबियों का कहना है कि लंकेश को कई बार धमकियां भी मिली लेकिन उन्होंने कभी परवाह नहीं की।
अब गौरी लंकेश हमारे बीच में नहीं हैं। उनकी हत्या एक साजिश का ही नतीजा है। जो पूरा पत्रकार जगत इस हमले की निंदा करता है। गौरी लकेश राजनीतिक आलोचक थीं और आलोचक होना बुरा नहीं है।
हम सिर्फ इतना कहना चाहेंगे कि गौरी तुम मरी नहीं हो। तुम्हारी मृत्यु नहीं हुई है। तुम अमर हो गयी हो। तुम हमेशा के लिए हम सबके बीच एक सबक बनकर जिंदा हो गयी हो.. उन पत्रकारों के लिए सबक बन गयी हो जो नेताओं से डरते हैं, उनके तलवे चाटते हैं। तुममें अदम साहस था इसीलिए तुम शहीद हो गयीं। तुम शहीद हो गयीं उस पत्रकार बिरादरी के लिए जो अपनी कलम को हमेशा शांत रखता है और अगर उठाता भी है तो सिर्फ उन नेताओं के प्रति अपनी वफादारी दिखाने के लिए। तुममें आरएसएस की गलत नीतियों का विरोध करने का साहस था तुमने किया। भाजपा की कट्टरता फैलाने वाली नीतियों का विरोध करने का साहस तुममें था तुमने किया। नेताओं की खुली आलोचना करने का साहस तुममें था तुमने किया।
गौरी लंकेश तुम एक साहसी, निर्भीक और बहादुर पत्रकार निकलीं। तुम्हारी हिम्मत और साहस के हम सब कायल हुए। हममें तो इतना साहस भी नहीं कि तुम्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें। हम डरपोक हैं। हम लालची हैं। हम तुम्हारी तरह निडर या निर्भीक नहीं। गौरी हमें माफ़ करना।
तुम वो बहादुर महिला निकलीं… जो काम पुरूषों का था वो तुमने बड़ी बहादुरी के साथ किया। तुम्हारी तस्वीर को कुछ कथित देशभक्त, छदम पत्रकार कन्हैया कुमार और उमर खालिद के साथ प्रस्तुत कर रहे हैं लेकिन वो प्रधानमंत्री मोदी की पाकिस्तानी पीएम के साथ तस्वीर को शेयर नहीं करते ना ही पीएम मोदी के शरीफ प्रेम पर कोई टिप्पणी करते। वो मोदी हैं किसी से भी मिल सकते हैं किसी को भी अपना दोस्त बना सकते हैं लेकिन तुम एक पत्रकार हो.. तुम्हारे हत्यारे तुम्हें अनेकों नाम से बुला रहे हैं.. कोई तुम्हें वामपंथी कह रहा है तो कोई कुतिया रंडी कह रहा है, तुम्हें कोई वेश्या बता रहा है तो कोई हराम की औलाद बता रहा है। चंद कथित लोगों के बीच तुम्हारी हत्या पर खुल समर्थन हो रहा है। लेकिन सब चुप्पी साधे हुए हैं। अपनी मौत से डरते हैं।
तुम्हारे हत्यारे सोशल मीडिया में एक्टिव हैं हर हत्यारा तुम्हारी तस्वीर को शेयर करके तुम्हेंं गालियां दे रहा है। एक महिला की इज़्ज़त को सरेआम उछाल रहा है। लेकिन मैँ ये समझता हूँ, जानता हूँ… ये तुम्हारे हत्यारों के संस्कारों में है।
लेकिन तुम क्या हो वो हम सब जानते हैं। तुम्हारे हत्यारे यूँ ही खुलेआम घूमते रहेंगे.. तुम्हें बुरा भला कहते रहेंगे.. मिठाई बांटेंगे.. इस देश के प्रधानमंत्री दूसरे देशों में आतंकवाद पर लड़ने की बात करते हैं लेकिन अपने ही देश में इस खुली अराजकता, खुले आतंकवाद पर बात नहीं करते। उनके मुंह से तुम्हारे लिए कोई शब्द नहीं निकलेंगे क्योंकि वो निशब्द हैं। उन्हें 2019 की चिंता है, अपने पद, अपने नाम को बरकरार रखने की चिंता है।
इस देश का दुर्भाग्य यही है। इसको ऐसे ही रहने दिया जाए..।
तुम इस देश की सच्ची पत्रकार थीं… लेकिन हमारी हिम्मत नहीं कि तुम्हें श्रद्धांजलि दें
लेकिन फिर भी हम तुम्हें श्रद्धांजलि अर्पित करना चाहते हैं।
क्योंकि हममे भी तुम्हें देखकर हिम्मत आयी है। तुम अब हमेशा के लिए जीवित हो चुकी हो.. तुम बहुत महान हो..।
आपको बार बार नमन

मनीष कुमार
**********
***नोट: ये सभी विचार मनीष कुमार के निजी विचार हैं। खबर 24 एक्सप्रेस का इस लेख से कोई लेना देना नहीं है। मनीष कुमार एक लेखक हैं, स्वतंत्र पत्रकार भी हैं।
Discover more from Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network Khabar 24 Express brings the latest Hindi News, Breaking News, Live TV, India News, Maharashtra News, Nagpur News, Politics, Crime, Business, Sports, Entertainment, Technology, Auto, Health, Education, Lifestyle and World News with fast, accurate and trusted updates 24×7