Breaking News
BigRoz Big Roz
Home / Breaking News / क्या मूल्यहीन कौड़ियां भी दिला सकती हैं जीवन की अनेकों समस्याओं से निज़ात? (भाग-2) बता रहे हैं श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज

क्या मूल्यहीन कौड़ियां भी दिला सकती हैं जीवन की अनेकों समस्याओं से निज़ात? (भाग-2) बता रहे हैं श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज

 

 

 

कौड़ी का स्वरुप शिव की जटाओं के आकार जैसा है इसी कारण से इसे कपर्दिन भी कहते है जो संस्कृत के शब्द कर्दप का रूप है, जो शिव के श्रंगार का एक अंग भी है। इसके विषय में कई प्रकार की लोकोक्ति और मुहावरें प्रचलन में आज भी है जैसे- कौड़ी-कौड़ी को मोहताज हो जाना, कौड़ी के भाव बिकना, दो कौड़ी का होना, दूर की कौड़ी आदि। कौड़ी हमारे लिए कई प्रकार से उपयोगी है।

 

आज उसी मूल्यहीन कौड़ी के फायदे जानिए, ये मूल्यहीन कौड़ी आपकी सभी समस्याओं को दूर कर सकती है, आपके जीवन में उजाला भर सकती है। कौड़ी के फायदे श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज बता रहे हैं।

 

इससे पहले स्वामी जी द्वारा बताए भाग एक को पढ़े जिसमें स्वामी जी ने काफी कुछ वर्णन किया है जो आपके जीवन के लिए हो सकता है महत्त्वपूर्ण।

 

तंत्र-मंत्र, काला जादू और तांत्रिक प्रयोगों से रक्षा हेतु सिद्ध करें काली कौड़ी, घर-परिवार में परेशानी, नौकरी जैसे सारी बाधायें हो जाएंगी पलक झपकते दूर, बता रहे हैं श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज…

तंत्र-मंत्र, काला जादू और तांत्रिक प्रयोगों से रक्षा हेतु सिद्ध करें काली कौड़ी, घर-परिवार में परेशानी, नौकरी जैसे सारी बाधायें हो जाएंगी पलक झपकते दूर, बता रहे हैं श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज

 

मूल्यहीन कौड़ियों से पाएं इन समस्याओं से झुटकरा:-
बता रहे है : –

भाग 2 : –

 

कौड़ियां विश्व की सबसे प्राचीन मुद्रा है। जिसे समुंद्र मन्थन से पैदा होने के और लक्ष्मी के साथ प्रकट होने के कारण लक्ष्मी की बहन भी कहते हैं।भारत में कौड़ियां 1930 से पूर्व मुद्रारूप में प्रचलन में थी। कौड़ी समुद्री कीड़े का अस्थिकोष है। इसे साइप्रिया या देवाधिदेव कहते हैं, इसकी आकृति शिव की जटाओं से मेल खाती है अतः इसे शास्त्रीय भाषा में कपार्दिन भी कहते हैं।

और मुहावरों के रूप में कौड़ी प्रचलित है की- जैसे-कौड़ी-कौड़ी को मोहताज हो जाना, कौड़ी के मोल बिकना, दो कोड़ी का होना, दूर की कौड़ी आदि।सभी देशों में कौड़ियों का धार्मिक कार्यों,भविष्य दर्शन विद्या में, आयुर्वेद चिकित्सा,धन,तंत्र अनुष्ठान व् अनेक सामजिक रीति-रिवाज तथा अनेक साध्य असाध्य टोटके में विशेष उपयोगी है।

कौड़ियां 5 प्रकार की होती हैं:-

विश्व में लगभग 185 प्रकार की कौड़ियां होती हैं, जिनमें प्रिंस कौड़ी सबसे सर्वश्रेष्ठ है।वेसे कौड़ी मूल्यहीन है, किन्तु अपने गुणों के कारण ये अमूल्य बन गई है।

1-सुनहरे रंग की (सिद्धि कौड़ी)
2-धूमल रंग की (व्याघ्री कौड़ी)
3-पीठ पीली और सफेद पेट वाली (मूंगी कोडी)
4-सफेद चमकीली (हॅसी कौड़ी)
5-चितकबरी (विदांता कौड़ी)

ज्योतिष मतानुसार डेढ़ तोला वजनी कौड़ी लाभकारी, एक तेाला वजनी-मध्यम व इससे कम वजन की कौड़ी साधारण महत्त्व रखती है।

कौड़ियों के अनेक प्रकार से मनुष्य के कल्याण में उपयोग:-

मकान और आपकी सर्व तंत्र मंत्र जादू टोन से पूरी सुरक्षा के लिए:-

कई बार मकान अपने आप ढह जाता हैं या उसमें दरारें पड़ जाती है। इसकी रोकथाम के लिए और आप और घर पर यदि किसी ने कोई तान्त्रिक क्रिया करवाई है तो,अपने मकान की मुख्य दरवाजे की चौखट पर बाहर से खड़े होक अपने सीधी और उलटी और तक काले धागे से जितने रंग की कौड़ियाॅ उपलब्ध हो उन्हें-सफेद-पीली-चितकबरी-काली के क्रम से उनमें छेद करके बाॅधने से पूरे भवन की सभी ग्रहों के प्रकोप से अनेक प्रकार से रक्षा होती है।और नजर रखकर या अहित करने के भाव से आये स्त्री या पुरुष का तन्त्र प्रभाव मिटाकर आपकी रक्षा होती है।पर होली और दीपावली या चाहें तो किसी भी माह में पड़ने वाले सभी ग्रहणों पर उन्हें उतार कर गंगाजल से घोकर अपनी पूजा की ज्योत पर 7 बार उलटा घूमकर फिर अपने सीधे हाथ में ही रखकर मन की आँखों से कौड़ियों को देखते हुए लगातार जितना भी हो सके गुरु व् इष्ट मंत्र जपते जाये और फिर से उन्हें अपनी मुख्य चौखट पे बांध दे।तो ये कौड़िया अभिमन्त्रित होकर आप पर आये गुप्त तन्त्र मंत्र से रक्षा कवच बनकर रक्षा करती रहेंगी।

व्यापार व् घर में निरंतर प्रगति के लिए अचूक उपाय:-

शुक्ल पक्ष के किसी भी शनिवार को एक बर्तन में 4 कौड़ियां-काली-सफेद-पीली-चितकबरी रखें और थोड़ा सा हताकर थोड़ा कपूर रखकर कपूर में आग लगाकर दुकान में पूजाघर से प्रारम्भ करके अपनी दुकान के सारे कोनें व् पूरे क्षेत्र में यानि केवल अपनी दुकान के अन्दर की तरफ रहकर घुमाये,फिर दुकान से बाहर निकल कर पहले जलते कपूर को अपनी दुकान के सीधे हाथ पर नाली के ऊपर रख दे या डाल दे और वे 4 कौड़ियाॅ को अपने सीधे हाथ में लेकर अपने चारों और एक एक करके सफेद को पूर्व दिशा में,व् पीली को पश्चिम दिशा में,व् चितकबरी को उत्तर दिशा में और काली कोडी को दक्षिण दिशा में फेंके,ऐसा प्रत्येक शुक्ल पक्ष के महीने में एक या दो बार शनिवार को करने से आपके रुके व्यापार में और चल रहे व्यापार में निरंतर कार्य इर् धन में प्रगति होती है।ऐसा आप चाहे तो अपने घर से भी उतार कर कर सकते है।तो घर में भी अनेकों समस्याओं में शांति आकर मांगलिक कार्यों में आई रुकावट और बच्चों की शिक्षा में,व् रोगों और घर ने अनावश्यक कलह आदि में अति शीघ्र शांति होकर शुभ लाभ की प्राप्ति होती है।

अनेकों प्रकार के जन्मकुंडली के ग्रहण दोषों और धन बन्धन आदि के साथ रोगों के नाश के लिए:-

पीली कौड़ी में छेद करके ,दैनिक पंचांग में देख कर किसी भी पुष्य नक्षत्र में एक ताॅबे के सिक्के में छेद कर के दोनों को एक साथ एक लाल या पीली रेशम की डोरी में बांध दें।और इस कौड़ी और तांबें के सिक्के का ताबीज गले या सीधी बांह में प्रातः स्नान आदि पूजन करके पहनने पर आपके ऊपर लगे सभी ग्रहण और दोषों में बड़ी शांति आकर आपका रुका और फंसा धन की प्राप्ति होती है और चल रहे रोग में भी बड़ी शांति होकर धीर धीरे वो भी दूर हो जाता है।

शरीर में निरोग और बल स्तंभन के लिए:-

रविवार के दिन किसी घोड़े वाले के यहाँ से उसको दान देकर उसके घोड़े व खच्चर की पूॅछ का बाल तोड़कर लाये और फिर काली कौड़ी में छेदकर उस बाल को पिरोकर किसी प्रकार बाल सहित या फिर बाल सहित काली कौड़ी को एक काले कपड़े में बांधकर उसे दाहिनी भुजा में बाॅध लेने से सभी प्रकार की बुरी शक्तियों का प्रभाव और सभी प्रकार की नजर नहीं लगने से व्यक्ति का शरीर बहुत हद तक निरोगी रहकर उसे पूर्ण सुख की प्राप्ति होती है।

सन्तान सुख प्राप्ति के लिए:-

जिन लोगों को सन्तान नहीं हो रही है, वे लोग पूजन स्थान में 11सफेद कौड़ियां में छिद्र कराकर एक छोटे से लॉकेट नुमा श्री यन्त्र के साथ एक लाल कपड़े में रखकर उसकी अपने गुरु मंत्र की और इष्ट मंत्र की या जिन पर केवल गुरु मंत्र ही इष्ट मंत्र हो,वो केवल अपने गुरु मंत्र की ही 11 माला जप स्नान ज्योति जलाकर पूजा करें और अंत में गुरु चालीसा का 7 बार पाठ करके फिर गुरु व् इष्ट की आरती से समापन करके तथा किसी ब्राह्मण से या स्वयं ही गुरु व् इष्ट मंत्र से यज्ञ करवाकर या स्वयं करके पीले धागे में ये 11 कौड़ी व् श्री यंत्र को अपने गले में धारण करें।ये थोड़ा ज्यादा सा लगेगा।अन्यथा केवल तीन कोड़ी और एक श्री यंत्र की ऐसे ही पूजाकरके पहन सकते है।स्त्री और पुरुष दोनों ही इसे पहने,तभी सम्पूर्ण ओर शीघ्र संतान लाभ प्राप्त होगा।अन्यथा स्त्री तो पहनेगी ही।
तो अवश्य शीघ्र ही सन्तान का सुख प्राप्त होगा।

विशेष ज्ञान:-बाकि मैने पूर्व लेख में कहा था की-जो गुरु मंत्र और इष्ट मंत्र में अधिक विश्वास नहीं करते है और सेवा तप जप दान विशेष नहीं करते है और करते है,तो बहुत कम और केवल अपने स्वार्थ को रख कर ही,और केवल उपयोगिता लेने में अधिक विश्वास करते है।ऐसे भक्तों के लिए ही ये सब टोटके बने है।और जो सदा समय पर अधिक से अधिक दान-सेवा-नियमित जप तप करते है।उन पर सदा बिन कहे ही गुरु और इष्ट कृपा बनी रहती है और सदैव कल्याण होता रहता है।

 

इस लेख को अधिक से अधिक अपने मित्रों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों को भेजें, पूण्य के भागीदार बनें।”

अगर आप अपने जीवन में कोई कमी महसूस कर रहे हैं घर में सुख-शांति नहीं मिल रही है? वैवाहिक जीवन में उथल-पुथल मची हुई है? पढ़ाई में ध्यान नहीं लग रहा है? कोई आपके ऊपर तंत्र मंत्र कर रहा है? आपका परिवार खुश नहीं है? धन व्यर्थ के कार्यों में खर्च हो रहा है? घर में बीमारी का वास हो रहा है? पूजा पाठ में मन नहीं लग रहा है?
अगर आप इस तरह की कोई भी समस्या अपने जीवन में महसूस कर रहे हैं तो एक बार श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज के पास जाएं और आपकी समस्या क्षण भर में खत्म हो जाएगी।
माता पूर्णिमाँ देवी की चमत्कारी प्रतिमा या बीज मंत्र मंगाने के लिए, श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज से जुड़ने के लिए या किसी प्रकार की सलाह के लिए संपर्क करें +918923316611

ज्ञान लाभ के लिए श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज के यूटीयूब  https://www.youtube.com/channel/UCOKliI3Eh_7RF1LPpzg7ghA  से तुरंत जुड़े

 

******

श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येंद्र जी महाराज

जय सत्य ॐ सिद्धायै नमः


Discover more from Khabar 24 Express Indias Leading News Network, Khabar 24 Express Live TV shows, Latest News, Breaking News in Hindi, Daily News, News Headlines

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Check Also

नुतन एडीआरएम प्रवीण पाठक यांचा सत्कार; रेल्वे कर्मचाऱ्यांच्या समस्या मांडल्या

नुतन एडीआरएम प्रवीण पाठक यांचा सत्कार; रेल्वे कर्मचाऱ्यांच्या समस्या मांडल्या

Leave a Reply

Discover more from Khabar 24 Express Indias Leading News Network, Khabar 24 Express Live TV shows, Latest News, Breaking News in Hindi, Daily News, News Headlines

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading