
यानी वोट डालने के बाद मतदाता को पर्ची से अपनी पसंद की पुष्टि करने वाली ये मशीन इस्तेमाल में नहीं आएगी।
अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या बिना वीवीपैट के चुनाव पारदर्शी रह पाएंगे? और विपक्ष इस पर इतना मुखर क्यों है?
महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग यानी एसईसी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया है कि राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों से संबंधित कानूनों या नियमों में वोटर वेरीफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल’ यानी वीवीपैट मशीनों के उपयोग का कोई प्रावधान नहीं है।
कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि अगर वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल संभव नहीं है, तो ग्रामीण और शहरी निकायों के चुनाव मतपत्र के जरिए कराए जाने चाहिए।
विपक्ष का तर्क है कि वीवीपैट से मतदाताओं को यह भरोसा मिलता है कि उनका वोट सही उम्मीदवार को ही गया है।
आयोग ने अपने बयान में कहा कि लगभग सभी स्थानीय निकाय चुनाव बहु-सदस्यीय वार्ड प्रणाली के तहत होते हैं। साथ ही आयोग ने यह भी बताया कि देश के सभी राज्य निर्वाचन आयोगों की भागीदारी वाली तकनीकी मूल्यांकन समिति (TEC) फिलहाल वीवीपैट के अनुकूल मतदान मशीन विकसित करने पर काम कर रही है। लेकिन समिति की अंतिम रिपोर्ट अभी आई नहीं है, इसलिए इस वक्त स्थानीय चुनावों में वीवीपैट का उपयोग संभव नहीं है।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि स्थानीय निकाय चुनावों में EVM यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का प्रावधान 2005 में जोड़ा गया था, लेकिन वीवीपैट के लिए अब तक कोई कानूनी व्यवस्था नहीं बनाई गई है।
तो अब सवाल यही है—क्या बिना वीवीपैट के चुनावों में जनता को पूरा भरोसा मिल पाएगा? या फिर विपक्ष की मांग पर सरकार को इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाना होगा?
Discover more from Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network Khabar 24 Express brings the latest Hindi News, Breaking News, Live TV, India News, Maharashtra News, Nagpur News, Politics, Crime, Business, Sports, Entertainment, Technology, Auto, Health, Education, Lifestyle and World News with fast, accurate and trusted updates 24×7