Breaking News
BigRoz Big Roz
Home / जीवन मन्त्र (page 20)

जीवन मन्त्र

शारदीय क्वार नवरात्रि का महत्व, माँ दुर्गा को प्रसन्न करने के उपाय और इन नवरात्रों में कैसे करें माँ पूर्णिमा देवी की मूर्ति स्थापना? जाने सब श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज से

          10 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि लग रही हैं और इन नौ दिनों के लिए माहौल पूरा भक्तिमय होने वाला है। तो इस भक्तिमय माहौल में अगर आप माँ दुर्गा और पूर्णिमा देवी की भक्ति अच्छे से कर गए या ये माँ आपसे प्रसन्न हो गईं …

Read More »

जानें सूर्य ग्रहण के दोष से बचने के उपाय और साथ ही जानें अगर पूजा में नारियल खराब है तो क्या संदेश देता है? इन सभी को बता रहे हैं श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज

          पूजा के दौरान अगर नारियल ख़राब निकलता है तो यह एक बड़ा संकेत है जिसे बहुत कम लोग ही जानते है :- इस विषय पर पूजन सिद्धांत अनुसार ज्ञान बता रहे है- स्वामी सत्येंद्र सत्य साहिब जी…   अब नवरात्रि प्रारम्भ होने वाली है और …

Read More »

श्राद्धों में एकादशी के व्रत से मिलता है पितरों को मोक्ष, जाने और क्या फायदे हैं इस एकादशी के बता रहे हैं श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज

          इन्दिरा एकाद्शी का पितृदोष मुक्ति महत्त्व:-(5-अक्टूबर 2018) इस दिन एकादशी व्रत से पितरों में विशेषकर सास सुसर व् दादा दादी व् परदादा परदादी को मिलता है मोक्ष, जानें व्रत विधि, कथा और पारण का समय..     इंदिरा एकादशी 2018 कब कैसे मनाये और अपने …

Read More »

क्या मूल्यहीन कौड़ियां भी दिला सकती हैं जीवन की अनेकों समस्याओं से निज़ात? (भाग-2) बता रहे हैं श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज

      कौड़ी का स्वरुप शिव की जटाओं के आकार जैसा है इसी कारण से इसे कपर्दिन भी कहते है जो संस्कृत के शब्द कर्दप का रूप है, जो शिव के श्रंगार का एक अंग भी है। इसके विषय में कई प्रकार की लोकोक्ति और मुहावरें प्रचलन में आज …

Read More »

अगर आपके मन में किसी भी तरह का कोई संशय है या मन में प्रश्न है, तो श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज दे रहें मौका आप सवाल पूंछे, स्वामी जी वीडियो के जरिये देंगे जबाव

          सवाल आपके जबाव स्वामी जी के… श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज आप सभी को एक ऐसा मौका दे रहे हैं जिसके बाद आपके मन के सभी सवाल जबावों में बदल जाएंगे।   बहुत से लोगों के मन में बहुत सारे सवाल होते हैं जिन्हें …

Read More »

तंत्र-मंत्र, काला जादू और तांत्रिक प्रयोगों से रक्षा हेतु सिद्ध करें काली कौड़ी, घर-परिवार में परेशानी, नौकरी जैसे सारी बाधायें हो जाएंगी पलक झपकते दूर, बता रहे हैं श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज

        समुंद्री जीव के शरीर का ठोस आवरण कौड़ी कहलाता है, यह कई प्रकार की होती है, शायद आप जानते हों कि इसी कौड़ी का प्रयोग मुद्रा के रूप में हुआ था। लेकिन कहा जाता है कि कौड़ी से कई सारी तांत्रिक विद्याएं काटी जा सकती हैं …

Read More »

क्या मंत्र जप से एक दूसरे के कर्म काटने और उसको शुभ फल प्राप्ति को लेकर कोई विशेष प्रभाव होता है? (भाग-दो) बता रहे हैं श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज

        क्या मंत्र जप से एक दूसरे के कर्म काटने और शुभ फल प्राप्ति को लेकर विशेष प्रभाव होता है? क्या वाकई ऐसा होता है? श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज पहले भाग में मंत्र जप के बारे में बता चुके हैं और इसके दूसरे भाग में …

Read More »

क्या मंत्र जप (भाग एक) से एक दूसरे के कर्म काटने और शुभ फल प्राप्ति को लेकर कोई विशेष प्रभाव होता है? बता रहे हैं श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज

        मंत्र जप अनेक लोगों की दिनचर्या का हिस्सा होता है। केवल हिंदू धर्म ही नहीं बल्कि अन्य धर्मों में भी अपने-अपने धर्मग्रंथों के अनुसार जप का प्रभाव बताया गया है। इसीलिए अधिकांश लोग काम्य जप करते हैं। काम्य यानी किसी न किसी कामना, उद्देश्य की पूर्ति …

Read More »

संत हरिदास के जन्मदिन पर श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज की कविता रूपी श्रद्धांजलि

      श्री बांके बिहारीजी महाराज के साथ यदि किसी का नाम अमर हुआ है तो वो है कृष्णोपासक सखी संप्रदाय के प्रवर्तक स्वामी हरिदास जी महाराज का, वे कृष्ण के परम भक्त , कवि और संगीतकार थे। इनके कृष्ण की सखी ललिता का अवतार माना जाता है। संत …

Read More »

पितृपक्ष (भाग-आठ) जन्मकुंडली में 12 प्रकार के पितृदोष, जानें बचने के उपाय, श्राद्ध तर्पण में कैसे करें भाग्य उदय? बता रहे हैं श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज

“पितृदोष के बारे में संतों का मत है कि पूर्व जन्म के पापों के कारण या पितरों के श्राप के कारण यह दोष कुंडली में प्रकट होता है। अतः इसका निवारण पितृपक्ष में शास्त्रोक्त विधि से किया जाता है। अगर पितृदोष को समझ लिया जाए तो निवारण भी आसानी से …

Read More »

पितृपक्ष (भाग सात), पितरों का सपने में दिखना होता है शुभ या अशुभ जानें यह महत्वपूर्ण तथ्य श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज से

            पितरों का सपने में आना बहुत सारे संकेत देता है। कई बार पितरों का सपने में आना उनकी नाराजगी जाहिर करता है, तो कई बार आपको आने वाली दुर्घटनाओं से पूर्व चेतावनी देता है। यानि पितृ स्वप्न ये निर्देश कर देते हैं कि जीवन …

Read More »

पितृपक्ष (भाग छः) यानि प्रायश्चित दिवस, श्राद्ध के समय में क्या करें क्या नहीं? कोई शुभ कार्य करने से क्या हो सकता है नुकसान? बता रहे हैं श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज

        पितृपक्ष यानि श्राद्ध शुरू हो चुके हैं। श्राद्धों की हिन्दू धर्म में बहुत मान्यता है। इन दिनों बहुत से ऐसे कार्य होते हैं जो नहीं किये जाते, शुभ कार्य या कोई नया कार्य इन शार्द्धों में वर्जित माना गया है।   तो आइए श्री सत्यसाहिब स्वामी …

Read More »

पितृपक्ष (भाग-पांच), सोलह दिवस यानि पूर्णिमा से अमावस तक, पितृऋण से मुक्ति का ज्ञान एवं रहस्य, जानें पूजा विधि और महामंत्र, श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज की जुबानी

          पितृपक्ष के सोलह दिन आज से यानि 24 सितंबर से शुरू हो रहे हैं। इन सोलह दिनों में अपने पितरों को याद करके जितनी भी पूजा-पाठ की जाए वो उतना ही अधिक फल देती है। पितरों के त्याग भावना, परिवार के प्रति उनका समर्पण इन …

Read More »

पितृपक्ष (भाग चार) यानि प्रायश्चित दिवस इस संबंध में श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज के सच्चे अनुभव जरूर पढ़ें

      हिन्दू धर्म में श्राद्धों का विशेष महत्त्व है और हमारी पुरानी मान्यताओं के अनुसार श्राद्ध हमारे पूर्वजों का परिवार के प्रति त्याग, उनकी तपस्या, परिवार को बनाये रखने के लिए उनकी मेहनत आदि के लिए याद किया जाता है।   इंसान जब तक जीवित रहता है तब …

Read More »

श्राद्ध यानि पितृपक्ष (भाग तीन) का पुराणों में महत्व, कैसे श्राद्ध करने से मिलती है पितरों को मुक्ति? कैसे करें श्राद्ध? क्या मिलेगा फल? बता रहे हैं श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज

      आज श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज श्राद्ध का तीसरा महत्त्वपूर्ण भाग बात रहे हैं जिसे जानने के बाद आपके जीवन की बहुत सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी। पितरों के लिए श्रद्धा से किए गए मुक्ति कर्म को ‘श्राद्ध’ कहते हैं तथा तृप्त करने की क्रिया और …

Read More »

Subscribe