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PR Agencies विलेन या जीरो को हीरो कैसे बनाती हैं? Manish Kumar Ankur ने किस तरह एक-एक प्वाइंट को बताया है, पढ़कर आपका दिल दिमाग हिल जायेगा

आजका समय सोशल मीडिया का है, मीडिया का है, PR एजेंसी का है। जितनी ज्यादा चमक धमक उतना ज्यादा नाम। सच्चाई से दूर दूर तक का कोई वास्ता नहीं।

कई बार सेलिब्रिटीज (मीडिया, बॉलीवुड, पॉलिटिक्स, सोशल वर्कर्स, इंफुलेंसर के सोशल मीडिया एकाउट्स पर आपने देखा होगा कि किसी बात को लेकर, या पॉलिटिक्स को लेकर उनके पोस्ट एक जैसे या मिलते जुलते हैं। तो समझ जाइए ये सब करने के लिए उन्हें पैसे मिले हैं। मतलब कॉपी पेस्ट किया और पैसे अकाउंट में या कैश। बहुत से सेलिब्रिटी अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करने के लिए मोटा पैसा लेते हैं। यानि वे अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स को किराए पर देते हैं। लेकिन हमें उनके पोस्ट देखकर लगता है कि वाह ये तो हमारे वाले के ही समर्थक हैं और फिर हमारे “उनके” लिए दिल में इज्जत और बढ़ जाती है। लेकिन हमें यह नहीं पता होता कि ये सब पैसा खाए हुए हैं।

यह सब कार्य किया जाता है PR Agency के द्वारा। PR Agency वाले सेलिब्रिटीज से संपर्क करते हैं और उनसे डील करते हैं।
अब आप सोच रहे होंगे कि इतने बड़े सेलिब्रिटी को इस तरह की डील करने की क्या जरूरत है या इसमें उनका क्या फायदा है? वो तो पहले से ही इतना पैसा कमाते हैं

अरे भाई 10-20 हजार रुपए नहीं बल्कि लाखों, करोड़ की डील होती है। और ये लाखों, करोड़ रुपए बिना किसी मेहनत के यानी कॉपी पेस्ट के होते हैं। झंझट भी नहीं होता, कुछ गलत मैसेज जाए तो बाद में माफी मांग ली जाती है और आप लोग भोले तो होते ही हैं… बेचारों को माफ भी कर देते हैं.. अब माफ करने में कौनसा आपका कोई खर्चा हो रहा है या मेहनत लग रही है..। बस ऐसे ही चलता रहता है और लोग आपको चलाते रहते हैं। PR Agency जैसे मर्जी आए आपको घुमा देती है और आप फिर से बड़े वाले भोले होते हैं… घूम जाते हैं।

अब उदाहरण के लिए पुष्पा फिल्म को ही ले लीजिए….।

फिल्म “पुष्पा”यानि साउथ सिनेमा की सुपर डुपर हिट फिल्म “पुष्पा”।

पुष्पा फिल्म वीरप्पन के किरदार पर बनी है और अलु अर्जुन ने पुष्पा यानी वीरप्पन का किरदार निभाया है। और जब हीरो एक आतंकवादी, गुंडे या लुटेरे का किरदार निभाता है तो लोगों को उसमें कोई खोट या बुराई नजर नहीं आती है। आजका समय ठीक वैसा ही ही…। आपको विस्तार से ऊपर बताया जा चुका है।

पहले गुंडे को हीरो बनाओ और फिर उसको लोगों का आदर्श बना दो… PR एजेंसियों का असल काम यही होता है। बस सामने वाले के पास मोटा पैसा होना चाहिए।

दुनिया के सबसे बड़े चंदन तस्कर, अतांकवादी वीरप्पन ने Unofficial लगभग 1000 लोगों को मारा होगा। इनमें सबसे ज्यादा पुलिस और आर्मी के जवान थे..। लेकिन पुष्मा फिल्म में विलेन का किरदार एक हीरो को मिला था, इसके डायलॉग, डांस सब कुछ शानदार था शानदार से मेरा मतलब फिर PR Agency से है।

हर किसी की जुबान पर “झुकेगा नहीं साला” वाला डायलॉग था… क्या नेता, क्या अभिनेता और क्या जनता… सबके मुंह पर झुकेगा नहीं साला और पुष्पा के डायलॉग और डांस…।

देश में भी यही चल रहा है और चलता आ रहा है। विलेन को हीरो बनाने का काम मीडिया, सोशल मीडिया, PR एजेंसियां बड़ी ही सिद्धत के साथ करती हैं।

फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब इत्यादि सोशल मीडिया अकाउंट्स से यही काम करते हैं और इनका ठेका भी PR Agency के पास ही होता है। आप जो सोशल मीडिया फ्री में इस्तेमाल करते हैं दरअसल आजके जमाने में फ्री कुछ भी नहीं है। आपको भले उसका ज्ञान हो या न हो… फ्री में दी जाने वाली सेवाओं की आपसे भरपूर और मनमर्जी की कीमत वसूली जा रही है। और फिर से वही कि आप बहुत भोले हैं… कीमत को वसूलने भी दे रहे हैं… आप कुछ कर भी नहीं सकते क्योंकि आप बहुत भोले हैं। और आपके इसी भोलेपन की वजह से आप और यह देश बर्बादी के कगार पर है।

आप भोले बनें रहिए सोशल मीडिया, मीडिया और PR एजेंसियां अपना काम करती रहेंगी।

#ManishKumarAnkur

+919654969006


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