
Bulandshahr के Modern Public School के 9वीं के छात्र Aditya Raj ने 8 मेजर ऑपरेशन के बावजूद कक्षा में तीसरा स्थान हासिल कर मिसाल पेश की। पढ़िए उनकी प्रेरणादायक कहानी।
Bulandshahr News: हौसलों के आगे बीमारी भी छोटी पड़ गई
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो परिस्थितियां भी रास्ता नहीं रोक सकतीं। Bulandshahr के Modern Public School में कक्षा 9 में पढ़ने वाले 15 वर्षीय आदित्य राज ने अपने संघर्ष और मेहनत से एक मिसाल कायम की है।
आदित्य राज इस वर्ष अपनी कक्षा में तीसरे स्थान पर आए हैं। सुनने में यह सिर्फ एक नंबर लग सकता है, लेकिन जब उनकी जिंदगी की सच्चाई सामने आती है तो यह उपलब्धि किसी टॉप रैंक से कम नहीं लगती।
महज 15 साल की उम्र में आदित्य के 8 मेजर ऑपरेशन हो चुके हैं। लंबे इलाज और शारीरिक तकलीफों के बावजूद उन्होंने कभी पढ़ाई से समझौता नहीं किया। उनकी सेहत आज भी पूरी तरह ठीक नहीं है। चलने-फिरने में दिक्कत होती है, लेकिन उनके इरादे बेहद मजबूत हैं।
स्कूल में पढ़ने वाले अन्य छात्रों की तरह आदित्य के लिए हर दिन आसान नहीं होता। फिर भी वे नियमित रूप से पढ़ाई करते हैं, अपना काम खुद करने की कोशिश करते हैं और अधिकतर समय किताबों में व्यस्त रहते हैं।
मां-पिता के त्याग को बनाते हैं अपनी ताकत
आदित्य का कहना है कि उन्हें सिर्फ कुछ साबित नहीं करना, बल्कि करके दिखाना है। वे अपनी मां मंजरी और पिता अरुण का नाम रोशन करना चाहते हैं।
उनकी मां ने कई रातें जागकर उनकी देखभाल की है, उनकी मां ने जो त्याग किया है वो किसी भी मां के लिए आसान नहीं होता है। आदित्य कहते हैं कि उनकी मां ने उनके लिए अपने जीवन की सारी खुशियां कुर्बान कर दी और दिन रात उनकी देखभाल की। वहीं पिता ने हर दर्द को अपने दिल से महसूस किया है। आदित्य मानते हैं कि माता-पिता के त्याग का सम्मान करना उनकी जिम्मेदारी है। यही सोच उन्हें हर मुश्किल में आगे बढ़ने की ताकत देती है।
तीसरे नंबर पर आकर भी क्यों हैं ‘टॉप’
बहुत से लोग सोच सकते हैं कि तीसरे स्थान पर आना कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है। लेकिन जब एक बच्चा गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं, लगातार ऑपरेशन और शारीरिक चुनौतियों के बीच पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करे, तो वह वास्तव में टॉप ही कहलाता है।
आदित्य राज ने यह साबित कर दिया है कि सफलता केवल रैंक से नहीं, बल्कि संघर्ष से तय होती है। Bulandshahr के Modern Public School के लिए भी यह गर्व का विषय है कि उनके विद्यालय का एक छात्र विपरीत परिस्थितियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है।
आदित्य राज की कहानी उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है जो छोटी-छोटी मुश्किलों को बहाना बना लेते हैं। यह कहानी बताती है कि जब हौसले बुलंद हों, तो कोई बीमारी, कोई दर्द और कोई चुनौती मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती।
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