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गोंदिया में स्वाइन फ़्लू से हुई मौत के बाद डॉ0 किशोर सोनवाने का जागरूकता अभियान

 

 

 

 

 

गोंदिया जिले में स्वाइन फ़्लू से मौत की ख़बर पर ख़बर 24 एक्सप्रेस ने एक रिपोर्ट की थी जिसे डॉ0 किशोर सोनवाने ने भी पढ़ा और उन्होंने स्वाइन फ़्लू के खिलाफ लोगों को जागरूक करने का फैसला किया।

 

 

डॉ0 किशोर सोनवाने ने स्वाइन फ़्लू से बचने के बहुत सारे उपाय सुझाएँ हैं जिनको अपनाने के बाद आप स्वाइन फ़्लू से तो बच सकते हैं साथ ही इसको बढ़ने से भी रोकने में सहायक हो सकते हैं।

 

देश में स्वाइन फ्लू का आतंक :-

जानिए स्वाइन फ्लू क्या है ….साथियों, यह एक संक्रामक रोग है जो वायरस के संक्रमण से फैलता है ।
आज से लगभग 3 दशक पूर्व यह फ्लू केवल सुअरों में पाई जाती थी। जीवन की भोग विलासिता व पाश्चात्य शैली तथा विकास व पर्यावरण के बिगड़ते संतुलन के कारण मनुष्य के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता दिन पर दिन कम होती जा रही है। दुष्परिणाम स्वरूप आज नित नई व्याधियां जन्म ले रही है। स्वाइन फ्लू भी उन्हीं में से एक है ।

कारण :
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एच 1 ऐ न 1 वायरस

लक्षण :
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– तेज बुखार के साथ सिरदर्द व बेचेनी लगना।
– सर्दी, खासी, जुखाम के साथ पूरे शरीर की मांस पेशियों में दर्द बना रहना ।
– बुखार के साथ उल्टी व जी मिचलाना ।
– 2 से 3 दिन में ही रोगी को न्यूमोनिया जैसे लक्षण दिखाई देने लगते है ।
– छाती में दर्द व सांस फूलने लगती है ।
– त्वचा व होंठ नीले पड़ने लगते हैं ।

यदि इस प्रकार के लक्षण किसी में भी दिखाई देते हैं तो समीप के चिकित्सक या अस्पताल में तुरँत जांच करवाना चाहिए ।

स्वाइन फ्लू के लक्षण साधारण फ्लू से काफी हद तक मिलते जुलते हैं। इसलिए विशेष ध्यान रखने की जरूरत है ।
स्वाइन फ्लू के चपेट में आने के 2 से 3 दिन में ही मरीज की हालत गम्भीर होने लगती है ।

होम्योपैथी में है स्वाइन फ्लू की प्रतिरोधक औषधी :

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डरिये नहीं ,स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए अपने समीपस्थ होम्यो0 चिकित्सक से सम्पर्क कर स्वाइन फ्लू की रोग निरोधक दवा तुरन्त लेवे व परिवार के सभी सदस्यों को खिलाएं।

यह औषधी शरीर में स्वाइन फ्लू के वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी तैयार करती है और वायरस को नष्ट कर देती है।

 

इसके अलावा और भी कई बचाव हैं जो आप अपना सकते हैं।

 

1. अगर आप इसके शिकार है तो दोनों तरह से धुली हुई तुलसी की पत्तियाँ रोज सुबह लें। तुलसी में खुद का अपना अलग ही एक चिकित्सीय गुण है। यह व्यक्ति के गले और फेफड़े को साफ रखता है और साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर संक्रमण से भी बचाता है।

2. गिलोय – गिलोई यहां इंडिया के कई क्षेत्रों में सामान्य रूप से मिल जाता है | गिलोई की एक फुट लंबी शाखा लेकर इसमें तुलसी की 5 से 6 पत्तियाँ मिलाकर इसे 15 से 20 मिनट तक उबाल लें, और तब तक उबाले जब तक कि इसके तत्व ना घुल जाएँ। इसे ठंडा होने दें और गुनगुने पानी के साथ इसका सेवन करें।

3 . कपूर – कपूर भी एक घरेलू नुस्खा जय और ये भी स्वाइन फ्लू से बचाने में लोगों की बहुत मदद करता है। इसके लिए गोली के आकार का एक कपूर का टुकड़ा महीने में एक या दो बार गरम या गुनगुने पानी के साथ निगल सकते हैं।

4. गुनगुना दूध : स्वाइन फ़्लू से बचने के लिए रोज़ाना रात को गुनगुने दूध में हल्दी डालकर पीने से भी आराम मिलता है ।

5. नीम : यह नुस्खा तो बहुत सारी बीमारियों से लड़ने में कारगर साबित होता है। इसके लिए आपको रोज़ाना नीम की 3 से 5 पत्तियां चबानी पड़ेंगी जिससे खून भी साफ रहता है और स्वाइन फ्लू का खतरा भी काम हो जाता है ।

6 . विटामिन सी – स्वाइन फ़्लू से बचने के लिए खट्टे फल और Vitamin C से भरपूर आंवला जूस आदि का सेवन करें। चूंकि आंवले का juice हर महीने नहीं मिलता है ऐसे में आप पैक्ड आंवला जूस भी ले सकते हैं

 

स्वाइन फ़्लू से बचने के लिए आपको बरतनी होंगी ये सावधानी

1. अगर अभी आपको स्वाइन फ्लू नहीं है और आप इस भयंकर बीमारी से बचना चाहते हैं तो आप डॉक्टर की सलाह लेकर Nasovac Vaccine ले सकते हैं।

2. स्वाइन फ्लू से प्रभावित शहरों में हमेशा मास्क पहन कर ही रहना चाहिए । इसके साथ ही ये भी सावधानी रखनी चाहिए की स्वाइन फ्लू के मरीज़ के साथ अपना सामान ना शेयर करें।
3. जैसे ही आपको स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखे तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
4. जब कभी भी आपको खांसी या फिर झींक आए तो चेहरा रुमाल से ढककर रखें। इसके बाद टिशू पेपर को डस्टबिन में फेंक दें.
5. अपनी इम्यूनिटी को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने की कोशिश करें।

 

 

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ख़बर 24 एक्सप्रेस

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