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चंद्रशेखर बावनकुले ने विभाग प्रमुखों और सरपंचों के बीच समन्वय को लेकर कही ये बात

महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री व नागपुर अमरावती के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विभाग प्रमुखों और सरपंचों के बीच तालमेल को लेकर कहा कि विभाग प्रमुखों का सरपंचों के साथ समन्वय जरूरी है।

बावनकुले ने कहा कि सरकार की कई कल्याणकारी योजनाएं अंतिम व्यक्ति के विकास के उद्देश्य से बनाई गई हैं। इसमें राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार की योजनाएं भी शामिल हैं। तहसील स्तर पर प्रत्येक संबंधित विभाग प्रमुख को कृषि से लेकर पशुपालन, शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक विभिन्न योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सरपंच के साथ सीधे समन्वय करना चाहिए। वह मौदा में आयोजित सरपंचों की विशेष समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने छात्रों में बुनियादी साक्षरता, संख्यात्मकता और कौशल विकसित करने के लिए एक विशेष कार्य योजना तैयार की है। इसे ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में लागू किया जाना चाहिए। इस संबंध में जब तक पंचायत समिति में शिक्षा प्रसार पदाधिकारी प्राथमिक विद्यालयों के साथ समन्वय नहीं करेंगे, तब तक वास्तविकता का एहसास नहीं हो सकेगा।

उन्होंने कहा कि जब हम मंत्रालय स्तर पर सरकार को एक विजन देते हैं, तो हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि इसके वास्तविक क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संबंधित विभागों के प्रमुखों पर होती है। सामाजिक न्याय विभाग, पशुपालन विभाग और कृषि विभाग के अंतर्गत कई बुनियादी ढांचा विकास योजनाएं हैं। इसके स्वास्थ्य लाभ हैं। हमने यह सुनिश्चित करने के लिए राज्यव्यापी अभियान चलाया है कि किसानों को अपने खेतों तक जाने के लिए पक्की सड़कें उपलब्ध हों। इसका कार्यान्वयन प्रत्येक ग्राम-स्तरीय ठेकेदार और इंजीनियर द्वारा जिम्मेदारी से किया जाना चाहिए। इस बारे में किसी को कोई शिकायत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जिनके खिलाफ शिकायत होगी उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाएगी। बैठक में पूर्व विधायक टेकचंद सावरकर, उपविभागीय अधिकारी सचिन गोसावी, गट विकास अधिकारी विजय झिंगले, पंचायत समिति के अधिकारी, मौदा तालुका के सभी सरपंच व ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

राजस्व मंत्री बावनकुले ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के बारे में कई शिकायतें हैं। तालुका स्वास्थ्य अधिकारी को तालुका में प्राथमिक और उप-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का दौरा और निरीक्षण करना चाहिए। हमें प्रत्येक सरपंच के साथ समन्वय करना चाहिए तथा महामारी, कुष्ठ रोग, हाथीपांव जैसी बीमारियों के उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए। जब तक अधिकारी गांव स्तर पर जाकर इसकी समीक्षा नहीं करेंगे, तब तक लोगों को मिलने वाली सुविधाओं में कोई बदलाव नहीं होगा। व्यक्तिगत रूप से गांवों का दौरा नहीं करनेवाले अधिकारियों की जो शिकायतें मिली है, उन अधिकारियों से स्पष्टिकरण मांगा गया है।

ब्यूरो रिपोर्ट : खबर 24 एक्सप्रेस


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