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हिन्दू धर्म में कैलाश को जान गए तो मानों हिंदुत्व को जान गए, भगवान भोलेनाथ की अनौखी महिमा है कैलाश पर्वत : श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज

 

 

 

”हिमालयात् समारभ्य यावत् इन्दु सरोवरम्। तं देवनिर्मितं देशं हिन्दुस्थान प्रचक्षते॥”

 

अर्थात : हिमालय से प्रारंभ होकर इन्दु सरोवर (हिन्द महासागर) तक यह देव निर्मित देश हिन्दुस्थान कहलाता है।

 

 

“कैलाश पर्वत यानि भगवान श्री भोलेनाथ का पवित्र धाम, एक ऐसा धाम जिसके दर्शन मात्र से ही लगता है कि सारा संसार पा लिया। कैलाश पर्वत के दर्शन मानों साक्षात भोले बाबा के दर्शन हो गए।”

 

कैलाश पर्वत के बारे में अनेकों रहस्य जुड़े हुए हैं जो बहुत ही कम ज्ञानी, विद्धवान महापुरुषों को मालूम हैं। आज श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज कैलाश पर्वत से जुड़े कुछ ऐसे ही रहस्य से पर्दा उठाने जा रहे हैं।

स्वमी सत्येन्द्र जी महाराज कहते हैं कि कैलाश पर्वत विश्व का वो सबसे जीवंत, चमत्कारी पवित्र धाम हैं जिसके दर्शन मात्र से जीवन के सभी सुख प्राप्त हुए से महसूस होने लगते हैं। ऐसा लगता है कि शायद जीवन का उद्देश्य पूरा हो गया।
स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज कहते हैं कि कैलाश पर्वत अपने अंदर सैकंडों ऐसे रहस्य समेटे हुए है जिनसे पूरी दुनिया के कुछ गिने चुने ज्ञानी महापुरुष ही जानते हैं।

 

मानसरोवर के पास स्थित कैलाश पर्वत पर भगवान शिव साक्षात विराजमान हैं। यह संस्कृत शब्द मानसरोवर, मानस तथा सरोवर को मिल कर बना है जिसका शाब्दिक अर्थ होता है- मन का सरोवर।
कैलाश मानसरोवर का नाम सुनते ही हर किसी का मन वहां जाने को बेताब हो जाता है। मानसरोवर के पास एक सुन्दर सरोवर रकसताल है। इन दो सरोवरों के उत्तर में कैलाश पर्वत है। इसके दक्षिण में गुरला पर्वतमाला और गुरला शिखर है। मानसरोवर के कारण कुमाऊं की धरती पुराणों में उत्तराखंड के नाम से जानी जाती है।

इस क्षेत्र को स्वंभू कहा गया है। वैज्ञानिक मानते हैं कि भारतीय उपमहाद्वीप के चारों और पहले समुद्र होता था। इसके रशिया से टकराने से हिमालय का निर्माण हुआ। यह घटना अनुमानत: 10 करोड़ वर्ष पूर्व घटी थी।

इसके अलावा इस अलौकिक जगह पर प्रकाश तरंगों और ध्वनि तरंगों का अद्भुत समागम होता है, जो ‘ॐ’ की प्रतिध्वनि करता है, यह दुनिया का पहला ऐसा क्षेत्र है जहाँ “ॐ” सुनाई देता है और “ओमकार” यानी भगवान शिव के साक्षात दर्शन भी होते हैं।

 

“अब बात करते हैं कैलाश पर्वत पर स्वामी जी के बताए इस परम ज्ञान की”

 

आज का दिया ये प्रयोग आज तक किसी ज्योतिषी, पण्डित, भक्त या वास्तुशास्त्री ने नहीं बताया होगा और बताएगा भी कैसे ??

उन्हें ये पता ही नहीं…कि-

“भगवान शिव शक्ति धाम यानि कैलाश पर्वत के चित्रों से कैसे हिन्दू भक्त सम्पूर्ण लाभ उठाये..”

चूँकि अभी तक ये कैलाश पर्वत धाम जो विश्व का सबसे जीवन्त चमत्कारी और पवित्रतम धाम है, वो भारत देश के अधीन नहीं होकर चीन देश के अधीन होने से,वहां तीर्थ यात्रा नहीं कर पाने को लेकर, इसका महत्त्व भारत के भक्तों में कम ही हो गया है और अन्य शिव धाम या बारह ज्योतिर्लिंग की उपासना और दर्शन सहज होने से ज्यादा प्रचलन में होने से भक्त इस कैलाश पर्वत को केवल एक दुर्लभ मान कर भूलते जा रहे है, जबकि इस कैलाश से ही सारे वेद और पुराण और हिन्दू संस्कर्ति और धर्म शक्ति का मूल प्रवाह भारत भर में है, इसी कैलाश पर्वत की शक्ति ही सभी बारह ज्योतिर्लिंगों में व्याप्त है। इस कैलाश पर्वत की उपेक्षा और पूजा के नहीं होने से हमारे भारत भर के पूज्य स्थलों की दिव्यता और चमत्कारिक शक्ति का सम्पूर्ण लाभ नहीं मिल पा रहा है,

 

आओ..जाने की-हम कैसे अपने सभी 12 कालसर्प दोष का सच्चा निदान हो या इष्ट सिद्धि की प्राप्ति में विध्न बांधा दोष हो या भौतिक लाभों के पूर्णता से नहीं मिलने के रहस्यमयी कारण हो,तो उनको कैसे प्राप्त करें।

 

देवाधिदेव महादेव..रूद्र.. शिव धाम “कैलाश-पर्वत” का चित्र लगाये और अपने घर..ऑफिस..व्यपार स्थान पर दिव्य ऊर्जा की सकारात्मक चमत्कारी शिव कृपा पाये:-..

ये सत्य है की-आज तक कोई पर्वतारोही कैलाश पर्वत पर नहीं चढ़ा पाया है,क्योकि वहां है..शिव शक्ति का वास यानि शिव पुरुष शक्ति(-,ऋण शक्ति) और शक्ति माने स्त्री शक्ति(+,धन शक्ति) यो कैलाश पर्वत के चित्र के माध्यम से हम शिव और शक्ति की सकारात्मक कृपा शक्ति से जुड़ते है,यो इस कैलाश पर्वत के त्रिकाल सम्बंधित तीन चित्र है-

1-स्वर्ण आभायुक्त कैलाश।
2-रजत आभायुक्त कैलाश।
3- नील आभायुक्त कैलाश
4- ओंकार युक्त कैलाश
जो जीवन्त ओंकार दर्शन है,

इन दिव्य कैलाश पर्वतचित्रो का उपयोग कैसे करे:-

1-स्वर्ण आभा वाला कैलाश चित्र:-
जिन्हें नोकरी की प्राप्ति करनी हो,जिन्हें पद और प्रतिष्ठा की प्राप्ति करनी हो,जिन्हें सन्तान और विशेषकर पुत्र की प्राप्ति करनी हो,उन्हें ये स्वर्ण आभा वाला कैलाश पर्वत चित्र अपने पूजाघर में लगाने से इष्ट कृपा से लेकर इष्ट मन्त्र सिद्धि तक प्राप्त होगी और अपने सोने के सिरहाने लगाने से मनचाही सन्तान की प्राप्ति से लेकर,परस्पर प्रेम और सभी प्रकार के बुर सपने और जादू टोन का प्रभाव नहीं होगा। और अपने ड्राइंग रूम में इस प्रकार से लगाये की-वहां घुसते ही इसके दर्शन हो।तो आपको प्रसिद्धि से लेकर पद प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी।
दुकान और व्यापार स्थान पर लगाने से स्वर्ण स्वरूप लक्ष्मी माता की कृपा से धन की व्रद्धि होती चली जायेगी।

 

2-रजत यानि चांदी की आभा वाला कैलाश पर्वत का चित्र लगाने से लाभ:-

1-घर में शीघ्र सभी अनावश्यक विवाद समाप्त होकर अद्धभुत शांति की प्राप्ति होगी।
2-रोग का दमन होकर निरोगी लाभ की प्राप्ति होगी।
3-आपके घर के स्त्री पक्ष में व्यर्थ के भौतिक विचारों का बुरा प्रभाव समाप्त होकर उनमें पवित्रता का चमत्कारिक प्रभाव पढ़ेगा,जिससे घर की स्त्री-कन्या प्रसन्न तो स्वयं लक्ष्मी प्रसन्न होंगी ही।
और सबसे बड़ी बात ये है की-घर में यदि लड़की का मनवांछित विवाह नहीं हो रहा हो और विवाह टलता ही रहता हो,वो अशुभ योग शीघ्र ही मिटकर शुभ मंगलयोग यानि विवाह हो जायेगा।ये लड़के के विवाह के लिए भी इतना ही शुभ रहता है।

3-नील आभा वाले कैलाश पर्वत का चित्र लगाने का लाभ:-

नील रंग भगवान शिव का रूप है,तो मानो की आपके घर में साक्षात् भगवान शिव अपनी शक्ति के साथ पधारेंगे और निरन्तर आशीर्वाद देंगे।
नीला रंग आकाश का रंग है,और आकाश तत्व शिव जी से लेकर भगवान राम और भगवान कृष्ण और माता काली से लेकर भगवान कार्तिकेय और शनिदेव आदि का शारारिक रंग है,तो उनकी दिव्य शक्ति इस चित्र से साक्षात् आप पर आपकी रोज की नजर पड़ने से आपको मिलती रहेगी।यो नीला रंग सभी प्रकार के गुणों का विस्तार है।तो जाने की-
1-आपके सभी कार्यों में बढ़ोतरी होती चलेगी।
2-आपका वैभव बढ़ेगा।
3-आपकी विचार शक्ति चिंतन शक्ति से लेकर इच्छा शक्ति में अतुलनीय वृद्धि और विस्तार होने से आपको सभी क्षेत्रों में अद्धभुत लाभ मिलेगा।
4-आप पर सदा शनिदेव की महादशा से लेकर साढ़े साती हो या ढैया हो,वे सब आपके पक्ष में होकर आपको शुभ लाभ ही देंगी।

 

4-ओंकार यानि जीवित ॐ के चित्र दर्शन से लाभ:-

आप यदि आध्यात्मिकता की और बढ़ रहे है,तो इस चित्र के ध्यान के साथ अपने इष्ट मन्त्र के जप करने से आपका चित्त धीरे धीरे अनहद नाँद की प्राप्ति करने लगेगा।
ये साक्षात् जीवंत ओंकार है,यो आपका सीधा कैलाश की ऊर्जा से सम्पर्क होने के कारण आप इसके माध्यम कैलाश से निरन्तर निकलने वाली दिव्य शिव शक्ति ऊर्जा के ग्रहाक बन जाओगे और आपके माध्यम से वो दिव्य ऊर्जा आपके घर परिवार और आपके विचार किये सभी स्थानों पर फैलती हुयी कल्याण होगा।
कुछ समय उपरांत ही आप पाएंगे की आपका शरीर और परिवार शिव शक्ति की पवित्र ओंकार ऊर्जा से अनेकों लाभ और चमत्कार का अनुभव करेंगे।

यो आज हमें अति आवशयक्ता है-कैलाश पर्वत में बसी और प्रकट उस दिव्य शक्ति कि-जो की हमारे सबसे प्रथम और वैदिक प्राचीन भगवान रूद्र शिव शक्ति का जीवंत वास स्थान,उसका अपने घर घर में इन दिव्य चित्रों के सम्पर्क से आवाहन करें और शिव शक्ति की अकल्पनीय अद्धभुत कृपा शक्ति को पाये..और इन दिव्य अनुभवों को लोगों को भी बताएं।

इस लेख को अपने मित्रों पर अधिक से अधिक शेयर करके पूण्य लाभ कमाएं। इस लेख में स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज ने कैलाश पर्वत के बारे में चित्रण किया है वह कहीं और नहीं मिलेगा।

अतः इस लेख को ज्यादा से ज्यादा लोगों को भेजें और पुण्य कमाएं

 

“श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येंद्र जी महाराज”

“जय सत्य ॐ सिद्धायै नमः”

 

 


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