छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश की सीमा से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आई है। सुरक्षा बलों के लगातार जारी एंटी नक्सल अभियान में एक करोड़ के इनामी और देश के सबसे खूंखार नक्सली हिड़मा के मारे जाने की सूचना है।
बता दें कि मंगलवार सुबह करीब छह से सात बजे के बीच मारेदुमिल्ली इलाके में हुई बड़ी मुठभेड़ में कुल छह नक्सली ढेर किए गए हैं।
इनमें हिड़मा की पत्नी राजे उर्फ रजक्का का शव भी शामिल है। हालांकि हिड़मा के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि अभी इंतजार में है, लेकिन मौके से मिले इनपुट सुरक्षा एजेंसियों के लिए इसे ऐतिहासिक सफलता बता रहे हैं।
घने जंगलों में चला सबसे बड़ा ऑपरेशन
छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बल इन दिनों लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। मारेदुमिल्ली के घने जंगलों में हुई यह मुठभेड़ बेहद चुनौतीपूर्ण रही। सुरक्षा बलों ने न सिर्फ कठिन इलाके में घुसकर ऑपरेशन को अंजाम दिया बल्कि कई घंटों की गोलीबारी के बाद छह नक्सलियों को ढेर कर दिया। हिड़मा सालों से दक्षिण बस्तर क्षेत्र में नक्सली हिंसा का सबसे बड़ा चेहरा बन चुका था और कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता था।
अमित शाह ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग
हिड़मा की मौत की खबर सामने आते ही दिल्ली में हलचल तेज हो गई। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने तुरंत शीर्ष अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। सूत्र बताते हैं कि हिड़मा के खात्मे का लक्ष्य 30 नवंबर 2025 तक का था, लेकिन सुरक्षा बलों ने इससे पहले ही यह बड़ी सफलता हासिल कर ली। अमित शाह ने इस ऑपरेशन में शामिल सभी जवानों की बहादुरी की सराहना करते हुए इसे नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार बताया।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि हिड़मा की मौत के बाद नक्सली संगठन में कोई नया नेतृत्व तेजी से खड़ा न हो सके। केंद्र सरकार अब जंगलों में नक्सलियों के सपोर्ट नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।
कौन था एक करोड़ का इनामी हिड़मा
हिड़मा पिछले एक दशक से सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था। दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में हुए कई बड़े हमलों का नेतृत्व इसी ने किया था। वह नक्सल संगठन के सबसे वांछित कमांडरों में शामिल था और उसके सिर पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। उसकी मूवमेंट को ट्रैक करना हमेशा मुश्किल रहा क्योंकि वह जंगलों के अंदर बेहद सुरक्षित ठिकानों में रहता था।
ऑपरेशन की सफलता का मतलब क्या है
अगर आधिकारिक तौर पर हिड़मा के मारे जाने की पुष्टि हो जाती है, तो यह नक्सल विरोधी अभियान के इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक होगी। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इससे नक्सली गुटों का मनोबल टूटेगा और आने वाले दिनों में संगठन काफी कमजोर पड़ सकता है।
सुरक्षा बलों ने इस ऑपरेशन में खुफिया जानकारी का सही उपयोग किया और अत्यंत कठिन इलाके में जाकर नक्सलियों को घेरा। जमीन पर तैनात जवानों का साहस, धैर्य और रणनीतिक दक्षता इस सफलता की सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है।
हिड़मा के मारे जाने की खबर ने नक्सल विरोधी मोर्चे पर नई ऊर्जा भर दी है। अब नजर इस बात पर होगी कि संगठन का अगला कदम क्या होगा और सुरक्षा बल आगे किस रणनीति पर काम करेंगे।
Discover more from Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network Khabar 24 Express brings the latest Hindi News, Breaking News, Live TV, India News, Maharashtra News, Nagpur News, Politics, Crime, Business, Sports, Entertainment, Technology, Auto, Health, Education, Lifestyle and World News with fast, accurate and trusted updates 24×7