
तमिलनाडु के मूल निवासी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दृढ़ स्वयंसेवक SD Vijeyan (Shreegumi Dharman Vijeyan) अपने विचारों, सामाजिक योगदान और हिंदू समाज के लिए किए गए कार्यों के कारण लगातार सुर्खियों में रहते हैं।
विजयन का मानना है कि RSS सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है, और उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन इसी आत्मा, इसी राष्ट्रधर्म के लिए समर्पित कर दिया है।
SD Vijeyan कौन हैं?
SD Vijeyan एक समर्पित स्वयंसेवक, समाजसेवी और सनातन संस्कृति के प्रचारक हैं। दक्षिण भारत से आने वाले विजयन शुरू से ही राष्ट्रवादी विचारों से प्रभावित रहे। युवावस्था से ही उन्होंने सामाजिक कार्य, हिन्दू समाज के उत्थान और मंदिरों की सुरक्षा को अपना मुख्य उद्देश्य बना लिया।
आज वे दिल्ली में रहकर समाज को जोड़ने, शिक्षित करने और सनातन से जुड़े रहने की प्रेरणा देते हैं।
RSS के प्रति शुद्ध समर्पण
श्रीगुमि धर्मन विजयन का कहना है कि जब उन्होंने RSS की कार्यपद्धति, राष्ट्रनिर्माण में उसकी भूमिका और समाज को जोड़ने की उसकी शक्ति को जाना, तो उन्होंने फैसला किया कि वे अपना पूरा जीवन इसके लिए समर्पित कर देंगे।
विजयन कहते हैं, “RSS भारत की आत्मा है। यदि मैं किसी के लिए जी रहा हूं तो वह भारत की आत्मा और भारत की जनता है।”
उनकी दैनिक जीवनचर्या, विचारधारा और सामाजिक पहल RSS के सिद्धांतों पर आधारित रहती है।
बांग्लादेश के हिंदुओं के लिए संघर्ष
SD Vijeyan का नाम खासकर बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के समर्थन और संरक्षण से जुड़ा हुआ है। वे वहां के मंदिरों के संरक्षण, वहां बसे हिंदू समाज के अधिकारों और सुरक्षा के लिए लगातार काम करते रहे हैं।
विजयन का बड़ा दावा है कि वे बांग्लादेश में हिंदू समुदाय को संगठित कर उसे एक मजबूत सांस्कृतिक स्वरूप देना चाहते हैं। विजयन एक इंटरव्यू में कहते हैं, “मैं बांग्लादेश को हिंदू राष्ट्र बनाकर रहूंगा। वहां के मंदिरों को बचाना मेरी पहली जिम्मेदारी है।”
यह बयान लंबे समय तक चर्चा में रहा, और विजयन का यह रुख आज भी कट्टर संकल्प के रूप में देखा जाता है।
“हिंदू और एक्स हिंदू” वाला बयान
अपने एक चर्चित इंटरव्यू में SD Vijeyan ने कहा था कि भारत और भारतीय उपमहाद्वीप में मूल रूप से “हिंदू और एक्स हिंदू” ही हैं।
उनका तर्क था कि इस भूभाग पर सबसे पहले सनातन धर्म अस्तित्व में आया, और बाद में इसी धारा से बौद्ध, जैन और अन्य धाराएँ विकसित हुईं। इसलिए उनके अनुसार इस उपमहाद्वीप का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक मूल “सनातन” ही है।
यह बयान भी सोशल मीडिया और वैचारिक हलकों में लंबे समय तक बहस का विषय रहा।
अयोध्या आंदोलन में भूमिका, पहले कारसेवकों में नाम
SD Vijeyan का नाम अयोध्या आंदोलन से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने अपने कई इंटरव्यू में कहा है कि वे अयोध्या के पहले कारसेवकों में से एक थे।
विजयन के मुताबिक, बाबरी ढांचा गिराए जाने के दौरान वे कोठारी बंधुओं के साथ मौजूद थे। उसी समय यूपी पुलिस की गोलियों का निशाना कोठारी बंधु बने और SD Vijeyan भी पुलिस के राडार पर आ गए थे।
उस घटना का वर्णन करते हुए वे भावुक हो जाते हैं और कहते हैं कि वो पल उन्होंने जीवनभर नहीं भुलाया।
समाजसेवा और सनातन प्रचार का निरंतर मिशन
आज SD Vijeyan सक्रिय रूप से समाजसेवा, शिक्षण, सांस्कृतिक जागरूकता और सनातन धर्म के प्रचार में जुटे हुए हैं।
दिल्ली में रहते हुए वे लोगों को सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराओं और राष्ट्रहित के मूल्यों से जुड़ने की प्रेरणा देते हैं।
वे युवाओं को भारत के इतिहास, धर्म और अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने की शिक्षा देते हैं।
और अंत में...
SD Vijeyan एक ऐसे स्वयंसेवक हैं जिन्होंने अपना जीवन राष्ट्र, धर्म और समाज के लिए समर्पित किया है। RSS के प्रति उनकी निष्ठा, बांग्लादेश के हिंदुओं के संरक्षण के लिए उनका संघर्ष, अयोध्या आंदोलन में उनकी उपस्थिति और समाजसेवा के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता उन्हें एक प्रभावशाली और प्रेरक व्यक्तित्व बनाती है।
Exclusive Article : Manish Kumar Ankur, Khabar 24 Express
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