Jagdish Teli | Khabar 24 Express | अहमदाबाद : गुजरात की राजनीति में आज एक बड़ा राजनीतिक भूचाल देखने को मिला है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल (Bhupendra Patel) को छोड़कर राज्य के सभी मंत्रियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार सुबह 11:30 बजे नए चेहरों के साथ गुजरात कैबिनेट का विस्तार होने जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, इस बार करीब 10 नए मंत्री बनाए जाएंगे, जबकि कई मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी तय मानी जा रही है। राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह बदलाव गुजरात की राजनीति में नया संदेश है या फिर भाजपा का पुराना फॉर्मूला — “चेहरा बदलो, सत्ता बचाओ” एक बार फिर दोहराया जा रहा है?
भाजपा का “नो रिपीट” फॉर्मूला फिर एक्टिव
गुजरात की सत्ता में एक बार फिर भाजपा का पुराना ट्रेंड लौटता दिख रहा है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार में कुल 17 मंत्री हैं — जिनमें 8 कैबिनेट स्तर के और बाकी राज्य मंत्री (MoS) हैं। लेकिन अब सभी ने अपने इस्तीफे सौंप दिए हैं।
सूत्रों का कहना है कि भाजपा इस बार “नो रिपीट फॉर्मूला” पर काम कर रही है, जैसा कि 2021 में विजय रूपाणी सरकार के दौरान देखा गया था। उस वक्त पूरी कैबिनेट को बदल दिया गया था और भूपेंद्र पटेल को नया मुख्यमंत्री बनाया गया था।
2021 की तर्ज पर दोहराया जाएगा प्रयोग
2021 में जब विजय रूपाणी को हटाकर भूपेंद्र पटेल को सीएम बनाया गया था, तो पार्टी ने बड़े स्तर पर चेहरों में बदलाव किया था।
फिर 2022 विधानसभा चुनावों में भाजपा ने इतिहास रचते हुए 182 में से 156 सीटें जीतकर रिकॉर्ड बहुमत हासिल किया। तब पार्टी ने 103 नए चेहरों को टिकट दिया था। अब वही रणनीति मंत्रिमंडल में दोहराई जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा लगातार “चेहरे बदलकर” एंटी-इनकंबेंसी (Anti-Incumbency) को खत्म करने की रणनीति अपनाती है। पुराने चेहरों को हटाकर जनता के असंतोष को कम करने और नई ऊर्जा के साथ सरकार को ‘रिफ्रेश’ दिखाने का प्रयास किया जाता है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल पर भरोसा कायम
दिलचस्प बात यह है कि सीएम भूपेंद्र पटेल ने इस्तीफा नहीं दिया है। इसका मतलब साफ है कि भाजपा नेतृत्व उनका पूरा समर्थन कर रहा है। पार्टी का फोकस अब टीम में बदलाव पर है — ताकि आने वाले चुनावों से पहले सरकार को नया लुक और दिशा दी जा सके।
भाजपा के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, नई कैबिनेट में युवा और नई पीढ़ी के नेताओं को मौका मिलने की संभावना है। यह कदम भाजपा के मिशन 2027 की तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है।
मिशन 2027 की तैयारी शुरू
गुजरात में अगला विधानसभा चुनाव लगभग 26 महीने बाद होना है। ऐसे में भाजपा का यह कदम बताता है कि पार्टी ने अभी से मिशन 2027 की प्लानिंग शुरू कर दी है।
नई टीम के साथ भाजपा न सिर्फ संगठन को मजबूत करना चाहती है, बल्कि जनता को यह संदेश देना चाहती है कि सरकार में सुधार और बदलाव लगातार जारी हैं।
अब सबकी निगाहे नए कैबिनेट पर
अब गुजरात की राजनीति में सभी की निगाहें शुक्रवार सुबह 11:30 बजे के कैबिनेट विस्तार पर टिक गई।
देखना दिलचस्प होगा कि भूपेंद्र पटेल की नई टीम में कौन शामिल होता है और किनकी छुट्टी होती है।
इतना तो तय है कि यह फेरबदल एक बार फिर साबित करता है कि भाजपा चेहरों से नहीं, बल्कि रणनीति से चुनाव जीतती है।
और अंत में
गुजरात में भूपेंद्र पटेल सरकार का यह बड़ा बदलाव केवल मंत्रियों की अदला-बदली नहीं, बल्कि भाजपा की राजनीतिक तैयारी का हिस्सा है।
यह स्पष्ट करता है कि पार्टी ने जनता के मूड और 2027 की रणनीति को ध्यान में रखते हुए कदम उठाया है।
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ब्यूरो रिपोर्ट जगदीश तेली, गांधीनगर
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