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सिविल अस्पताल पलवल में लापरवाही, डॉक्टर नीरज ने गर्भवती महिला को निकाला बाहर, सड़क पर हुई डिलीवरी, नवजात की दर्दनाक मौत

“पलवल के सिविल अस्पताल (Civil Hospital Palwal) में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला, डॉक्टर नीरज पर लगा बड़ा आरोप — अल्ट्रासाउंड न कराने पर गर्भवती को अस्पताल से निकाला, सड़क पर ही बच्चे की डिलीवरी, कुछ मिनटों में नवजात की मौत”

हरियाणा के पलवल सिविल अस्पताल (Civil Hospital Palwal) से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां डॉक्टर नीरज पर आरोप है कि उन्होंने एक गर्भवती महिला को सिर्फ इसलिए अस्पताल से निकाल दिया क्योंकि उसने उनका कहा मानते हुए प्राइवेट अल्ट्रासाउंड नहीं करवाया। अस्पताल के बाहर महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दिया, लेकिन नवजात ने कुछ ही मिनटों में दम तोड़ दिया।


यह पूरा मामला रविवार सुबह करीब 11 बजकर 47 मिनट का है, जब एक गर्भवती महिला सिविल अस्पताल पलवल में तेज लेबर पेन के साथ पहुंची थी। लेकिन वहां मौजूद ड्यूटी डॉक्टर नीरज ने महिला को लेबर रूम में जाने की इजाजत नहीं दी।

परिजनों ने बताया कि डॉक्टर ने पहले अल्ट्रासाउंड कराने को कहा। जब उन्होंने पुरानी रिपोर्ट दिखाई तो डॉक्टर नीरज ने ताना मारा — “ये तो एक महीने पुरानी रिपोर्ट है, नया अल्ट्रासाउंड करवाओ!”

करीब आधे घंटे तक बहस चलती रही। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर नीरज को बाहर के प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटर से कमीशन मिलता है, इसलिए उन्होंने इलाज शुरू करने से पहले नया टेस्ट करवाने का दबाव बनाया।

इसी बीच महिला को असहनीय दर्द हुआ और वह अस्पताल से बाहर निकल गई। सड़क पर ही उसकी डिलीवरी हुई — और जन्म के कुछ ही मिनटों बाद मासूम की मौत हो गई।


जांच और प्रशासनिक प्रतिक्रिया:

घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। डॉक्टर नीरज और नर्स मौके से फरार हो गए।

इस मामले में सिविल अस्पताल पलवल के एसएमओ डॉ. सुरेश कुमार बरौलिया ने कहा कि घटना की जांच के लिए दो डॉक्टरों की टीम गठित की गई है।
डॉ. राशि और डॉ. ललित को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, और जिनके खिलाफ लापरवाही साबित होगी, उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


समाज में उठे सवाल:

अब सवाल ये है — क्या एक प्राइवेट अल्ट्रासाउंड के नाम पर किसी मां और उसके बच्चे की जान ली जा सकती है?
क्या अस्पताल अब इलाज के मंदिर नहीं, बल्कि कमीशन के अड्डे बन चुके हैं?

इस दर्दनाक घटना ने हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग और सिविल अस्पताल पलवल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


और अंत में:

यह घटना सिर्फ एक अस्पताल या एक डॉक्टर की लापरवाही नहीं, बल्कि उस सिस्टम की सच्चाई दिखाती है जो इंसानियत को पैसों के नीचे कुचल रहा है।
अब देखना होगा कि डॉक्टर नीरज और सिविल अस्पताल पलवल प्रशासन के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।


ब्यूरो रिपोर्ट : खबर 24 एक्सप्रेस, पलवल


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