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गंभीर बीमारी से जूझ रही 16 साल की रवीना को शारदा हॉस्पिटल के डॉक्टर्स ने दिया नया जीवन

“छह घंटों तक चली लंबी सर्जरी के बाद 13 सेमी का एक बड़ा दुलर्भ ट्यूमर निकाल कर बच्ची को दिया नया जीवन।”

25 नवंबर, 2023, ग्रेटर नोएडा: मरीजों की देखभाल और सुरक्षा के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए प्रसिद्ध स्वास्थ्य सेवा संस्था, शारदा हॉस्पिटल ने एक बार फिर चिकित्सा इतिहास में एक नया अध्याय लिखा है। शारदा हॉस्पिटल में प्रोफेसर रवि काले (बाल सर्जन) और डॉ. आशीष मौदगिल के नेतृत्व में सर्जनों की एक टीम ने छह घंटों तक चली लंबी सर्जरी के बाद 13 सेमी का एक बड़ा दुलर्भ ट्यूमर निकाल कर बच्ची को नया जीवन दिया है।

मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली रवीना विश्वास के घर वालों ने बताया कि पिछले कुछ समय से रवीना को पेट के बाईं ओर दर्द हो रहा था और पेट में बड़ी सी रसौली महसूस हो रही था। बीमारी के बेहतर इलाज के लिए आस-पास के विभिन्न अस्पतालों में गए थे, लेकिन आगे के प्रबंधन के लिए उन्हें उच्च केंद्रों में रेफर कर दिया गया था, फिर बाद में एक सीटी स्कैन और अन्य जांच से पता चला कि एक बड़ा पैरागैन्ग्लिओमा गुर्दे के ऊपर बैठा है और प्रमुख रक्त वाहिकाओं से निकटता से जुड़ा हुआ है। लाइलाज दिख रहे है इस चुनौतीपूर्ण केस को शारदा हॉस्पिटल के प्रोफेसर रवि काले (बाल सर्जन) ने अपने हाथों में लिया और अपनी काबिलियत और कड़ी मेहनत के दम पर रवीना को नया जीवन देकर नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया।

इस केस पर ख़ुशी और अपना अनुभव साझा करते हुए प्रोफेसर रवि काले ने कहा कि ‘इस ट्यूमर के कारण अज्ञात हैं और ये मुख्य रूप से छाती, गर्दन और खोपड़ी के निचले हिस्से में होते हैं। यह ट्यूमर अक्सर पेट में नहीं पाया जाता है और यह बहुत धीमी गति से बढ़ता है। रवीना के शुरूआती इलाज में हमारे सामने कुछ चुनौतियां थी लेकिन हमने वो सारी चिकित्सा सुविधाएं देने का प्रयास किया जो ज़रूरी थी लेकिन सर्जरी के बाद बायीं किडनी और मुख्य वाहिकाओं से निकट रसौली को हटा दिया गया। मुझे हमारी टीम जिनमें डॉ. आशीष मौदगिल, प्रोफेसर डॉ. शिव कुमार सिंह, (एनेस्थिसियोलॉजी) और प्रोफेसर डॉ. राम मूर्ति शर्मा पर गर्व है और ख़ुशी है कि उन्होंने इस केस को सफल बनाने और बच्ची को नया जीवन देने में अहम भूमिका निभाई है।’

अपनी बेटी के सफल इलाज पर भावुक होते हुए और ख़ुशी व्यक्त करते हुए रवीना के घर वालों ने कहा “हमने तो उम्मीद ही छोड़ दी थी, लेकिन शारदा हॉस्पिटल के डॉक्टर्स ने हमारी बच्ची को दूसरा जीवन देकर हमारे जीवन में खुशियां लौटा दी हैं”।

शारदा हॉस्पिटल के बारे में
2006 में स्थापित, शारदा हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा, एनसीआर में स्थित एक अत्याधुनिक मल्टी-सुपर-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल है। 9 एकड़ में फैले शारदा हॉस्पिटल में 1200 से अधिक बेड और वैश्विक मानकों के अनुरूप व्यापक चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के लिए सभी आधुनिक उपकरण और सुविधाएं उपलब्ध है। एनएबीएच से मान्यता प्राप्त शारदा हॉस्पिटल व्यापक तौर पर सुपर-स्पेशियलिटी, सामान्य विशेषता, उन्नत नैदानिक और रेडियोलॉजी सेवाओं से लेकर इमरजेंसी देखभाल, चिकित्सा सेवाएं प्रदान करता है। शारदा हॉस्पिटल के डॉक्टर, फैकल्टी अत्यधिक योग्य और अनुभवी हैं, जो विविध पृष्ठभूमि के रोगियों को सर्वोत्तम संभव नैदानिक परिणाम प्रदान करने में सक्षम हैं। साथ ही मेडिकल कॉलेज नवीनतम चिकित्सा और स्वास्थ्य देखभाल प्रथाओं को बनाए रखने के लिए चिकित्सा छात्रों को अनुसंधान और प्रशिक्षण देने पर ध्यान केंद्रित करता है।

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