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केरल में जलप्रलय: 94 सालों में सबसे बड़ी तबाही, जनजीवन अस्त व्यस्त, भीषण तबाही से अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत, लाखो बेघर

 

 

 

केरल में अबतक की सबसे भीषण तबाही से जहां जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त है वहीं 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इस जलप्रलय ने केरल को तबाह कर दिया है। अपनी खूबसूरती और प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर केरल को न जाने नज़र सी लग गयी है।

बता दें कि 94 साल में यह सबसे भयानक आपदा है जिसका सामना केरल कर रहा है। इस जलप्रलय ने जैसे अपने रास्ते की हर चीज को आपमें साथ में ले जाने की ठान ली हो।
वैसे तो राज्य की पुलिस और प्रशासनिक अमले के साथ ही सामाजिक संस्थाएं लोगों के बचाव और राहत कार्य में जी जान से लगे हुए हैं। वहीं कोच्चि स्थित नौसेना के हवाईअड्डे से व्यावसायिक विमानों का परिचालन आज से शुरू हो गया। आज सुबह एयर इंडिया का पहला विमान बेंगलूरू से यहां पहुंचा। भारी बारिश और बाढ़ के चलते कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर परिचालन 26 अगस्त तक बंद है ऐसे में नौसेना के हवाईअड्डे से छोटे विमानों का संचालन किया जा रहा है।

सेना के जवानों ने दी केरल को नई जिंदगी

केरल को बर्बाद करने में जलप्रलय ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है लेकिन सेना के जवानों ने भी केरल को बचाने के लिए कसम खा ली है।
केरल में आई इस भीषण तबाही के दौरान सेना के जवानों ने हजारों लोगों को नई जिंदगी दी है। अब लोग अपने-अपने तरीके से उनका शुक्रिया भी अदा कर रहे हैं। 17 अगस्त को एक घर से भारतीय नौसेना के कमांडर विजय वर्मा ने बड़ी बहादुरी से दो महिलाओं को बचाया था। अब इस इलाके में पानी कम हो गया है और लोग अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। इस बीच उसी घर की छत पर सफेद रंग से ‘थैंक्स’ पेंट किया देखा गया है। लोग सेना के जवानों की तारीफ कर रहे हैं उन्हें उनके कार्य के लिए सल्यूट कर रहे हैं।

एर्नाकुलम तथा तिरुवनंतपुरम और अलापुजा तथा कोट्टयम के बीच चल रही रेलगाड़ियां बाढ़ प्रभावित लोगों से खचाखच भरी हैं। भारी बारिश के कारण आठ अगस्त के बाद से राज्य में 210 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 7.14 लाख लोगों को अपने घरों से विस्थापित होना पड़ा है।

मौसम विभाग के मुताबिक कल उत्तर पश्चिमी बंगाल की खाड़ी पर कम दबाव का नया क्षेत्र बना है। हालांकि इसका केरल पर कोई विशेष प्रभाव नहीं होगा।

राज्य में अगले पांच दिन में बारिश में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि राज्य सरकार अब पुनर्वास पर ध्यान केंद्रित करेगी। दक्षिण पश्चिमी मानसून के दौरान केरल में इन 934 सालों में अब तक कि सबसे ज्यादा बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार केरल में 2346.6 मिमी बरसात हुई है जबकि सामान्य आंकड़ा 1649.5 मिमी है।

 

वहीं तीनों सेनाओं और एनडीआरएफ-एसडीआरएफ के जवान गुमनाम हीरो बनकर लोगों के चेहरों पर खुशी लाने में जुटे हुए हैं। विभिन्न राज्य सरकारों के साथ ही अमीर, गरीब, नेता, अभिनेता यहां तक छोटे-छोटे बच्चे अपनी-अपनी तरह से मदद को आगे आ रहे हैं। दुनिया के कई देशों खासकर खाड़ी देशों ने भी आर्थिक सहायता के लिए हाथ बढ़ाया है।

राज्य में अगले पांच दिन तक बारिश नहीं होने की संभावना से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। रविवार को राज्य के सभी 14 जिलों से रेड अलर्ट हटा लिया गया। हालांकि, अब भी 11 जिलों को ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राज्य में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए केरल के राज्यपाल पी. सदाशिवम और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से रविवार को बात की।
नर्स पत्नी ने निपाह में गंवाई जान, पति ने किया एक माह का वेतन दान
बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए उन लोगों ने भी हाथ बढ़ाए हैं जो खुद दया के पात्र हैं। पिछले साल निपाह वायरस से जिस नर्स की मौत हो गई थी, उसके पति ने अपनी एक माह की तनख्वाह दान कर दी है। चार साल से साइकिल खरीदने के लिए पैसे जोड़ रही एक मासूम ने 9000 रुपये का दान किया। एनडीआरएफ का एक जवान बाढ़पीड़ितों को सुरक्षित बोट में चढ़ाने के लिए खुद गहरे पानी में झुककर सीढ़ी बन गया। 600 रुपये की वृद्धा पेंशन पाने वाली 60 वर्षीया रोहिणी ने एक हजार रुपये राहत कोष में दिए।

रेलवे ने दिशानिर्देश जारी कर कहा है कि सभी सरकारी संगठनों और निजी संस्थानों की ओर से केरल भेजी जा रही राहत सामग्री के लिए किसी तरह की ढुलाई नहीं ली जाएगी। वहीं, रविवार को पश्चिम बंगाल सरकार ने केरल को 10 करोड़ रुपये और जम्मू-कश्मीर सरकार ने दो करोड़ रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की है। गोवा के जल संसाधन मंत्री विनोद पलयेकर ने एक माह का वेतन दान किया है। पुड्डुचेरी के सीएम ने राज्य के सभी विधायकों और सांसदों से अपना एक माह का वेतन दान करने का आग्रह किया है। तेलंगाना ने बच्चों के लिए 52 लाख रुपये से अधिक के पोषाहार भेजे हैं।

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