Breaking News
BigRoz Big Roz
Home / Breaking News / एटा में इंसानियत शर्मसार: 8 साल का बच्चा खुद मां का शव लेकर पहुंचा पोस्टमार्टम के लिए, रिश्तेदारों ने छोड़ा साथ

एटा में इंसानियत शर्मसार: 8 साल का बच्चा खुद मां का शव लेकर पहुंचा पोस्टमार्टम के लिए, रिश्तेदारों ने छोड़ा साथ

Crime Report | Zishan Alam | Etah News | Khabar 24 Express


एटा जिले से दिल दहला देने वाली घटना, जहां 8 साल का बच्चा मां का शव लेकर खुद पोस्टमार्टम कराने पहुंचा। HIV के डर से रिश्तेदारों ने साथ छोड़ा, थाना प्रभारी ने निभाई इंसानियत।


एटा (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के एटा जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां एक 8 साल का मासूम बच्चा अपनी मां का शव खुद लेकर जिला अस्पताल पहुंचा और पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी कराईं। वजह यह थी कि बीमारी के डर और जायदाद के लालच में रिश्तेदारों ने पूरी तरह से साथ छोड़ दिया।

जानकारी के अनुसार, बच्चे की मां लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। उनकी मौत HIV संक्रमण के कारण हुई। इससे पहले बच्चे के पिता की भी करीब एक साल पहले इसी बीमारी से मौत हो चुकी थी। माता-पिता दोनों को खो चुके इस बच्चे के पास कोई सहारा नहीं बचा।

बीमारी के डर से रिश्तेदारों ने बनाई दूरी

बच्चे ने खुद बताया कि मां की बीमारी की जानकारी सामने आने के बाद रिश्तेदारों ने दूरी बना ली। इलाज के दौरान भी किसी ने मदद नहीं की। मासूम बच्चे ने अकेले ही मां का इलाज फर्रुखाबाद, कानपुर और दिल्ली तक कराया, लेकिन अंततः मां की मौत हो गई।

अंतिम संस्कार से भी किया इनकार

मां की मौत के बाद जब पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की बारी आई, तब रिश्तेदारों ने कंधा देने से भी साफ इनकार कर दिया। चाचा और अन्य परिजनों ने शव को छूने तक से मना कर दिया। ऐसे हालात में बच्चा अकेले ही मां का शव लेकर जिला अस्पताल पहुंचा।

थाना प्रभारी ने दिखाई इंसानियत

जिला अस्पताल में बच्चे को अकेला देख जैथरा थाना प्रभारी रितेश ठा,,कुर मामले की गंभीरता को समझते हुए आगे आए। पुलिस ने न सिर्फ बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी भी अपने कंधों पर ली।

प्रशासन ने मदद का दिया भरोसा

पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से बच्चे को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया गया है, ताकि भविष्य में वह अकेला न रहे। अधिकारियों ने कहा कि बच्चे के पुनर्वास और सुरक्षा को लेकर भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

समाज के लिए बड़ा सवाल

यह घटना समाज के उस चेहरे को उजागर करती है, जहां बीमारी के नाम पर इंसान से इंसान का रिश्ता टूट जाता है। एक 8 साल का बच्चा, जिसने मां का इलाज भी खुद कराया और अंतिम सफर भी अकेले तय किया, पूरे सिस्टम और समाज के लिए बड़ा सवाल बनकर खड़ा है।



Discover more from Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Check Also

कालबाह्य शासकीय वाहनांचा तात्काळ लिलाव करा; केदारनाथ सानप यांची जिल्हाधिकाऱ्यांकडे मागणी

कालबाह्य शासकीय वाहनांचा तात्काळ लिलाव करा; केदारनाथ सानप यांची जिल्हाधिकाऱ्यांकडे मागणी

Leave a Reply

Discover more from Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading