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Home / Breaking News / रेहीक्रियायोग ऑनलाइन क्लॉस से जुड़े नियमित अभ्यासी एक सदुर के भक्त का प्रत्यक्ष मनोमय क्लॉस में कुंडलिनी जागरण के ध्यानयोग अनुभव में पँचतत्वों में से एक तत्व ‘शब्द’ का अलौकिक अनुभव दर्शन,,

रेहीक्रियायोग ऑनलाइन क्लॉस से जुड़े नियमित अभ्यासी एक सदुर के भक्त का प्रत्यक्ष मनोमय क्लॉस में कुंडलिनी जागरण के ध्यानयोग अनुभव में पँचतत्वों में से एक तत्व ‘शब्द’ का अलौकिक अनुभव दर्शन,,

गुरुजी प्रणाम(रेहीक्रियायोग क्लॉस के टीचरों व सत्यसाहिब जी को उल्लेखित नमन) 🙏🙏
गुरु जी मैंने उस दिन आपको बताया था कि ध्यान में मुझे एक ध्वनि सुनाई देती है । गुरु जी यह जो धोनी है अब थोड़ी तेज सुनाई देती है मुझे स्पष्ट रूप से ।
गुरु जी 3 दिन पहले ऐसे ही मैं सुबह 4:00 बजे ध्यान कर रहा था तो यही ध्वनि सुनाई दे रही थी और यह जो ध्वनि थी यह सुनाई देते देते एकाएक इतना तेज हो गया कि ऐसा लगा मानो जैसे हेलीकॉप्टर मेरे सामने खड़ा हो उसकी आवाज़ ऐसी थी । जैसे कोई ट्रक के टायर को अचानक उसकी हवा को खोल दिया जाता है ना बिलकुल वैसे ही तेज ध्वनि सुनाई दे रही थी ।
यह तेज आवाज सुनाई देते ही ध्यान से मैं झट से उठ गया और तुरंत मेरे मुंह से आवाज निकली 👉’गुरु जी मुझे बचाओ ‘
मेरे हाथ पांव कपने लग गए ऐसे लगा जैसे हार्ट अटैक आ जाएगा । मुझे इतना बड़ा हो गया कि मैं अपने कमरे से बाहर निकल कर अब दुबारा के पास सो गया ।
गुरु जी यह मुझे पिछले 3 दिन से लगातार हो रहे हैं इसलिए मैं डर से वह भी दिन में सिर्फ एक घंटा या दो घंटा की ध्यान करता हूं ।
गुरु जी यही बात थी जो मैं आपको बताना चाहता था।
जय सत्य ओम सिद्धायै नमः 🙏🙏
जय गुरुदेव जी महाराज की 🙏🙏
गुरु जी अब मुझे ध्यान करने से डर लगता है

चंदन सिंह
(छत्तीसगढ़)
रेहि क्रिया योग ध्यान क्लास में प्राणमय स्तर का छात्र🙏🙏
नॉट:-ये रेहीक्रियायोग करते में पँचतत्वों का जब शोधन होने लगता है तब इस भक्त को वायु तत्व का अनुभव हुआ है,शब्द वायु और आकाश तत्व के मध्य का सम्बन्ध अनुभूति है,यो शब्द में ये घोर वायु की आवाज सुनाई आयी है।यो अभ्यास करने पर ओर भी ध्वनि सुनाई आती है ,कम ज्यादा अलग बात है,यो इन अनुभूति पर ध्यान नहीं देते हुए और बिन डरे अपनी साधना करते जाओ,छोड़ने पर बड़ी मुश्किल से पुनः इनकी अनुभूति होगी।तब तरसोगे।यो डरो नहीं,इनसे कोई हानि नहीं होती है।
हाँ, अपने आचार व्यवहार व खान पीन को शुद्ध रखना होता है।कुछ समय रात्रि को केवल थोड़ा देशी घी पड़ी, सदा खिचड़ी खाये।ओर ऐसा ओर ज्यादा अनुभव हो तो,एक समय का अभ्यास त्याग दे।सहज होने पर पुनः अभ्यास बढ़ाये।आर्शीर्वाद है,कल्याण होगा।

रेहीक्रियायोग ऑनलाइन क्लॉस से जुड़े सम्पर्क को देखे ये वीडियो,,

जय सत्य ॐ सिद्धायै नमः
Www.satyasmeemission.og

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