
फीफा वर्ल्ड कप अंडर 17 का नई दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में शुक्रवार को आगाज हुआ। पहला मैच कोलंबिया और घाना के बीच हुआ। जिसमें घाना ने कोलंबिया को 1 गोल से मात दी। दूसरा मैच भारत और अमेरिका के बीच खेला गया। जिसमें अमेरिका ने भारत को 3-0 से करारी मात दी।
पीएम नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में टीम इंडिया अपना पहला मैच खेलने उतरी। मैदान में चारों तरफ टीम इंडिया को सपोर्ट करने के लिए काफी संख्या में फुटबॉल प्रेमी दर्शक उपस्थित थे।
फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ओर खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर भी उपस्थित रहे। मैच शुरू होने से पहले पीएम मोदी ने देश के पूर्व फुटबॉल खिलाड़ियों को सम्मानित किया। पीएम माेदी ने मैदान में जाकर खिलाड़ियों से मुलाकात भी की। भारत और अमेरिका के राष्ट्रगान के साथ मैच करी शुरुआत हुई। भारत पहली बार फीफा के टूर्नामेंट में भाग ले रहा है। लिहाजा 6 अक्टूबर के दिन को देश के खेल जगत के इतिहास में अहम माना जाएगा।
फीफा के किसी टूर्नामेंट में पहली बार भारत का राष्ट्रगान बजा। इस दौरान जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में दर्शक काफी रोमांचित हुए। भारत-अमेरिका मैच के दौरान नेहरू स्टेडियम में भारतीय फुटबॉल के दिग्गज आईएम विजयन, बाईचुंग भूटिया और वर्तमान कप्तान सुनील छेत्री भी उपस्थित हैं। उल्लेखनीय है जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में 60 हजार दर्शक बैठ सकते हैं। स्टेडियम में काफी संख्या में दर्शक उपस्थित थे। एक अनुमान के मुताबिक करीब 20 हजार दर्शकों ने टीम इंडिया का मैच में उत्साह बढ़ाया।
इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने विश्व कप में भाग ले रही सभी टीमों का स्वागत किया। उन्होंने ट्विट किया, ‘फीफा में भाग लेने वाली सभी टीमों का स्वागत और शुभकामनाएं। मुझे पूरा विश्वास है फीफा अंडर-17 फुटबॉल प्रेमियों के लिए मजेदार होगा’।
नियमानुसार फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप फुटबॉल टूर्नामेंट की ओपनिंग सेरेमनी आयोजित नहीं की गई। फीफा में इस तरह के टूर्नामेंट की ओपनिंग सेरेमनी की परंपरा नहीं है। टूर्नामेंट के डायरेक्टर (स्थानीय आयोजन समिति) जेवियर सेपी की माने तो ओपनिंग सेरेमनी को लेकर फीफा और भारत सरकार के बीच बातचीत हुई थी।
फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप की विजेता टीम को इस बार चमचमाती ट्रॉफी के साथ 2,00,000 अमेरिकी डॉलर ईनामी राशि के रूप में मिलेंगे। उपविजेता टीम को 40,000 अमेरिकी डॉलर की राशि दी जाएगी। फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप फुटबॉल टूर्नामेंट की चमचमाती विजेता ट्रॉफी ने देश भर में 16,000 किलोमीटर का सफर तय किया।
फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी 6 सप्ताहों में मेजबान शहरों दिल्ली, गुवाहाटी, कोलकाता, मुंबई, गोवा और कोच्चि में घूमी। इस ट्रॉफी का दीदार 10 लाख से ज्यादा लोगों ने किया।
बता दें कि इस टूर्नामेंट का पहला सत्र 1985 में चीन में खेला गया था जिसके बाद हर 2 साल बाद इस टूर्नामेंट का आयोजन किया जाने लगा। उस समय खिलाडियों की आयु सीमा 16 वर्ष हुआ करती थी।
1991 में इसे बढ़ाकर 17 साल कर दिया गया। एशिया में फीफा अंडर-17 विश्वकप का 5वां आयोजन है। फीफा अंडर-17 विश्वकप में सबसे सफल टीम नाइजीरिया है जिसने इस खिताब को 5 बार (1985, 1993, 2007, 2013, 2015) अपने नाम किया है। हालांकि उनकी टीम इस बार क्वालीफाई नहीं कर पाई।
सेपी ने कहा, ‘भारत फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप फुटबॉल के रूप में पहली बार बड़ा आयोजन कर रहा है। भारत में देश की राजधानी दिल्ली सहित सभी छह शहर इसकी मेजबानी के लिए तैयार हैं। सभी स्टेडियम और फुटबॉल के इस सबसे आयोजन के लिए सभी ढांचा पूरी तरह तैयार हैं।
उन्होंने आगे कहा, ‘मेरा इस अंडर-17 वर्ल्ड कप में पहली बार शिरकत करने जा रही मेजबान भारतीय टीम के खिलाड़ियों के लिए यही संदेश है कि वे इसमें जीत और हार की चिंता किए बिना इसमें शिरकत कर ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बनने के बारे में ही सोचे। मेरी भारतीय टीम के नौजवान खिलाड़ियों को यही सलाह है कि वे इसमें मैदान पर उतर अपनी पूरी ताकत और शिद्दत से खेलें और खेल का लुत्फ उठाएं। भारत के नौजवान खिलाड़ियों से बस मैं यही कहना चाहूंगा कि वे बेहतरीन प्रदर्शन कर अपने फैंस का दिल जीतें।
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