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जगदीशपुर CHC के सामने संचालित कथित अल्ट्रासाउंड सेंटरों की निष्पक्ष जांच की मांग, खबर दिखाने के बाद Khabar 24 Express के ब्यूरो को मिल रहीं धमकियां

Amethi Crime News | Bureau Report Zishan Alam | Khabar 24 Express


रायबरेली। जनहित से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाने के बाद Khabar 24 Express के स्थानीय ब्यूरो को कथित रूप से लगातार धमकियां मिलने का मामला सामने आया है। मामला रायबरेली जिले के जगदीशपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के सामने संचालित कथित अल्ट्रासाउंड सेंटरों से जुड़ा हुआ है, जिनके संबंध में स्थानीय स्तर पर लंबे समय से सवाल उठाए जाते रहे हैं।

Khabar 24 Express द्वारा जगदीशपुर CHC के सामने संचालित कथित “जसीम अल्ट्रासाउंड” से जुड़ी शिकायतों और स्थानीय लोगों द्वारा उठाए गए सवालों को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। खबर सामने आने के बाद चैनल के रायबरेली ब्यूरो जीशान आलम को कथित रूप से धमकी भरे फोन और संदेश मिलने शुरू हो गए।

और ये शुरू हुआ जसीम अल्ट्रासाउंड सेंटर की खबर दिखाने के तुरंत बाद… क्योंकि इनकी तरफ से लगातार फोन मैसेज चैनल के पास भी आए हैं, साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी ये लोग यही पूछ रहे हैं कि शिकायतकर्ता का नाम बता दो हम छोड़ देंगे। यानी कि मामला यहीं पर खत्म हो जाएगा। अब आप खुद सोचिए ये कैसी भाषा है। क्या इस भाषा में धमकी नहीं है?

जबकि ये अल्ट्रासाउंड सेंटर प्रशासन की नाक के नीचे बिना किसी वैध डिग्री के अपने काम को अंजाम दे रहे हैं यहां तक कि भ्रूण लिंग परीक्षण (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques (PCPNDT)) तक कर रहे हैं। अब आप सोचिए “भ्रूण लिंग परीक्षण* करना कानूनन अपराध है। लेकिन ये बेखौफ अपने आम काम को अंजाम दे रहे हैं।

वहीं बता दें कि एक व्यक्ति ने व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर शिकायतकर्ता का नाम बताने का दबाव बनाया और ऐसा न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। इसके अलावा बीते दिनों से अज्ञात तथा अंतरराष्ट्रीय नंबरों से लगातार कॉल्स आ रही हैं। खास बात यह है कि ये कॉल्स देर रात और सुबह 6 बजे तक आ रही हैं ताकि खबर 24 एक्सप्रेस में काम करने वाले लोगों के ऊपर मानसिक दबाव बनाया जा सके।

ये लोग इतने निडर हैं इनमें न कानून का जरा खौफ है और न ही जेल जाने का डर। जिस तरह की हरकत इनकी बातों से लग रही है ऐसे में ये हमारे ब्यूरो को नुकसान तक पहुंचा सकते हैं।


वहीं बता दें कि इंस्टाग्राम और फेसबुक प्रोफाइल के माध्यम से अभद्र भाषा और गंदे गंदे कमेंट किए जा रहे हैं। साथ ही अंतरराष्ट्रीय नंबर और इंटरनेट के माध्यम से फोन आ रहे हैं।

कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से खबर 24 एक्सप्रेस के सोशल मीडिया पर संपर्क कर आपत्तिजनक संदेश भेजे गए। इसके अलावा सोशल मीडिया अकाउंट्स तक अनधिकृत पहुंच बनाने या उन्हें हैक करने की कथित कोशिशों की गई है। साथ ही सोशल मीडिया पर हमारी पोस्ट पर अभद्र भाषा, और बिना मतलब की टिप्पणी की गई।

चैनल की ओर से अब इन सभी घटनाओं से जुड़े स्क्रीनशॉट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य पुलिस तथा संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध कराए गए हैं।

ये कुछ डिटेल हैं :

https://www.instagram.com/nevergiveupgiveup11?igsh=Ymp6Nmt0MnpxanVm

https://www.instagram.com/atheisticbeast?igsh=MXdzZjVrNnQ4czE5MA==

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इन सबके अलावा हमारे सोशल मीडिया अकाउंट हैक करने की भी कोशिश हुई।

मामले की शिकायत रायबरेली और नागपुर में की गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी विस्तृत शिकायत दर्ज कराई गई है। चैनल ने पत्रकार जीशान आलम की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

वहीं इन सबसे CMO को भी अवगत करवाया गया है।

रिश्वत मांगने के आरोप पर भी उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान चैनल के रायबरेली ब्यूरो जीशान आलम पर रिश्वत मांगने जैसे आरोप भी लगाए गए थे। ये आरोप जसीम अल्ट्रासाउंड में काम करने वाले युवक ने लगाए। हालांकि बाद में संबंधित व्यक्ति द्वारा कथित रूप से यह स्वीकार किया गया कि गलतफहमी के कारण ऐसा कहा गया था और पत्रकार द्वारा किसी प्रकार की धनराशि की मांग नहीं की गई थी। जबकि आरोप लगाने वाले युवक ने चैनल को एक फर्जी UPI पेमेंट का स्क्रीनशॉट साझा किया। पहले कहा गया 10000 रुपए की रकम नगद की गई है इसके बाद कहा गया कि रिश्वत के तौर पर 50000 रुपए दिए गए हैं ताकि उनके खिलाफ ख़बर न दिखाई जाए।

अब आप सोचिए बैंक ट्रांसफर या UPI पेमेंट का पूरा सबूत होता है इसे मिटाया नहीं जा सकता है, ऐसे में आरोप लगाने वाले के हौसले देखिए।

सबसे महत्वपूर्ण बात बता दें कि Khabar 24 Express का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि जनहित से जुड़े मुद्दों को जिम्मेदारी के साथ सामने लाना है। चैनल किसी भी दबाव, धमकी या साइबर उत्पीड़न के बावजूद तथ्यात्मक और जिम्मेदार पत्रकारिता जारी रखेगा।

स्वास्थ्य विभाग से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल तक पहुंची शिकायतें

अब इस पूरे मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन तथा मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। हालांकि अब तक ऐसी कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई है जिससे सभी सवालों का संतोषजनक जवाब मिल सके।

स्थानीय लोगों की मांग है कि केवल एक सेंटर ही नहीं, बल्कि जगदीशपुर CHC के सामने संचालित सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों की निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यापक जांच कराई जाए। यदि सभी दस्तावेज, लाइसेंस और संचालन संबंधी मानक नियमों के अनुरूप हैं तो इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए, और यदि कहीं कोई अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

जनहित की खबर उठाने पर पत्रकारों की सुरक्षा भी बड़ा सवाल

मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है। ऐसे में यदि किसी जनहित से जुड़े मुद्दे को उठाने के बाद पत्रकारों को धमकियां मिलती हैं, तो यह केवल एक पत्रकार का नहीं बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और निष्पक्ष पत्रकारिता का भी विषय बन जाता है।

Khabar 24 Express का स्पष्ट कहना है कि उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराना नहीं है। चैनल केवल जनता द्वारा उठाए गए सवालों, प्राप्त शिकायतों और संबंधित तथ्यों को जिम्मेदारी के साथ प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। किसी भी सेंटर के संबंध में अंतिम निष्कर्ष निकालने का अधिकार केवल सक्षम जांच एजेंसियों और प्रशासन के पास है।

सबसे बड़ा सवाल अब भी बरकरार

यदि शिकायतें हुईं, जांच की बात सामने आई और मामला प्रशासन तक पहुंचा, तो फिर उसकी स्थिति क्या है? क्या जगदीशपुर CHC के सामने संचालित सभी अल्ट्रासाउंड सेंटर निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप कार्य कर रहे हैं? यदि हां, तो इसकी आधिकारिक पुष्टि क्यों नहीं की जा रही? और यदि कहीं कोई अनियमितता है, तो कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है?

और अंत में :

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी संस्था या सेंटर के पास सभी आवश्यक दस्तावेज और वैधानिक अनुमतियां हैं, तो फिर खबर प्रकाशित होने के बाद शिकायतों का जवाब तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर क्यों नहीं दिया जा रहा?

आखिर पत्रकारों को कथित धमकियां, दबाव और सोशल मीडिया के माध्यम से परेशान किए जाने जैसे आरोप क्यों सामने आ रहे हैं? इन सभी सवालों का जवाब निष्पक्ष प्रशासनिक जांच से ही सामने आ सकता है।

वहीं स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। इसलिए प्रशासन को चाहिए कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने रखे और साथ ही पत्रकारों को मिल रही कथित धमकियों की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे।

फिलहाल पूरे मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है। Khabar 24 Express इस मुद्दे से जुड़े हर तथ्य, प्रशासनिक कार्रवाई और आधिकारिक अपडेट को जिम्मेदारी के साथ अपने पाठकों तक पहुंचाता रहेगा।


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