Crime Report | Lokendra Raj Singh : बुलंदशहर में गुरुवार शाम एक ऐसा नज़ारा देखने को मिला जिसने पुलिस विभाग तक को हिलाकर रख दिया। खुर्जा इलाके में नाबालिग गैंगरेप पीड़िता अचानक दौड़ते हुए DIG कलानिधि नैथानी की कार के आगे गिर पड़ी।
बता दें कि उसके पीछे 9 पुलिसकर्मी भाग रहे थे, लेकिन वह उनसे बचते हुए सीधे गाड़ी के सामने जा पहुंची। मौके पर करीब 150 से 200 पुलिसकर्मी मौजूद थे, फिर भी कोई उसे रोक नहीं पाया।
DIG नैथानी को खुद गाड़ी से उतरकर उसकी व्यथा सुननी पड़ी। पीड़िता रोती हुई बोली कि गैंगरेप के दो मुख्य आरोपी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस उन्हें पकड़ नहीं रही। DIG ने मौके पर ही खुर्जा पुलिस को कड़ी फटकार लगाई और फरार आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने के आदेश दिए।
3 जून को दुष्कर्म, FIR दर्ज होने में लगे 7 दिन
खुर्जा तहसील क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली नाबालिग लड़की 3 जून को खेत से घर लौट रही थी। तभी गांव के छह युवकों ने उसे दबोच लिया और झाड़ियों में ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। परिवार के लोग कई दिनों तक थाने के चक्कर लगाते रहे, लेकिन FIR 10 जून को दर्ज हुई। इस FIR में एक महिला समेत कुल आठ लोगों को नामजद किया गया।
खुर्जा पुलिस ने चार आरोपियों आदित्य, सोनू, ललित और मंगल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन दो आरोपी शिवा और अमरजीत अब भी फरार हैं। परिवार का आरोप है कि यही आरोपी लगातार धमकियां दे रहे हैं।
तीन साल पुराना वीडियो, ब्लैकमेल और लगातार शोषण का दावा
पीड़िता के मुताबिक तीन साल पहले गांव के ही मंगल ने अमरजीत के घर में उसका रेप किया और वीडियो बना लिया। इसी वीडियो के आधार पर अमरजीत और मंगल कई सालों तक उसे ब्लैकमेल करते रहे। यहां तक कि जब वह गर्भवती हुई तो अमरजीत के भाई लव की पत्नी आशा ने उसे गर्भपात की गोली दी। मंगल के दोस्त रोहित ने भी कई बार उसका दुष्कर्म किया। फिर सोनू को भी बुलाकर उसका शोषण कराया गया।
ओयो होटल, मेरठ और फिर दोबारा अगवा खौफनाक घटनाओं की लंबी श्रृंखला
पीड़िता की मां के अनुसार, 3 जून की रात लड़की घर में सो रही थी, लेकिन सुबह वह गायब थी। पता चला कि पड़ोस का अमरजीत उसे अपने साथियों रोहित, सोनू और शिवा उसे साथ ले गया है।
3 जून की रात करीब 11 बजे अमरजीत उसे जंक्शन रोड स्थित एक OYO होटल ले गया। वहां फर्जी आधार कार्ड से कमरा बुक हुआ और कमरे में अमरजीत, रोहित, आदित्य और सोनू ने बारी-बारी से उसका रेप किया।
इसके बाद आरोपी उसे बुलंदशहर रेलवे स्टेशन ले गए, जहां से सोनू उसे मेरठ लेकर चला गया। वहां सोनू उसे अकेला छोड़कर भाग गया। जब पीड़िता ने किसी तरह फोन किया तो सोनू ने कहा “घर वाले केस में फंस गए हैं, तू वापस चली जा।”
जब वह वापस बुलंदशहर लौटी तो रास्ते में रोहित, अमरजीत और आदित्य ने उसे दोबारा अगवा कर लिया। आंखों पर पट्टी बांधी और अज्ञात स्थान पर ले जाकर फिर सामूहिक दुष्कर्म किया। बाद में उसे मौजपुर के पास फेंककर फरार हो गए। पांच जून की रात वह बदहवास हालत में घर लौटी।
लेकिन इस पूरे मामले में कुछ कड़े और असहज सवाल भी खड़े होते हैं
पीड़िता के आरोप बेहद गंभीर हैं, लेकिन इन घटनाओं के बीच कुछ सवाल सीधे पीड़िता के व्यवहार और निर्णयों पर भी उठते हैं और ये सवाल जांच के दायरे में आने बहुत जरूरी हैं।
- जब पीड़िता पहले से बता रही है कि आरोपी उसे ब्लैकमेल करते थे, तो फिर वह 3 जून को रात के 11 बजे आरोपी के बुलाने पर उसके साथ OYO होटल क्यों गई?
- कथित गैंगरेप के तुरंत बाद, पीड़िता आरोपी सोनू के साथ मेरठ क्यों गई? क्या उसे यह एहसास नहीं हुआ कि जिन लोगों पर वह दुष्कर्म का आरोप लगा रही है, उनके साथ दोबारा जाना खतरे को बढ़ाना है?
- पीड़िता खुद बता रही है कि मेरठ में उसे अकेला छोड़ दिया गया, फिर उसने दोबारा उन्हीं लोगों से संपर्क क्यों किया?
- अगर तीन साल से वह ब्लैकमेल, रेप और शोषण झेल रही थी, तो उस दौरान उसने आवाज क्यों नहीं उठाई?
क्या परिवार को पहले से जानकारी थी? क्या डर था? या कोई और वजह? - कई आरोपी उसे कई बार अलग-अलग जगह ले जाते रहे क्या किसी मौके पर वह मदद मांग सकती थी?
या उसे किसी वजह से उनके साथ जाने पर मजबूर किया गया? - सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि आरोपी उसे Oyo होटल लेकर गया वहां उसे और भी आरोपी मिले और सबसे बारी बारी उसके साथ रेप किया? और इसके बाद वो एक आरोपी के साथ मेरठ गई और वहां आरोपी ने बोला कि वो एक केस में फंस गया है तो तू घर चली जा?
ये सब सवाल भी पीड़िता और उसके परिवार वालों पर उठ रहे हैं। पीड़िता बार बार आरोपियों के संपर्क में क्यों आती रही? ये सवाल जरूरी इसलिए हैं क्योंकि जांच तभी निष्पक्ष होगी जब हर एंगल पर बराबर से ध्यान दिया जाएगा, चाहे वह आरोपियों का हो या पीड़िता का।
और सबसे खास बात अगर इसमें पीड़िता की सहमति थी फिर भी आरोपियों पर रेप का केस चलना ही चाहिए क्योंकि आरोपी भी जानते थे कि पीड़िता नाबालिग है उनके बहकावे में, या लालच में आ सकती है तभी उन्होंने इसके साथ संबंध बनाए।
निष्कर्ष
सच चाहे जो भी हो, न्याय सिर्फ तभी संभव है जब पुलिस हर तथ्य की गहराई से जांच करे। पीड़िता को इंसाफ मिलना चाहिए और आरोपी, चाहे कोई भी हो, कानून से ऊपर नहीं हैं। लेकिन साथ ही घटनाओं के सभी पहलुओं की जांच आवश्यक है, ताकि सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके।
क्राइम रिपोर्ट: लोकेंद्र राज सिंह
लोकेशन: बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश
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