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चंद्रशेखर बावनकुले ने जीता कर्मचारियों का दिल, नागपुर में खत्म हुआ महसूल सेवक संघ का आमरण अनशन



“महसूल मंत्री और नागपुर के पालकमंत्री ने देर रात आंदोलन स्थल पहुंचकर कर्मचारियों की मांगें सुनीं, आंदोलन हुआ समाप्त”


नागपुर के संविधान चौक पर कई दिनों से चल रहा महसूल सेवक संघ का आमरण अनशन आखिरकार समाप्त हो गया है। इस आंदोलन के खत्म होने की वजह हैं—राज्य के महसूल मंत्री और नागपुर के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे।

बावनकुळे खुद देर रात आंदोलन स्थल पर पहुंचे, कर्मचारियों से सीधे संवाद किया और उनकी प्रमुख मांगों पर चर्चा की। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार महसूल सेवकों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी।

कर्मचारियों की मुख्य मांग थी कि महसूल सेवक यानी कोतवाल पद के कर्मचारियों को प्रशासनिक चतुर्थ श्रेणी का दर्जा दिया जाए। राज्यभर में इस मांग को लेकर आंदोलन तेज हो चुका था, लेकिन नागपुर में बावनकुळे के हस्तक्षेप से यह आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया।

कर्मचारियों ने कहा कि चंद्रशेखर बावनकुळे ने एक संवेदनशील और जिम्मेदार नेता की तरह व्यवहार किया। उनके इस कदम ने प्रशासन और कर्मचारियों के बीच भरोसे का नया पुल बनाया है।

चंद्रशेखर बावनकुळे के इस मानवीय और निर्णायक रुख की हर ओर सराहना की जा रही है। उनके इस कदम ने साबित कर दिया कि सच्चा नेतृत्व वही है जो जनता और कर्मचारियों दोनों की बात सुनता है।

और अंत में….


इस घटना ने नागपुर ही नहीं बल्कि पूरे महाराष्ट्र के कर्मचारियों में नई उम्मीद जगा दी है।


ब्यूरो रिपोर्ट खबर 24 एक्सप्रेस, नागपुर


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