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दूसरों की मदद करने वाले डॉ. के.के अग्रवाल, खुद हार गए कोरोना से जिंदगी की जंग : Khabar24 Express

https://youtu.be/xNDVXYU5qqY

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व निदेशक और हार्ट केयर फाउंडेशन के प्रमुख एवं पद्मश्री डॉ. केके अग्रवाल का सोमवार देर रात कोरोना संक्रमण के चलते निधन हो गया। डॉ. अग्रवाल जाने-माने चेहरे थे और सोशल मीडिया पर भी लोगों को इस महामारी के दौरान बचने और सतर्कता बरतने को लेकर उपाय बताते थे। मेडिकल की भाषा को आसान शब्दों में आम लोगों के बीच रखने के लिए भी वो काफी जाने जाते थे। डॉ. अग्रवाल दो महीने पहले ही वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके थे। महीने वैक्सीन लेने के बाद वो एक लाइव कार्यक्रम में थे, जिस दौरान उनकी पत्नी ने फोन कर डांट लगाई थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। उस वीडियो में उनकी पत्नी उन्हें अकेले जाकर वैक्सीन लेने को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए जमकर खड़ीखोंटी सुनाती नजर आईं थी।  

देश के जाने माने हृदय रोग विशेषज्ञ और सर्जन केके अग्रवाल का सोमवार रात 11:30 बजे निधन हो गया, लेकिन उन्होंने जीवन के अंतिम दिनों में भी चिकित्सक होने का कर्तव्य नहीं छोड़ा। उनकी जीवटता और मरीजों के प्रति उनके फर्ज को आप इस तरह समझ सकते हैं कि कोरोना पॉजिटिव हो जाने के बाद भी उनके चेहरे पर एक शिकन तक नजर नहीं आ रही थी। यहां तक कि अस्पताल में भर्ती होने से पहले भी वो ऑनलाइन मरीजों की परेशानियां सुलझाते रहे। अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनके मुंह पर ऑक्सीजन पाइप लगी हुई थी बावजूद वे मरीजों को सलाह देते रहे।डॉ. अग्रवाल को साल 2010 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

बता दें कि दो महीने पहले ही अग्रवाल ने वैक्सीन की दोनों खुराक भी ली थीं, लेकिन बीते माह वह संक्रमण की चपेट में आ गए। डॉ. केके अग्रवाल को कोरोना संक्रमण के बाद एम्स के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। केके अग्रवाल ने अपने ट्विटर अकाउंट पर बीते 28 अप्रैल को जानकारी दी थी कि वह कोरोना संक्रमित हैं।

62 वर्षीय डॉ. के के अग्रवाल अपने प्रोफेशन में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए तो मशहूर थे ही। साथ ही वे अपनी नेकदिली के लिए भी जाने जाते थे। कोरोना संकट में उन्होंने हजारों लोगों की मदद की। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों का उन्होंने मुफ्त इलाज किया। कोरोना काल में वह एक वॉरियर्स के तौर पर हमेशा डटे रहे, लेकिन दुखद है कि उसी कोरोना से वह जिंदगी की जंग हार गए। हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के जरिये जुनून की हद तक लोगों की मदद में जुटे डॉ केके अग्रवाल के जाने से उनके चाहने वाले लाखों की आंखें नम हैं।

डॉ. अग्रवाल को 2005 में मेडिकल कैटेगरी के सर्वोच्च पुरस्कार, डॉ बीसी रॉय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। अग्रवाल को साल 2010 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

इसके अलावा डॉक्टर अग्रवाल ने विश्व हिंदी सम्मान, राष्ट्रीय विज्ञान संचार पुरस्कार, फिक्की हेल्थ केयर पर्सनालिटी ऑफ द ईयर, डॉक्टर डीएस मुंगेकर राष्ट्रीय आईएमए समेत कई अवॉर्ड्स हासिल किए।उन्होंने मेडिकल साइंसेज पर कई किताबें लिखीं हैं।उन्होंने आधुनिक एलोपैथी के साथ प्राचीन वैदिक चिकित्सा, इकोकार्डियोग्राफी पर 6 टेक्स्ट बुक और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में उनके लेख भी प्रकाशित हुए।


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