हमने इस हत्याकांड पर कुछ खुलासे किए थे जिन पर आज मोहर लग गयी है कि यह एनकाउंटर नहीं बल्कि एक हत्याकांड था। विवेक तिवारी को सिपाही प्रशांत द्वारा जानबूझकर गोली मारी गयी थी।
अब जब विवेक तिवारी की हत्या के मामले में 80 दिन के बाद बुधवार को सीजेएम कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया गया। इसमें सिपाही प्रशांत कुमार को हत्या का दोषी बताया गया है। इस मामले में सह आरोपी सिपाही संदीप के खिलाफ मारपीट की धारा में आरोपपत्र दाखिल किया गया है। आरोपपत्र में कई साक्ष्यों का हवाला देते हुए प्रशांत को दोषी कहा गया है। जबकि हमने अपनी रिपोर्ट में भी प्रशांत द्वारा अपने बचाव में जो दलीलें पुलिस और मीडिया के सामने पेश की थीं उसपर हमने सवाल उठाए थे।
“इस हत्याकांड पर यहां पढ़ें ख़बर 24 एक्सप्रेस की पूरी खबर” ख़बर पढ़ने के यहां क्लिक करें
अब जब सिपाही प्रशांत के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया है तो इसमें कई और पुलिस वाले दोषी पाए जाएंगे।
इस आरोपपत्र में तत्कालीन सीओ गोमती नगर चक्रेश मिश्रा, इंस्पेक्टर डीपी तिवारी पर भी कार्रवाई की बात कही गई है। हालांकि, यह पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह को तय करना है कि आईपीएस चक्रेश मिश्रा और डीपी तिवारी पर क्या कार्रवाई होनी चाहिए। मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर महानगर, विकास पांडे ने यह आरोपपत्र दाखिल किया। इससे पहले एसआईटी प्रमुख आईजी लखनऊ सुजीत पांडे ने एडीजी लखनऊ को एसआईटी रिपोर्ट सौंप दी।
एसआईटी जांच के मुताबिक, वारदात के समय विवेक तिवारी की गाड़ी चल रही थी और विवेक की गाड़ी से सिपाही प्रशांत और संदीप की जान खतरे में नहीं थी। इन हालात में, सीधे निशाना लेकर विवेक पर गोली चलाना फायरिंग की ट्रेनिंग के खिलाफ है। आरोपपत्र में कहा गया है कि एयर बैग खुले होने से साबित हुआ है कि गाड़ी चल रही थी और सीट बेल्ट पर खून के निशान भी मिले हैं। आरोपपत्र रिपोर्ट के अनुसार जिस पिस्टल से गोली मारी गई वह सिपाही प्रशांत कुमार के नाम पर थी। एसआईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, पूरा घटनाक्रम लगभग 38 सेकंड का था।
चार्जशीट में कहा गया है कि आरोपी प्रशांत को मालूम था कि गोली चलाने का अंजाम क्या हो सकता है और फरेंसिक सबूतों से यह बात साबित हुई है। चार्जशीट में सिपाही प्रशांत चौधरी के खिलाफ हत्या की धारा लगाते हुए पूरी वारदात का मुख्य आरोपी बताया गया है। गौरतलब है कि ऐपल के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की गोमतीनगर में 28 सितंबर की रात गोली मारकर हत्या के आरोप में आरक्षी प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार को अगले ही दिन बर्खास्त करके जेल भेजा गया था।
इस हत्याकांड की वजह से यूपी सरकार की जबरदस्त किरकिरी हुई थी वहीं सोशल मीडिया पर यूपी पुलिस पर लोगों में हज़ारों सवाल खड़े किए था।
खैर ऐसी घटना भविष्य में न हो इससे यूपी पुलिस को सबक लेने की जरूरत है।
ख़बर 24 एक्सप्रेस
Discover more from Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network Khabar 24 Express brings the latest Hindi News, Breaking News, Live TV, India News, Maharashtra News, Nagpur News, Politics, Crime, Business, Sports, Entertainment, Technology, Auto, Health, Education, Lifestyle and World News with fast, accurate and trusted updates 24×7
