
भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में दी गई फांसी की सजा के मामले पर सुनवाई कर रहा इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस अब से कुछ घंटों बाद अपना फैसला सुनाएगा। भारत जहां अपने पक्ष में फैसला आने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है, वहीं कुलभूषण की सुरक्षित वापसी को लेकर देश में दुआओं का दौर जारी है। वाराणसी में कुलभूषण की सलामती को लेकर पूजा की गई। आईसीजे का फैसला शाम साढ़े तीन बजे के आसपास आने की उम्मीद है। अदालत के अध्यक्ष रॉनी अब्राहम फैसला पढ़ेंगे।
जाधव के लिए राजनयिक पहुंच की मांग कर रहे भारत ने 16 बार दरख्वास्त ठुकराए जाने के बाद आईसीजे का रुख किया था। नीदरलैंड्स के हेग में स्थित आईसीजे में मामले की सुनवाई बीते सोमवार को हुई थी। इसमें भारत और पाकिस्तान के वकीलों ने अपना पक्ष रखा था। सुनवाई के दौरान भारत ने पाकिस्तान पर विएना संधि के घोर उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय अदालत से भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव की मौत की सजा पर रोक लगाने की मांग की थी।
वहीं, पाकिस्तान ने अपनी दलील में कहा था कि भारत को कुलभूषण मामले को आईसीजे में लाने का अधिकार नहीं है, क्योंकि विएना संधि जासूसों, आतंकवादियों और जासूसी से जुडे़ लोगों पर लागू नहीं होती। पाकिस्तान की तरफ से पेश हुए वकील खवार कुरैशी ने यह भी कहा कि भारत ने इस साल जनवरी में पाकिस्तान के उस संदेश का कोई जवाब नहीं दिया, जिसमें जाधव से संबंधित मामले की जांच के लिए उससे सहयोग मांगा गया था। इसके बाद, अदालत ने ऐलान किया था कि इस केस में तत्काल कदम उठाए जाने से जुड़े भारत के अनुरोध पर वह अपना फैसला गुरुवार को सुनाएगी।
भारत के टॉप वकीलों में शुमार हरीश साल्वे ने जाधव की गिरफ्तारी, उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने तथा मामले की सुनवाई से संबंधित तमाम कार्रवाई को संयुक्त राष्ट्र के चार्टर और विएना संधि का उल्लंघन करार दिया था। उन्होंने कहा कि मनगढ़ंत आरोपों के संदर्भ में कुलभूषण को अपना बचाव करने के लिए कानूनी सहायता मुहैया नहीं कराई गई। साल्वे ने अदालत से कहा कि 16 मार्च, 2016 को ईरान में जाधव का अपहरण किया गया और फिर पाकिस्तान लाकर कथित तौर पर भारतीय जासूस के तौर पर पेश किया गया। इसके बाद, सैन्य हिरासत में एक अफसर के सामने उनसे कबूलनामा लिया गया। उन्हें किसी से संपर्क नहीं करने दिया गया और सुनवाई भी एकतफा की गई।
पाक ने जाधव को बताया ‘रैंबो’ जितना खतरनाक
पाकिस्तान ने जाधव को ‘वन मैन डिमॉलिशन स्क्वॉड’ बताते हुए इस साल 10 अप्रैल को फांसी की सजा सुनाई। चार्जशीट में कुलभूषण पर लगाए गए आरोपों में उन्हें हॉलिवुड फिल्मों के कैरेक्टर ‘रैंबो’ की तरह पेश किया गया है, जो पाइपलाइनों में ब्लास्ट करता है, कैंपों में IEDs प्लांट करता है और तमाम तरह की विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देता है। कुलभूषण जाधव पर जो फर्जी आरोप पाकिस्तान ने लगाए हैं, उनमें से कुछ प्रमुख हैं
– ग्वादर, तुरबत में हुए हमलों को स्पॉन्सर करना। जिवानी बंदरगाह पर बोट और रेडार स्टेशन पर हमले।
– बलूचिस्तान में पाकिस्तानी युवकों को भड़काने के लिए अलगाववादी और आतंकी तत्वों की वित्तीय सहायता दी। बलूचिस्तान के सूई इलाके में गैस पाइपलाइनों में धमाके कराए।
– 2015 में क्वेटा में हुए धमाकों को स्पॉन्सर किया। इसमें जान-माल को काफी नुकसान पहुंचा। क्वेटा के हजरास और शिया श्रद्धालुओं पर हमले भी कराए।
– 2014-15 तुरबत, पंजगुर, ग्वादर, पसनी और जिवानी में राज्य विरोधी तत्वों की मदद से हमले किए। कई सिविलियन और सैनिक मारे गए और घायल हुए।
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