Breaking News
BigRoz Big Roz
Home / Breaking News / फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट से प्रशांत सिंह बना Ayodhya का GST अधिकारी? इस्तीफे के पीछे छुपा था ये बड़ा खेल?

फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट से प्रशांत सिंह बना Ayodhya का GST अधिकारी? इस्तीफे के पीछे छुपा था ये बड़ा खेल?

Ayodhya GST Officer Prashant Singh | Ayodhya News | Crime Story | Bureau Report Zishan Alam | Khabar 24 Express

अयोध्या के GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह का इस्तीफा अब सवालों के घेरे में है। जिस इस्तीफे को धार्मिक भावनाओं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जोड़ने की कोशिश की गई, अब उसी पर सबसे बड़ा शक खड़ा हो गया है।

आरोप है कि जांच से बचने के लिए प्रशांत सिंह ने एक सुनियोजित नाटक किया, लेकिन यह दांव उल्टा पड़ गया। सबसे चौंकाने वाली बात ये कि उनके अपने ही भाई ने उन पर फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट के जरिए अफसर बनने का गंभीर आरोप लगा दिया है।

प्रशांत सिंह ने इस्तीफा देते वक्त यह दिखाने की कोशिश की कि वह शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की कथित टिप्पणी से आहत होकर पद छोड़ रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि अगर कोई टिप्पणी थी भी तो उसका समाधान कानूनी प्रक्रिया से होता, इस्तीफे से नहीं।

जानकारों का कहना है कि प्रशांत सिंह शायद यह समझ बैठे थे कि ऐसा करके वह सरकार की नजरों में खास बन जाएंगे, लेकिन वह भूल गए कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार है, विपक्ष की नहीं।

इसी बीच उनके बड़े भाई विश्वजीत सिंह ने सनसनीखेज दावा किया कि प्रशांत सिंह ने 40 प्रतिशत दिव्यांग कोटे का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी हासिल की।

आरोप के मुताबिक, 27 अक्टूबर 2009 को 31 साल की उम्र में मऊ के सीएमओ कार्यालय से दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाया गया, जबकि जिस बीमारी का जिक्र है, वह वास्तव में थी ही नहीं। इसी आधार पर उन्हें पीसीएस में दिव्यांग कोटे से चयन मिला और 2021 बैच में नौकरी हासिल की गई।

इतना ही नहीं, भाई का दावा है कि प्रशांत सिंह की बहन जय सिंह ने भी उसी डॉक्टर से फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया और आज वह कुशीनगर के हाटा में तहसीलदार के पद पर तैनात हैं। परिवार के अंदर से आए इन आरोपों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

अब सवाल सिर्फ इस्तीफे का नहीं, बल्कि पूरे चयन प्रक्रिया और सिस्टम की पारदर्शिता का है। सूत्रों की मानें तो अब प्रशांत सिंह पर जांच की तलवार लटक रही है और आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह मामला सिर्फ नैतिकता का है या फिर कानून का भी? अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो क्या कार्रवाई होगी, या फिर मामला दबा दिया जाएगा?

अगर आप चाहते हैं ऐसी ही बेबाक, बिना दबाव और बिना डर की खबरें, तो खबर 24 एक्सप्रेस को अभी सब्सक्राइब करें और वीडियो को शेयर जरूर करें।


Discover more from Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Check Also

“कोट्यवधींचा खर्च, तरीही सुविधा नाहीत; भुसावळ नगरपरिषदेवर श्वेतपत्रिकेची मागणी”

"कोट्यवधींचा खर्च, तरीही सुविधा नाहीत; भुसावळ नगरपरिषदेवर श्वेतपत्रिकेची मागणी"

Leave a Reply

Discover more from Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading