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Pakistan में मिला इस्लाम धर्म से भी पुराना हिंदू मंदिर, बौद्ध काल से हिंदू शाही तक फैली विरासत, देखकर चौंक गए पुरातत्वविद

पाकिस्तान की ज़मीन ने एक बार फिर इतिहास की गहराइयों से एक चौंकाने वाला सच बाहर निकाला है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पुरातत्वविदों को एक 1200 साल पुराना हिंदू मंदिर मिला है, जो इस्लाम धर्म के आगमन से पहले का है।

इस खोज ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पाकिस्तान की मिट्टी में आज भी भारतीय सभ्यता की जड़ें गहराई तक फैली हैं।

बौद्ध काल से हिंदू शाही युग तक का अद्भुत सफर

यह खोज इतालवी पुरातत्व मिशन द्वारा की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार यह मंदिर हिंदू शाही राजवंश के समय का है — जब तक्षशिला से लेकर स्वात घाटी तक हिंदू और बौद्ध संस्कृति अपने स्वर्ण काल में थी। इससे पहले भी इसी इलाके से बौद्ध मूर्तियाँ और एक विशाल स्तूप मिले थे, जो बताता है कि यह इलाका सिर्फ एक धार्मिक केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय उपमहाद्वीप की साझा सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक था।

मंदिर की संरचना हिंदू स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण

इतालवी पुरातत्वविद डॉ. लुका मारिया ओलिवियरी ने बताया कि बारिकोट क्षेत्र में मिले मंदिर की दीवारों और पत्थरों पर उस समय की धार्मिक और सांस्कृतिक समृद्धि झलकती है। मंदिर के चारों ओर मिले शिलालेख, मूर्तियाँ और शिल्प बताते हैं कि यह क्षेत्र एक समय समृद्ध हिंदू समाज का केंद्र था।

आठ नए प्राचीन स्थल, तीन सभ्यताओं के एक साथ निशान

स्वात से तक्षशिला तक चल रहे हालिया उत्खनन में कुल आठ नए प्राचीन स्थल मिले हैं। इनमें बौद्ध धर्म, यूनानी प्रभाव और हिंदू शाही राजवंश — तीनों सभ्यताओं के निशान एक साथ दिखाई देते हैं। यह अपने आप में एक अनोखी खोज है, जो दर्शाती है कि यह क्षेत्र प्राचीन काल में धार्मिक सह-अस्तित्व और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का केंद्र था।

पाकिस्तान की धरती में बसती भारत की आत्मा

इतिहासकारों का कहना है कि इस खोज ने यह साफ कर दिया है कि इस्लामी काल के आने से पहले पाकिस्तान का यह हिस्सा भारतीय संस्कृति और धर्मों का संगम स्थल था। मंदिर के चारों ओर मिले अवशेषों से यह साबित होता है कि हिंदू सभ्यता यहाँ गहराई से रची-बसी थी।

स्थानीय लोगों को भी मिला रोजगार

‘खैबर पथ परियोजना’ के तहत अब मंदिर स्थल के चारों ओर एक सुरक्षात्मक ज़ोन बनाया जा रहा है। इस उत्खनन में 400 से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार भी दिया गया है। अब तक 50 से ज्यादा प्राचीन स्थल खैबर पख्तूनख्वा में खोजे जा चुके हैं, जो गांधार सभ्यता की भव्यता और भारत की सांस्कृतिक विरासत को फिर से उजागर करते हैं।

मिटाया नहीं जा सकता इतिहास…

आज भले ही पाकिस्तान धार्मिक कट्टरता की खबरों से घिरा रहता है, लेकिन उसकी ज़मीन के नीचे आज भी भारत की महान सभ्यता के निशान सांस ले रहे हैं। इतिहास को मिटाया नहीं जा सकता उसे सिर्फ समझने की नीयत चाहिए।


Khabar 24 Express का विचार:
यह खोज सिर्फ एक पुरातात्विक घटना नहीं है, बल्कि इस बात का सबूत है कि भारत की सभ्यता की जड़ें कितनी गहरी और विस्तृत हैं जो सीमाओं से कहीं आगे तक फैली हुई हैं।

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Tags:
Pakistan Hindu Temple Discovery, 1200 Year Old Hindu Temple, Khyber Pakhtunkhwa Archaeology, Hindu Shahi Dynasty, Ancient Indian Civilization in Pakistan, Swat Valley Temple, Gandhara Civilization, Archaeological Discovery in Pakistan, Khabar 24 Express History Report


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