Breaking News
BigRoz Big Roz
Home / Breaking News / रोहिंग्या आतंकवादियों के खिलाफ भारतीय सेना की सबसे बड़ी कार्रवाई, म्यांमार की सेना के साथ मिलकर आतंकवादियों के किये कैम्प तबाह

रोहिंग्या आतंकवादियों के खिलाफ भारतीय सेना की सबसे बड़ी कार्रवाई, म्यांमार की सेना के साथ मिलकर आतंकवादियों के किये कैम्प तबाह

रोहिंग्या आतंकवादी भारत और म्यांमार के लिए नासूर बन गए थे, लेकिन म्यांमार ने अपने देश में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से रह रहे लाखों रोहिंग्या मुस्लिमों को अपने देश से खदेड़ दिया। म्यांमार की सरकार अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या मुस्लिमों को अपने देश से बाहर भगा रही है। और सीमा पर बनें आतंकी कैम्प्स को भी तबाह कर रही है।

भारतीय सेना पूर्वोत्तर में दुश्मनों के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। सेना ने म्यांमार की सेना के साथ मिलकर भारत-म्यांमार सीमा पर स्थित उग्रवादियों के कई कैंपों को तबाह कर दिया। यह कार्रवाई एक मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर हमले की साजिश को नाकाम करने के लिए की गई।

बता दें कि बड़ी तादाद में भारत म्यांमार सीमा पर रोहिंग्या आतंकवादियों ने डेरा जमा रखा था। उनके सैकड़ों ट्रेनिंग कैम्प सीमा पर थे। ये आतंकी आये दिन कोई न कोई गतिविधि करते रहते थे। भारत और म्यांमार की सेना इन आतंकवादियों पर नज़र गढ़ाये हुए थीं।

सेना के सूत्रों के अनुसार, तैनाती और कवर किए गए एरिया के मामले में यह अपनी तरह का पहला ऑपरेशन था। यह संयुक्त अभियान 17 फरवरी से 2 मार्च तक चला। म्यांमार की सेना के साथ संयुक्त कार्रवाई में म्यांमार की अराकाम आर्मी पर हमला बोला गया। यह रोहिंग्याओं का गुट है और इसे चीन के साथ ही काचिन इंडिपेंडेंस आर्मी का भी समर्थन हासिल है।

इसी दौरान इंडियन आर्मी ने म्यामांर की अराकान आर्मी पर हमला बोला। इस संगठन को म्यांमार की सरकार ने आतंकी संगठन घोषित कर रखा है। अराकान आर्मी मेगा कालादान प्रोजेक्ट पर हमले की साजिश रच रहा था। ये एक ट्रांजिट प्रोजेक्ट है जो कोलकाता के हल्दिया पोर्ट को म्यांमार के सित्वे पोर्ट से जोड़ेगा।

इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद मिजोरम म्यांमार से से जुड़ जाएगा। ये प्रोजेक्ट कितना अहम इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इससे म्यांमार से मिजोरम की दूरी 1000 किलोमीटर कम हो जाएगी। इसके अलावा दोनों स्थानों के बीच ट्रैवल टाइम में भी कम से कम चार दिनों की कमी आएगी।

सूत्रों ने बताया कि दोनों देशों की सेना का यह संयुक्त अभियान 17 फरवरी से दो मार्च तक जारी रहा। म्यांमार के एक उग्रवादी संगठन ने पूर्वोत्तर की एक प्रमुख आधारभूत परियजोना को नष्ट करने की धमकी दी थी। उसकी इस धमकी के जवाब में ही दोनों देशों के बीच कई दौर की बैठकों के बाद सेना का संयुक्त अभियान चलाने का फैसला लिया गया। देश व पूरी दुनिया का ध्यान जब पश्चिमी सीमा पर केंद्रित था तब पूर्वी सीमा पर सेना ने म्यांमार सेना के साथ मिल कर उग्रवादी संगठन अराकान आर्मी के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। इसका गठन म्यांमार के उग्रवादी संगठन कचिन इंडीपेंडेस आर्मी (केआईए) ने किया है।
सूत्रों ने बताया कि इस उग्रवादी संगठन की ओर से म्यांमार में शिविर स्थापित करने को दोनों देश एक गंभीर समस्या मान रहे थे।

भारतीय सेना ने कालादान परिवहन परियोजना में काम करने वाले भारतीय कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी अभियान को अंजाम दिया। सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों की बीच कई दौर की बातचीत के बाद संयुक्त अभियान चलाने का फैसला किया गया। इसके लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास भेजा गया और असम राइफल्स के जवानों को भी तैनात किया गया। म्यांमार से सटे अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी असम राइफल्स पर है। दोनों देशों के बीच वर्ष 2008 में कालादान परियोजना पर सहयोग की सहमति बनी थी। इसके पूरा होने पर मिजोरम म्यांमार के रखाइन राज्य के सितवे बंदरगाह से जुड़ जाएगा।

भारत और म्यांमार की सेना मिलकर इस तरह के अभियान पहले भी चला चुकी हैं और आतंकवादियों के दांत खट्टे कर चुकी हैं।
लेकिन इस बार का जो ऑपरेशन था ये काफी बड़ा और अहम भी था। सीमा पर डटे रोहिंग्या आतंकवादियों को काफी हद तक खत्म कर दिया गया है बाकी आतंकी कैम्प छोड़ भाग निकले हैं। दोनों देश अपने-अपने क्षेत्रों में उग्रवादियों को तलाश कर रहे हैं।
उग्रवादियों को खत्म करने का अभियान भले खत्म हो गया हो लेकिन रोहिंग्या उग्रवादियों को खोजने का अभियान दोनों देश अभी भी कर रहे हैं।

Please follow and like us:
error189076

Check Also

खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है माही नदी का पानी, सैंकड़ों गांवों का संपर्क कटा, प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा

राजस्थान, मध्यप्रदेश में बारिश लोगों पर कहर ढा रही है। भोपाल में आफत की बारिश …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error

Enjoy khabar 24 Express? Please spread the word :)