Breaking News
BigRoz Big Roz
Home / Breaking News / माँ पूर्णिमाँ देवी और माँ सरस्वती की पूजा का बसंत पंचमी में क्या है महत्व? क्यों मनाई जाती है बसंत पंचम? इसके महत्व व शुभ मुहर्त को बता रहे हैं सद्गुरु स्वामी श्री सत्येन्द्र सत्यसाहिब जी

माँ पूर्णिमाँ देवी और माँ सरस्वती की पूजा का बसंत पंचमी में क्या है महत्व? क्यों मनाई जाती है बसंत पंचम? इसके महत्व व शुभ मुहर्त को बता रहे हैं सद्गुरु स्वामी श्री सत्येन्द्र सत्यसाहिब जी

कल 10 फरवरी को बसंत पंचमी का दिन है। यानि सरस्वती पूजा का दिन। उत्तरभारतीय इस दिन को मानते हैं। नेपाल, बांग्लादेश, बिहार, बंगाल, उड़ीसा में इस दिन का विशेष महत्व है। यहां बड़ी संख्या में लोग सरस्वती पूजा करते हैं।

श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज द्वारा रचित पूर्णिमाँ पुराण में भी इस पूजा का वर्णन है। अगर इन दिनों कोई भी अपने नए घर-दुकान इत्यादि में माँ पूर्णिमाँ देवी की मूर्ती स्थापना करता है तो उसके घर कभी भी दुःख दरिद्रता नहीं आती है। घर में शांति रहती है। व्यापार में कभी घाटा नहीं होता है। गृह दोष से मुक्ति मिलती है।

बसंत पंचमी के दिन सिर्फ मां सरस्वती ही नहीं बल्कि प्रेम के देवता कामदेव की भी पूजा की जाती है। इसके साथ ही इसी दिन भगवान विष्णु की भी पूजा का बड़ा महत्व है।
बसंत ऋतु को प्यार की ऋतु भी कहा जाता है। इस मौसम में प्रत्येक मनुष्य के शरीर में विभिन्न तरह के बदलाव होते हैं। इसलिए वसंत ऋतु को खुशनुमा और प्यार का मौसम भी माना जाता है।
इस दिन के बहुत से महत्व हैं इसीलिए भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में अलग-अलग तरह से इस दिन की शुरुआत होती है। विदेशों में इन दिनों कार्निवल की शुरूआत हो जाती है।

भारत में बसंत पंचमी का दिन मां सरस्वती को समर्पित है। माता सरस्वती को बुद्धि और विद्या की देवी माना जाता है। इस महीने के दौरान मौसम काफी सुहावना हो जाता है। इस दौरान न तो ज्यादा ही गर्मी होती है और न ही ज्यादा ठंड होती है और यही वजह है कि बसंत ऋतु को ऋतुओं का राजा कहा जाता है। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की खास पूजा की जाती है।

श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज माँ सरस्वती पूजा का शुभ मूहर्त बता रहे हैं।

बसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा की शुभ मूहर्त 9 फरवरी को 12:26 से 12;41 तक
बसंत पंचमी शुरूः 9 फरवरी 2019 को 12:25 से
बसंत पंचमी समाप्त- 02:08, 10 फरवरी 2019

सद्गुरु स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज के मुताबिक बसंत पंचमी का दिन अबूझ मुहर्त है। और नए काम के लिए ये बड़ा अच्छा और शुभ दिन माना जाता है। बसंत पंचमी के दिन पीले रंग के वस्त्र पहनकर पूजा करें। पीले वस्त्र पहनकर पूजा करना अच्छा होता है। अगर पीले पकवान बनाकर खाएं और बांटे तो अच्छा होगा इससे बड़ा फायदा होता है। ऐसा करने से रोग मुक्ति होती है। घर में शांति आती है।

स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज कहते हैं कि भगवान ब्रह्मा ने संसार की रचना की थी। उन्होंने पेड़-पौधे, जीव-जन्तु और मनुष्य बनाए, लेकिन उन्हें लगा कि उनकी रचना में कुछ कमी रह गई। इसीलिए ब्रह्मा जी ने अपने कमंडल से जल छिड़का, जिससे चार हाथों वाली एक सुंदर स्त्री प्रकट हुई। उस स्त्री के एक हाथ में वीणा, दूसरे में पुस्तक, तीसरे में माला और चौथा हाथ वर मुद्रा में था। ब्रह्मा जी ने इस सुंदर देवी से वीणा बजाने को कहा। जैसे वीणा बजी ब्रह्मा जी की बनाई हर चीज़ में स्वर आ गया। तभी ब्रह्मा जी ने उस देवी को वाणी की देवी सरस्वती नाम दिया। और यही वो दिन था, तभी से यह दिन बसंत पंचमी के नाम से जाना जाने लगा। इसी वजह से माँ सरस्वती की पूजा होती है।

तो आप सब भी माँ पूर्णिमा और माँ सरस्वती की पूजा करें और पुण्य कमाएं।

कुम्भ मेले में अपनी भागीदारी के लिए, पवित्र कुम्भ का पुण्य कमाने के लिए दान करें। दान करें।
इन दिनों दान करने से जीवन मे जीवन में खुशहाली आती है। दान करने से धन बढ़ता है।


जय माँ सरस्वती
जय माँ पूर्णिमाँ
जय श्री विष्णु भगवान

जय सत्य ॐ सिद्धायै नमः
सद्गुरु स्वामी श्री श्री सत्येन्द्र जी महाराज
www.satyasmeemission.org


Discover more from Khabar 24 Express Indias Leading News Network, Khabar 24 Express Live TV shows, Latest News, Breaking News in Hindi, Daily News, News Headlines

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Check Also

भीम जयंतीत गोंधळ; अतिक्रमण वादातून महिलेला मारहाण, कुटुंबाला जीवे मारण्याच्या धमक्या

भीम जयंतीत गोंधळ; अतिक्रमण वादातून महिलेला मारहाण, कुटुंबाला जीवे मारण्याच्या धमक्या

Leave a Reply

Discover more from Khabar 24 Express Indias Leading News Network, Khabar 24 Express Live TV shows, Latest News, Breaking News in Hindi, Daily News, News Headlines

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading

Subscribe