
अचानक मोच आ जाने से हुए असहनीय दर्द से काफी परेशानी होती है और जान सी निकल जाती है, और ये दर्द कई दिनों तक परेशान करता है कभी कभी तो इसको ठीक होने में एक दो हफ्ते भी लग जाते हैं, लेकिन जैसा कि आप जानते हैं डॉ० स्वतंत्र जैन के पास सभी मर्जों की दवा है तो ऐसे में ख़बर 24 एक्सप्रेस डॉ० स्वतंत्र जैन की सलाह को आप सबके सामने ला रहा है जिससे कि आप सब भी फायदा उठा सकें।
हमारा ध्येय सिर्फ इतना है कि आप स्वस्थ रहें खुश रहें। डॉ० स्वतंत्र जैन जी की सलाह को आप भी पढ़ें, अपने मित्रों और अपने परिवारजनों के साथ भी शेयर करें।
हड्डी टूटना या मोच आना –
कई बार न चाहते हुए भी दुर्घटना घट जाती है और हमे चोट लग जाती है. अगर दुर्घटना गंभीर हुई, तो हमारे शरीर के किसी अंग की हड्डी भी टूट जाती है.
कई बार हमारे बच्चे स्कूल में खेलते हुए या चलने-फिरने, काम करने, दौडने ऊँचे-नीचे स्थान पर पैर पड जाता है जिसकी वजह से मोच आ जाती है। कभी-कभी हाथ या गर्दन में भी किसी कारणवश मोच आ जाती है। मोच मे नसें या तो इधर-उधर हट जाती है अथवा कुचल जाती है मोच वाली जगह फूल जाती है और उसमें दर्द भी होता है।
हड्डी टूटने पर किसी अच्छे डॉक्टर से हड्डी सेट करवा कर चेक एक्सरे करवा कर ही प्लास्टर बंधवायें, नहीं तो अगर गलत हड्डी जुड़ गयी, तो जीवन भर परेशानी होगी. प्लास्टर बंधने पर फिर से एक बार एक्सरे करवा कर तसल्ली कर लें कि हड्डी बराबर सेट हुई है कि नहीं.
हड्डी को जल्दी से जोड़ने की कोई दवाई एलोपैथी में नहीं होती है. अतः जल्द सूजन, दर्द और हड्डी को जोड़ने या मोच में आराम के लिए निम्न दवा लें –
1. रोज सुबह Arnica 200, दोपहर को सिम्फाइटम 200 और रात को रूटा 200 रोज पांच बूँद आधा कप पानी से लेते रहें. एक हफ्ते बाद Arnica 200 बंद कर दे, लेकिन जब तक हड्डी न जुड़े या मोच में आराम न हो, तब तक इन दोनों को लेते रहे.
2. साथ ही केल्केरिया फास 6X, मेग फ़ास 6X और फेरम फ़ास 6X की दो-दो पिल्स को दिन में चार बार चूसें या कुनकुने पानी से लें.
3. अगर कभी दर्द ज्यादा हो, तो डाबर (आयुर्वेदिक) की सरबाइना स्ट्रांग की एक गोली भी ले सकते हैं.
आप स्वयं आश्चर्यचकित रह जायेंगे कि इस उपचार से आपकी हड्डी आधे से भी कम समय में जुड़ जायेगी, आप चाहे तो 15 से 20 दिन में एक्सरे करा ले जिससे पता चल जाएगा कि हड्डी जुड़ गयी है. बच्चों में हड्डी जल्दी जुडती है और बुजुर्गों में कई बार एक माह भी लग जाता है हड्डी को जुड़ने में, किन्तु जुडती बहुत ही जल्दी है. इन दवाइयों से हड्डी जुड़ती तो है ही, साथ ही हड्डी मजबूत भी होती है.
• शरीर की ओवरहालिंग और रिचार्जिंग –
हमेशा स्वस्थ रहने के लिए कोई भी व्यक्ति या परिवार अगर निम्न उपचार द्वारा अपने शरीर की ओवरहालिंग और रिचार्जिंग करता है और खान-पान तथा एक्सरसाइज भी निम्न अनुसार लेता है, तो उसे कभी भी कैंसर, डायबटीज, ह्रदय रोग, लिवर रोग, किडनी फेल्यर, टी.बी., फेफड़े के रोग, चर्म रोग आदि कोई भी गंभीर बीमारी नहीं होगी और वह आजीवन सपरिवार स्वस्थ, प्रसन्न और खुशहाल रह सकेगा –
1. सबसे पहले आप सुबह 7 बजे कुल्ला करके सल्फर 200 को, फिर दोपहर को आर्निका 200 और रात्रि को खाने के एक से दो घंटे बाद या नौ बजे नक्स वोम 200 की पांच-पांच बूँद आधा कप पानी से एक हफ्ते तक ले, फिर हर तीन से छह माह में तीन दिन तक लें.
2. इन दवाइयों को लेने के एक हफ्ते बाद हर 15-15 दिन में सोरिनम 200 का मात्र एक-एक पांच बूँद का डोज चार बार तक ले, ताकि आपके शरीर के अंदर जमा दवाई और दूसरे अन्य केमिकल और पेस्टीसाइड के विकार दूर हो सकें और आपके शरीर के सभी ह्रदय, फेफड़े, लीवर, किडनी आदि मुख्य अंग सुचारू रूप से कार्य कर सकेंगे. बच्चों और ज्यादा वृद्धों में ये सभी दवा 30 की पावर में दें.
3. अगर कब्ज रहता हो, तो होम्योलेक्स या HSL कम्पनी की होम्योकाम्ब नं. 67 की एक या आधी गोली रोज रात एक सफ्ताह तक 9.30 बजे लें. इसके बाद हर व्यक्ति को चाहिए कि वह इसे हर हफ्ते एक या आधी गोली रात्रि 9.30 बजे ले.
4. आप सुबह दो से चार गिलास कुनकुना पानी पीकर 5 मिनिट तक कौआ चाल (योग क्रिया) करें.
5. साथ ही पांच या अधिक से अधिक दस बार तक सूर्य नमस्कार करें. फिर 200 से 500 बार तक कपाल-भांति करें. इसके बाद प्राणायाम करें.
6. रोज सुबह और रात को 15-15 मिनिट का शवासन भी करें.
7. फिर एक घंटे बाद अगर सूट करे, तो कम से कम एक माह तक नारियल पानी लें. या फिर इसे दोपहर चार बजे भी ले सकते हैं.
8. सुबह और शाम को अगर संभव हो, तो एक घंटा अवश्य घूमें.
9. रात को सोते समय अष्टावक्र गीता में बताये अनुसार दो मिनिट के लिए “मैं स्वयं ही तीन लोक का चैतन्य सम्राट हूँ” ऐसा जाप करें.
10. उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव के चार्ज किये और मिलाकर बने चुम्बकित जल को लगभग 50 मिलीलीटर की मात्रा में रोज दिन में 3 बार उपयोग करें.
11. रोज सुबह उच्च शक्ति चुम्बकों को हथेलियों पर 15 मिनिट से आधे घंटे के लिए लगायें और रात्रि को खाने के दो घंटे बाद पैर के तलुवों पर 15 मिनिट से आधे घंटे के लिए दक्षिणी चुम्बक को बायीं ओर और उत्तरी चुम्बक को दाहिनी ओर लगाये.
12. गेंहू, जौ, देसी चना और सोयाबीन को सम भाग मिलाकर पिसवा ले और उसकी रोटी सादे मसाले की रेशेदार सब्जी से खाएं. दाल का प्रयोग कम कर दें.
13. बारीक आटे व मैदे से बनी वस्तुएं, तली वस्तुएं एव गरिष्ठ भोजन का त्याग करे।
14. सुबह-शाम चाय के स्थान पर नीबू का रस गरम पानी में मिला कर पिएं।
15. खाने में सिर्फ सेंधे नमक का प्रयोग करें.
16. रात को सोने से पहले पेट को ठण्डक पहुँचायें। इसके लिए खाने के चार घंटे बाद एक नेपकिन को सामान्य ठन्डे पानी से गीली करके पेट पर रखें और हर दो मिनिट में पलटते रहें. 15 मिनिट से 20 मिनिट तक इसे करें.
17. मैथी दाना 250 ग्राम, अजबाइन 100 ग्राम और काली जीरी 50 ग्राम को पीस कर इस चूर्ण को कुनकुने पानी से रात्रि 9.30 बजे एक चम्मच लें.
18. रात्रि को खाना और जमीकंद खाना, शराब पीना व धूम्रपान अगर करते हों या तम्बाखू खाते हों, तो इन्हें बंद करें. शाकाहारी भोजन ही लें.
19. अपने शरीर की सालाना ओवरहालिंग के लिए साल में एक बार अपने आसपास के किसी भी प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में जाकर वहां का दस दिन का कोर्स करें.
20. अपने घर के बुजुर्ग लोगों की रोज एक घंटे के लिये सेवा और मदद करें.
21. अपने आसपास की झोपड़पट्टी में रहने वाले किसी गरीब व्यक्ति की हर हफ्ते जाकर मदद करें.
22. अध्यात्मिक कैप्सूल के रूप में मेरी पुस्तक मुक्तियाँ की एक-एक मुक्ति तीन माह तक रोज पढ़ें. इससे आपकी नेगेटिव एनर्जी कम होगी और पॉजिटिव एनर्जी बहुत तेजी से बढेगी.
23. मेरी स्वस्थ रहे, स्वस्थ करें, मुक्तियाँ और अन्य कई पुस्तकों को मेरे Samadhan समाधान ग्रुप से निशुल्क डाउन लोड करें. आप चाहे तो अपना email address मेरे मेसेज बाक्स में दे दे, तो मैं आपको डायरेक्ट मेल कर दूंगा.
24. होम्योकाम्ब और बायोकाम्ब नम्बर से मिलती हैं. इनके नम्बर ध्यान से लिखें. साथ ही होम्योकाम्ब और बायोकाम्ब में कन्फ्यूज न हों. इन्हें साफ़-साफ़ लिखें.
25. किसी भी गंभीर मरीज को किसी विशेषज्ञ डॉक्टर को तत्काल दिखायें.
26. होम्योपैथी की दवाइयों को मुंह साफ़ करके कुल्ला करके लेना चाहिए. इनको लेते समय किसी भी तरह की सुगन्धित चीजों और प्याज, लहसुन, काफी, हींग और मांसाहार आदि से बचे और दवा लेने के आधा घंटा पहले और बाद में कुछ न लें.
27. हर दिन नई एलोपथिक दवाइयां बन रही हैं और अधिकांश पुरानी दवाइयों के घातक और खतरनाक परिणामों के कारण इन्हें कुछ ही वर्षों में भारत को छोड़ कर विश्व के कई देशों में बेन भी किया जा रहा है.
28. हमें भी चाहिये कि हम मात्र एलोपथिक दवाइयों पर ही निर्भर न रहकर योगासन, सूर्य किरण भोजन, अमृत-जल या सूर्य किरण जल चिकित्सा, एक्यूप्रेशर, बायोकेमिक दवाइयाँ आदि निर्दोष प्रणालियों को अपना कर खुद और अपने परिवार को सुरक्षित करें.
29. इस तरह दवा मुक्त विश्व का निर्माण करना ही हमारा एकमात्र उद्देश्य है और इसके लिए आप सभी का सहयोग चाहिये, जो आप मेरे इन सन्देशों को दूर-दूर तक फैला कर मुझे दे सकते हैं.
30. मेरी सभी स्वास्थ्य सम्बन्धी, लोक कल्याण, मानवाधिकार और आध्यात्मिक पोस्ट और पुस्तकों को देखने और उन्हें डाउनलोड करने के लिए आप मेरे ग्रुप “HEALTH CARE स्वस्थ रहो, स्वस्थ करो” और “Samadhan समाधान” से जुड़ सकते हैं और अपने दोस्तों को भी जोड़ सकते हैं.
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