Ammol Dewaji Walkke | Nagpur News | Bureau Report Khabar 24 Express
देश में दिव्यांगों को मिलने वाली पेंशन को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। भाजपा के कद्दावर नेता और सोशल वर्कर अम्मोल वालके ने “वन नेशन वन पेंशन” की मांग उठाई है। उनका सवाल साफ है—जब देश एक है, तो दिव्यांगों की पेंशन अलग-अलग क्यों? क्या 800 या 1000 रुपये में किसी दिव्यांग का गुजारा संभव है? आइए जानते हैं पूरी रिपोर्ट।
अम्मोल वालके का कहना है कि दिव्यांग कोई अपनी मर्जी से दिव्यांग नहीं बनता। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए पर्याप्त सहयोग दिया जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि 800 या 1000 रुपये महीने में आखिर किसी दिव्यांग का गुजारा कैसे हो सकता है? दवा, इलाज, दैनिक जरूरतें—इन सबका खर्च इतना कम नहीं होता।
उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकारें दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। लेकिन अगर पूरे देश में “वन नेशन वन पेंशन” लागू हो जाए, तो हर राज्य में दिव्यांगों को समान पेंशन मिल सकेगी और वे ज्यादा मजबूती के साथ आत्मनिर्भर बन पाएंगे।
उनके अनुसार, “दिव्यांग जन संवाद” कार्यक्रम में रोजाना ऐसी शिकायतें सामने आती हैं, जहां अधिकारी दिव्यांगों को अनावश्यक रूप से परेशान करते हैं। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि जिन्हें पहले से ही जीवन ने कठिन परिस्थितियां दी हैं, उन्हें और परेशान करना गलत है।
खास बात यह है कि अम्मोल वालके खुद भी दिव्यांग हैं। लेकिन उन्होंने खुद को आत्मनिर्भर बनाया और आज वे एक सफल बिजनेसमैन और प्रभावशाली नेता के रूप में पहचाने जाते हैं। यही कारण है कि उनकी बात को गंभीरता से सुना जा रहा है।
दिव्यांगों की पेंशन को लेकर उठी यह मांग क्या नई नीति की शुरुआत बनेगी या फिर सिर्फ बहस तक सीमित रहेगी? यह देखना बेहद अहम होगा।
Discover more from Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network Khabar 24 Express brings the latest Hindi News, Breaking News, Live TV, India News, Maharashtra News, Nagpur News, Politics, Crime, Business, Sports, Entertainment, Technology, Auto, Health, Education, Lifestyle and World News with fast, accurate and trusted updates 24×7