Breaking News
BigRoz Big Roz
Home / Breaking News / महाराष्ट्र के सरकारी अस्पतालों में अब मुफ्त में नहीं होगा इलाज, नई फीस से गरीब मरीजों पर बढ़ेगा बोझ

महाराष्ट्र के सरकारी अस्पतालों में अब मुफ्त में नहीं होगा इलाज, नई फीस से गरीब मरीजों पर बढ़ेगा बोझ

Maharashtra Breaking News | Bureau Report Akash Dhake | Khabar 24 Express

महाराष्ट्र से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने आम और गरीब मरीजों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों में इलाज और जांच सेवाओं के लिए नया रेट कार्ड जारी कर दिया है।

जिन सेवाओं का लाभ अब तक मुफ्त या बेहद कम शुल्क पर मिलता था, उनके लिए अब मरीजों को तय कीमत चुकानी होगी। सवाल यह है कि क्या यह फैसला स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाएगा या फिर गरीबों की जेब पर सीधा वार करेगा?

महाराष्ट्र सरकार ने 16 जनवरी को एक सरकारी प्रस्ताव जारी कर सरकारी अस्पतालों में इलाज और जांच सेवाओं के लिए नई दरें तय की हैं। इस फैसले के बाद कई ऐसी सेवाएं, जो पहले मुफ्त थीं, अब भुगतान के दायरे में आ जाएंगी।

सरकार ने यह जरूर स्पष्ट किया है कि किसी भी हाल में मरीज का इलाज रोका नहीं जाएगा और हर उपचार में संबंधित चिकित्सा अधिकारी का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।

हालांकि यह नया रेट कार्ड कागजों पर लागू हो चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक इसे पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। कई जिलों के सिविल सर्जनों का कहना है कि पुराने नियमों और नए रेट कार्ड के बीच विरोधाभास है, जिस वजह से स्पष्ट दिशा-निर्देशों की जरूरत है।

इस फैसले को लेकर विरोध भी तेज हो गया है। सामाजिक संगठनों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले ज्यादातर मरीज गरीब और निम्न आय वर्ग से आते हैं।

ऐसे में उनसे शुल्क वसूलना उनके लिए इलाज को और मुश्किल बना सकता है। कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि अगर फीस बढ़ती गई तो सरकारी अस्पतालों का खर्च धीरे-धीरे निजी अस्पतालों जैसा हो सकता है।

वहीं सरकार का तर्क है कि नई दरों का उद्देश्य संसाधनों के दुरुपयोग को रोकना, पारदर्शिता बढ़ाना और मरीजों को बेहतर सेवाएं देना है। सरकार यह भी दावा कर रही है कि गरीबों और विशेष श्रेणियों के लिए कई सेवाएं पहले की तरह मुफ्त रहेंगी और स्वास्थ्य योजनाओं के तहत इलाज की सुविधा जारी रहेगी।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह फैसला कागजों तक सीमित रहेगा या जमीनी हकीकत में गरीब मरीजों पर बोझ बनकर सामने आएगा। सरकारी अस्पतालों में इलाज सच में बेहतर होगा या मुफ्त इलाज का भरोसा धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा, इसका जवाब आने वाले दिनों में मिलेगा।

अगर आप चाहते हैं ऐसी ही ज़मीनी सच्चाई और जनता से जुड़ी बड़ी खबरें सबसे पहले, तो चैनल को सब्सक्राइब करें और वीडियो को शेयर जरूर करें।


Discover more from Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Check Also

UP Crime News: पीलीभीत में पैरामेडिकल छात्रा कशिश पटेल की हत्या, आरोपी बोला- ‘बात बंद कर दी थी’, एक दिन पहले खरीदा था 12 इंच का चाकू

UP Crime News: पीलीभीत में पैरामेडिकल छात्रा कशिश पटेल की हत्या, आरोपी बोला- 'बात बंद कर दी थी', एक दिन पहले खरीदा था 12 इंच का चाकू

Leave a Reply

Discover more from Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading