
महाराष्ट्र में एक बार फिर “मराठी अस्मिता” की राजनीति ने तूल पकड़ लिया है। ठाणे से सामने आया एक वायरल वीडियो महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को कटघरे में खड़ा कर रहा है। एक महिला को मराठी भाषा पर टिप्पणी करने के बाद मनसे की पदाधिकारी ने कैमरे के सामने माफी मंगवाई और थप्पड़ जड़ दिया। अब सवाल उठ रहे हैं — क्या मराठी के नाम पर गुंडागर्दी ही राजनीति का नया चेहरा बन गई है?
मराठी भाषा पर टिप्पणी और मनसे का गुस्सा
घटना ठाणे के कलवा रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार रात की है। बताया जा रहा है कि एक महिला ने मराठी भाषा को लेकर कुछ विवादित शब्द कहे। इसी बात पर पास में मौजूद एक व्यक्ति और उसकी पत्नी — जो खुद मनसे की स्थानीय पदाधिकारी हैं — भड़क उठीं।

महिला को ढूंढकर लाया गया, कैमरे पर उससे माफी मंगवाई गई और जब वह बोलना खत्म कर ही रही थी, तभी मनसे नेता ने उसके चेहरे पर जोरदार थप्पड़ मार दिया।
यह पूरा वाकया कैमरे में कैद हो गया और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
सोशल मीडिया पर बवाल — मराठी अस्मिता या राजनीतिक नौटंकी?
वीडियो सामने आने के बाद लोग दो गुटों में बंट गए हैं।
एक पक्ष कह रहा है — “मराठी भाषा का अपमान सहन नहीं किया जाएगा।”
जबकि दूसरा पक्ष सवाल कर रहा है — “क्या किसी को थप्पड़ मारना मराठी अस्मिता की रक्षा कहलाएगा?”
नेटिज़न्स ने इसे मनसे की गुंडागर्दी बताया है। कई यूजर्स ने लिखा कि अगर किसी को गलती लगी भी, तो कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए थी, न कि सड़क पर थप्पड़ मारना।
राज ठाकरे की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
यह पहली बार नहीं है जब राज ठाकरे की पार्टी मनसे पर भाषा और क्षेत्रवाद के नाम पर राजनीति करने के आरोप लगे हों।
निकाय चुनावों के नज़दीक आते ही यह मामला एक बार फिर मनसे की पुरानी शैली की राजनीति की याद दिला रहा है — जहां “मराठी मानुष” का नारा वोटों के लिए हथियार बन जाता है।
राज ठाकरे की ओर से इस पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
क्या वह अपने कार्यकर्ताओं की इस हरकत को सही ठहराएंगे या इसकी निंदा करेंगे — यह देखने वाली बात होगी।
पुलिस का बयान और लोगों के सवाल
ठाणे पुलिस ने बताया कि मामला अब आपसी सहमति से सुलझा लिया गया है, लेकिन सोशल मीडिया पर बहस थमने का नाम नहीं ले रही।
लोग पूछ रहे हैं
- क्या लोकतंत्र में किसी को अपनी राय रखने की सज़ा थप्पड़ है?
- क्या भाषा के नाम पर हिंसा को जायज़ ठहराया जा सकता है?
- और क्या यह सब सिर्फ चुनावी राजनीति का खेल है?
और अंत में…
भाषा पर गर्व होना स्वाभाविक है, लेकिन जब वही भाषा हिंसा और धमकी का ज़रिया बन जाए, तो समाज और राजनीति दोनों के लिए खतरा बन जाती है।
ठाणे की यह घटना बताती है कि “मराठी अस्मिता” का मुद्दा सिर्फ भावनाओं तक सीमित नहीं, बल्कि अब राजनीतिक हथियार बन चुका है।
Bureau Report : Khabar 24 Express, Thane
Discover more from Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network Khabar 24 Express brings the latest Hindi News, Breaking News, Live TV, India News, Maharashtra News, Nagpur News, Politics, Crime, Business, Sports, Entertainment, Technology, Auto, Health, Education, Lifestyle and World News with fast, accurate and trusted updates 24×7