
सिद्धासिद्ध महायंत्र, उपासना,पूजापाठ, आदि में आपके पूजाघर हो या आपके गले या बांह में बंधा हो,वो सिद्धासिद्ध महामंत्र के जप यज्ञानुष्ठान के द्धारा आपके भौतिक हो या आध्यात्मिक जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसे,स्वास्थ्य से लेकर,धन, समृद्धि, और सभी प्रकार की सफलताओ का मूल प्रतीक माना जाता है। सिद्धासिद्ध महायंत्र का घर में स्थापित करना और नियमित रूप से इसकी पूजा करना सुख, समृद्धि, और सर्व ऐश्वर्य के भगवान सत्यनारायण सत्यई पूर्णिमा सहित सभी देवी देवताओं की विशेष कृपा प्राप्त करने का एक मात्र उपाय माना जाता है।
सिद्धासिद्ध महायंत्र की महिमा:-
सर्व ऐश्वर्य, धन और समृद्धि:-
सिद्धासिद्ध महायंत्र को सभी प्रकार का ऐश्वर्य, धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसे स्थापित करने से घर में सभी प्रकार का वैभव धन,ऐश्वर्य के आगमन में शीघ्र वृद्धि होती है और सभी ओर से आई आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं।
सुख साधन और शांति:-
सिद्धासिद्ध महायंत्र से घर में सुख, सभी साधन के साथ शांति, और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह घर के सदस्यों के बीच प्रेम और मित्रता ओर सद्भाव को बढ़ाता है।
शक्ति, पौरुष और सिद्धि:-
सिद्धासिद्ध महायंत्र को शक्ति, पौरुष और अपूर्व सिद्धि का प्रतीक भी माना जाता है। इसे स्थापित करने से व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक शक्ति के साथ आत्मिक शक्ति भी बढ़ती है।
सभी प्रकार के भूमिक,भवन आदि के वास्तु दोष का निवारण:-
सिद्धासिद्ध महायंत्र से घर,ऑफिस,व्यवसाय स्थानों में, वाहन में सभी प्रकार के भूमिक,भवन,जायजाद आदि के वास्तु दोषों को दूर करने में भी मदद करता है। इसे, सही से पूजाघर या साफ स्थान पर स्थापित करने से घर के सदस्यों को सभी प्रकार के वास्तु दोषों से होने वाले सभी प्रकार के तंत्र,मंत्र, जादू टोने,व्यभचार के नकारात्मक प्रभावों से सहजता से बचाया जा सकता है।
सिद्धासिद्ध महायंत्र की स्थापना और पूजा:-
सिद्धासिद्ध महायंत्र को घर के, ऑफिस,व्यवसायिक स्थान पर बने मंदिर या साफ़ स्थान में स्थापित करना चाहिए।
सिद्धासिद्ध महायंत्र को स्थापित करते समय रोली, अक्षत, और फल, फूल ओर खीर का प्रसाद अर्पित करें।
अपने श्रीगुरुदेव ओर भगवान सत्यनारायण सत्यई पूर्णिमा देवी का ध्यान करते हुए मंत्र ” का जाप करें।
आप,चाहें तो, पूर्णिमा के दिन भगवान सत्यनारायण की कथा के साथ या किसी शुभ महुरत में जैसे अक्षय तृतीया,चारों नवरात्रियों में,या होली दीपावली या किसी भीभागवान या महापुरुष के जन्मदिवस पर दिन या रात्रि के समय किसी भी भागवत पाठ को करके या कराकर भी स्थापित कर सकते हैं।
नियमित रूप से,विशेष कर पूर्णमासी को, “सिद्धासिद्ध महायंत्र” की पूजा करें और इसे कुमकुम लगाकर पूर्णिमा देवी की आरती करें।
निष्कर्ष:-
सिद्धासिद्ध महायंत्र एक महापरम संपूर्ण,अपरा, परा महाविद्याओं की शक्ति भक्ति देने वाला आत्मसाक्षात्कारी शक्तिशाली महायंत्र है जो,स्वास्थ्य,ऐश्वर्य,धन, समृद्धि, सुख,वैभव और शांति प्रदान करता है। इसे घर,ऑफिस,व्यवसायिक,प्रतिष्ठानों, वाहन गले,भुजा आदि में स्थापित करने से हर नर नारी यानी प्रत्येक व्यक्ति को ब्रह्म शक्ति की सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और जीवन में सर्व भौतिक आध्यात्मिक सफलता प्राप्त होती है।
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