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स्वामी समर्थ महाराज के प्रकट दिन पर वणी में कार्यक्रम, Vijay Chordiya ने कही ये बात

चैत्र शुक्ल द्वितीया को श्री स्वामी समर्थ महाराज का प्रकट दिवस माना जाता है। यानी आज 31 मार्च 2025 को श्री स्वामी समर्थ महाराज का प्रकट दिवस है, और 26 अप्रैल 2025 को स्वामी समर्थ महाराज का स्मरण दिवस है। इस कारण पूरे महीने भक्तों पर स्वामी जी की कृपा की वर्षा बरसेगी।

इसी को लेकर वणी में स्वामी समर्थ महाराज के प्रकट दिन के उपलक्ष्य में पूजा पाठ और महाप्रसाद का कार्यक्रम मशहूर समाजसेवी, भाजपा नेता व बिजनेसमैन विजय चौरड़िया द्वारा करवाया जा रहा है।
विजय चौरड़िया स्वामी समर्थ महाराज में काफी आस्था रखते हैं। यही वजह है कि वणी में उनके प्रकट दिन को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।

बता दें कि विजय चौरड़िया मशहूर समाजसेवी है, भाजपा नेता हैं और साथ ही वे एक सफल बिजनेसमैन भी हैं। बता दें कि विजय चौरड़िया अपने खर्चे पर मेडिकल हेल्थ चेकअप कैंप, आई केयर से लेकर गरीबों के उत्थान के लिए कई प्रकार के कार्य करते रहते हैं जिससे कि जरूरतमंदों की समस्याएं खत्म हो सके।

स्वामी समर्थ महाराज के प्रकट दिवस के कार्यक्रम पर विजय चौरड़िया ने अपने परिवार सहित पूजा पाठ की साथ ही उन्होंने स्वामी समर्थ महाराज के लिए कहा कि स्वामी जी का आशीर्वाद उनके ऊपर है तभी वे लोगों के लिए कुछ कर पाते हैं।

वहीं बता कि केवल “श्री स्वामी समर्थ” नाम का उच्चारण करने से ही विश्वास, चेतना और आनंद की अनुभूति होती है, ऐसा कई भक्तों का अनुभव है।

अक्कलकोट को स्वामी भक्तों के लिए पंढरपुर माना जाता है। लाखों श्रद्धालु अक्कलकोट जाकर श्री स्वामी समर्थ महाराज के दर्शन करते हैं और उनके समक्ष समर्पित होते हैं। स्वामी जी की कृपा प्राप्त करने के लिए भक्तगण सेवा करते हैं। न केवल अक्कलकोट, बल्कि जहाँ-जहाँ स्वामी जी के मठ हैं, वहाँ भी भक्त बड़ी संख्या में जाकर स्वामी जी के समक्ष नतमस्तक होते हैं। प्रकट दिवस से स्मरण दिवस तक के छह दिनों में विशेष स्वामी सेवा कर छह वस्तुओं का दान करना अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है।

जब समस्याएँ समाप्त नहीं होतीं, कठिनाइयाँ बनी रहती हैं, संकट से निकलने का मार्ग नहीं मिलता, अथक परिश्रम के बावजूद सफलता नहीं मिलती, तब लोग स्वामी जी की कृपा पाने की आशा से उनकी शरण में जाते हैं। कहा जाता है कि यदि स्वामी जी के प्रकट दिवस से स्मरण दिवस तक विशेष सेवा की जाए, तो स्वामी जी की कृपा प्राप्त हो सकती है, आशीर्वाद मिल सकते हैं, और जीवन की समस्याओं से उबरने का सकारात्मक मार्ग मिल सकता है। आइए जानते हैं विशेष उपाय—

स्वामी जी के प्रकट दिवस और उसके बाद आने वाले प्रत्येक गुरुवार तथा स्मरण दिवस पर भक्तों को अवश्य स्वामी जी के मठ या मंदिर जाकर दर्शन करना चाहिए।

प्रकट दिवस, उसके बाद आने वाले चार गुरुवार और स्मरण दिवस पर यथासंभव दान करना चाहिए। यदि दान में पीले रंग की वस्तुओं को शामिल किया जाए तो यह सर्वोत्तम माना जाता है।

पहले गुरुवार: हिंदू नववर्ष के पहले गुरुवार को पीले वस्त्रों का दान करें। आप किसी गुरुजी, पुरोहित, या मंदिर के पुजारी को पीतांबर (पीला वस्त्र) दान कर सकते हैं। उनकी पत्नी को पीली साड़ी दान कर सकते हैं। यदि यह संभव न हो, तो पीला उपरणा (दुपट्टा) और पीला ब्लाउज पीस दान करें।

दूसरे गुरुवार: पीले पेड़े का दान करें। मंदिर में जाने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद रूप में पेड़े का वितरण करें, जिससे उन्हें खुशी मिले और वह शुभकामनाओं में परिवर्तित हो जाए।

तीसरे गुरुवार: स्वामी जी को पीले फूल अर्पित करें। मौसम के अनुसार उपलब्ध पीले फूलों का उपयोग करें, लेकिन फूल पूरी श्रद्धा से अर्पित करें, क्योंकि श्रद्धा से अर्पित की गई एक पंखुड़ी भी भगवान तक पहुँचती है।

चौथे गुरुवार: गुड़, चना और फुटाने (भुने हुए चने) का नैवेद्य अर्पित करें और उसे प्रसाद रूप में भक्तों में वितरित करें। साथ ही, यथाशक्ति दानपेटी में गुप्त दान करें। यह न केवल देने की भावना को विकसित करता है, बल्कि भक्त को ईश्वर के समीप भी ले जाता है।

स्वामी जी का स्मरण दिवस (26 अप्रैल 2025, शनिवार)
चैत्र कृष्ण त्रयोदशी को स्वामी समर्थ महाराज ने अपने अवतार कार्य की समाप्ति की थी। इस दिन स्वामी जी को उनके प्रिय भोजन का नैवेद्य अर्पित करें और मठ में आए श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित करें। या फिर किसी जरूरतमंद को भोजन कराएँ।

शुद्ध श्रद्धा और अडिग विश्वास रखें।
स्वामी जी की कृपा कब होगी, यह कोई नहीं बता सकता, लेकिन जब कृपा होती है, तब जीवन धन्य हो जाता है। इसलिए, स्वामी समर्थ पर अटूट श्रद्धा और विश्वास बनाए रखें।

श्री स्वामी समर्थ महाराज के प्रकट दिवस से स्मरण दिवस तक यदि यह उपाय श्रद्धा से किए जाएँ, तो जीवन की कठिनाइयाँ धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं। स्वामी जी पर श्रद्धा बनाए रखते हुए उनकी सेवा करते रहना चाहिए।

ब्यूरो रिपोर्ट : खबर 24 एक्सप्रेस


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