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आज है सूर्य ग्रहण और शनि जयंती, 148 साल बाद बन रहा है ऐसा योग, क्या हैं इस दिन के मायने? बता रहे हैं सद्गुरु स्वामी सत्येंद्र जी महाराज

आज सूर्य ग्रहण है। साल का पहला सूर्य ग्रहण। सद्गुरु स्वामी सत्येंद्र जी महाराज के अनुसार यह ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को लग रहा है। सूर्य ग्रहण ज्येष्ठ अमावस्या 10 जून, बृहस्पतिवार को मृगशिरा नक्षत्र और बृषभ राशि में लग रहा है। यह ग्रहण भारत के राज्य अरुणांचल प्रदेश और जम्मू-काश्मीर के उत्तरी भाग में कुछ क्षणों के लिए लगेगा, जिसे देख पाना कठिन रहेगा इसलिए इस ग्रहण का सूतक तथा इससे सम्बंधित अन्य दोष भारत में मान्य नहीं होंगे। ग्रहण दोपहर 01 बजकर 42 मिनट से आरम्भ होकर शाम 06 बजकर 41मिनट तक चलेगा। ग्रहण का मध्य 04 बजकर 12 मिनट पर होगा। यह ग्रहण वलयाकार सूर्यग्रहण होगा जिसमें सूर्य अंगूठी के आकार का दिखाई पड़ेगा। इससे पहले 26 मई को ब्लड मून चंद्र ग्रहण देखने को मिला था।

यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं देखा जा सकेगा इस कारण से ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा। यह सूर्य ग्रहण अमेरिका, यूरोप और एशिया, उत्तरी कनाडा, ग्रीनलैंड और रूस में दिखाई देगा। हालांकि खगोल के जानकारों का कहना है कि भारत में इस ग्रहण को सूर्यास्त के कुछ मिनटों पहले लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में आंशिक तौर पर देखा जा सकता है।

पंचांग के अनुसार ग्रहण ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि, वृषभ राशि और मृगशिरा नक्षत्र में लगेगा। आज के दिन वट सावित्री व्रत और शनि जयंती भी मनाई जा रही है। 15 दिनों के अंतराल में यह दूसरा ग्रहण होगा। इसके पहले 26 मई को भी चंद्र ग्रहण लग चुका है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी कहीं सूर्य ग्रहण लगता है तो उसके 12 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है। स्वामी सत्येंद्र जी महाराज के अनुसार सूतककाल को अशुभ माना गया है। लेकिन भारत में सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। ऐसे में आज दिन किसी भी तरह का धार्मिक अनुष्ठान और शुभ कार्य में कोई रुकावट नहीं रहेगी।

आज ज्येष्ठ अमावस्या पर लगने वाला सूर्य ग्रहण वृषभ राशि और मृगशिरा नक्षत्र में है। इसके अलावा भी कई तरह के संयोग वर्षों बाद बन रहा है जिसमें सूर्य ग्रहण, शनि जयंती और वट सावित्री व्रत 148 वर्ष के बाद दोबारा बन रहा है। 

वैदिक ज्योतिषशास्त्र के अनुसार यह सूर्य ग्रहण वृष राशि में लगेगा। इस वजह से वृषभ राशि के जातकों पर ज्यादा प्रभाव देखने को मिल सकता है। वृषभ राशि के जातकों को नौकरी में संकट और कार्यों में बाधा का सामना करना पड़ सकता है।

सद्गुरु स्वामी सत्येंद्र जी महाराज के अनुसार आज सूर्य ग्रहण भी है और शनि जयंती भी मनाई जा रही है। ऐसे में सभी लोगों को शनि भगवान की पूजा करनी चाहिए, ज्यादा से ज्यादा दान करना चाहिए। गरीबों को भोजन, कपड़े, जूते, चप्पल इत्यादि का दान काफी शुभ होता है। साथ ही लोग शनि भगवान की पूजा के उपरांत जय “सत्य ॐ सिद्धाय नमः” मंत्र का जप भी करें।

जय सत्य ॐ सिद्धाय नमः
सद्गुरु स्वामी सत्येंद्र जी महाराज
www.satyamseemission.org


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