
• चतुर्मुखी सनातन धर्म : तीसरा धर्म : विश्व धर्म –
आप जानते ही हैं कि धर्म धृ धातु से बना है जिसका अर्थ होता है – धारण करना.
अतः जो आप हो, ऐसे स्वयं के चतुर्मुखी धर्मों को प्रतिपादन करने वाले चैतन्य सम्राट को जानना, मानना और धारण करना ही धर्म कहलाता है.
आपका धर्म तभी शाश्वत, सनातन, अजर, अमर, सुखदायक कहला सकता है, जब आपके हर जन्म में वह धर्म आपके साथ रहे, आपका कभी भी न साथ छोड़े.
सनातन धर्म के तीसरे सोपान में हम हमारी माँ वसुंधरा या पृथ्वी माँ के विश्व धर्म पर चर्चा करते हैं.
माँ वसुंधरा का यह विश्व धर्म प्राकृतिक धर्म भी कहलाता है.
अतः माँ वसुंधरा का धर्म ही आपका नैसर्गिक गुण, शक्ति या स्वभाव वाला होता है.
इस संसार के किसी भी देश के किसी भी कोने या जगह पर चले जाइए, आपको हर जगह पर पग-पग में माँ वसुंधरा के विश्व धर्म से आपका परिचय होता रहेगा.
इस तरह हर देश, हर प्रान्त, हर समाज और हर सम्प्रदाय का नागरिक माँ वसुंधरा के इस विश्व धर्म का पालन करने वाला होता है.
आइये अब हम माँ वसुंधरा के इस विश्व धर्म पर विस्तार से चर्चा करते हैं –
माँ वसुंधरा अपनी सभी संतानों को पोषण, आश्रय, विश्राम और ममत्व प्रदान करती है.
माँ वसुंधरा ही हमारे इस शरीर का हर तरह से रक्षण, पोषण कर हमारा जीवन-चक्र चलाती है.
माँ वसुंधरा अपनी सभी महान शक्तियां जैसे कि सूर्य, चन्द्रमा, पृथ्वी, पवन, नदियाँ, समुद्र, वृक्ष आदि के द्वारा हम सभी का निःस्वार्थ भाव से लालन-पालन और पोषण करती है.
माँ वसुंधरा के आँचल की छाँव से छन कर आने वाली सूर्य की किरणों से ही सभी प्राणियों को रोशनी, प्रकाश, उर्जा और पोषण मिलता है.
माँ वसुंधरा के आश्रय में ही चन्द्रमा सभी को शीतल किरणों से प्रफुल्लित करता है.
माँ वसुंधरा की मधुर लोरी गुनगुनाते हुए पवन या हवा सभी को प्राणदायक वायु प्रदान करती है. हिटलर ने लाखों लोगो को मारा, फिर भी वसुंधरा माँ ने उसको आक्सीजन देना बंद नहीं किया था.
माँ वसुंधरा के आँचल में सितारों की तरह जड़े सभी पेड़-पौधे प्राणघातक वायु को गृहण कर जीवनदायक आक्सीजन को छोड़ते हैं और पत्थर मारने पर भी मधुर फल देते हैं.
माँ वसुंधरा की छत्र-छाया में सभी सागर नीलकंठ की भांति इस संसार की सभी तरह की गन्दगी को गृहण कर घनघोर मेघों की रचना कर अमृत जल की बारिश करवाते हैं.
माँ वसुंधरा ही सभी नदियों में जल, खेतों में हरियाली तथा भूखे-प्यासे को अन्न-जल देती हैं.
इस तरह से माँ वसुंधरा अपने आँचल की छाया में पात्र-अपात्र की चिंता किये बिना सभी प्राणियों को निस्वार्थ भाव से शक्ति, स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा संबल प्रदान करती रहती है.
माँ वसुंधरा की तरह ही उसकी संतानों या सभी प्राणियों की सेवा करना ही सच्चा सनातन विश्व धर्म होता है
दीन-दुखी, लाचार, बीमार, परेशान लोगो की मदद कर उनमे आशा का संचार करना ही विश्व धर्म कहलाता है
अतः आपका भी यह कर्तव्य है कि आप भी निस्वार्थ भाव से अच्छे-बुरे की चिंता छोड़कर अपना तन-मन-धन लगाकर वसुंधरा माँ की सभी संतानों की मदद करें, उन पर हमेशा उपकार करें,
अतः माँ वसुंधरा की सभी संतानों की सेवा ही सच्चा सनातन विश्व धर्म है
आप भी माँ वसुंधरा के सनातन विश्व धर्म का पालन कर सच्चे धर्मात्मा कहला सकेंगे.
फिर आप भी इन महान शक्तियों के समतुल्य होकर पामर से परमात्मा बन सकेंगे.
अतः आप सभी को अब साक्षी भाव से, वीतरागी भाव से इस सनातन विश्व धर्म को जानकर अब हमेशा इसका पालन करना चाहिये
तभी आप सभी धर्मों, सम्प्रदाय तथा जाति के विरोधाभास को दूर कर सनातन विश्व धर्म के अनुयायी बन सकते हैं.
अगर आप भी इस सनातन विश्व धर्म के अनुयायी बन बेबस, बीमार, कमजोर, लाचार और दुखी लोगो को माँ वसुंधरा की संतान मानकर उनकी मदद करते हैं, तो आप भी इस सनातन विश्व धर्म का पालन करते है.
फिर आप भी सनातन विश्व धर्मी कहला सकते हैं. अगर ऐसा है, तो आप भी अब खुद को धर्मी या आस्तिक मानें.
आप जानते ही हैं कि जाति, सम्प्रदाय या आस्था कहलाने वाले आपके वर्तमान के धर्म तो इस जन्म के साथ ही ख़त्म हो जाते हैं.
अतः आप अपने आस्था के धर्म का पालन तो करें ही, साथ ही मातृत्व धर्म, राष्ट्र धर्म तथा विश्व धर्म के समान शाश्वत, सनातन, अजर, अमर, सुखदायक चतुर्मुखी धर्मों का भी पालन करें.
ताकि आप भी शाश्वत, सनातन, अजर, अमर होकर अक्षय अनंत सुख को पा सकें.
आशा है अब आप भी अपने इस सनातन विश्व धर्म को पहचान कर उसका पालन करेंगे.
सनातन विश्व धर्म अपनाने से आतंकवाद पर भी अंकुश लग सकता है.
मेरे आगे के लेख में अब आपको आपके शाश्वत, सनातन, अजर, अमर, सुखदायक चतुर्मुखी धर्मों के सबसे प्रमुख सनातन आत्म धर्म से आपका परिचय करवाया जाएगा.
इस संसार के समस्त प्राणियों को कलियुग या पंचम काल के अंत तक
स्वयं के शुद्ध आत्म-तत्व या चैतन्यदेव या चैतन्य सम्राट का उपदेश मिलता रहे,
इसके लिए सम्पूर्ण विश्व के हर कोने में समवशरण सेवा मंदिर बनाने की हमारी योजना है
हमारे प्रस्तावित एक हजार आठ समवशरण सेवा मंदिरों में आपको इन सभी चतुर्मुखी धर्मों का सतत लाभ मिलता रहेगा तथा फिर आपको निश्चित ही अक्षय अनंत सुख की प्राप्ति भी होगी.
Discover more from Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network Khabar 24 Express brings the latest Hindi News, Breaking News, Live TV, India News, Maharashtra News, Nagpur News, Politics, Crime, Business, Sports, Entertainment, Technology, Auto, Health, Education, Lifestyle and World News with fast, accurate and trusted updates 24×7
I enjoy this site – its so usefull and helpfull.