Haridwar Breaking News | Swami Ramdev vs Kangana Ranaut | Bureau Report Khabar 24 Express

कंगना रनौत भाजपा सांसद हैं और योग गुरु स्वामी रामदेव लंबे समय से भाजपा समर्थक माने जाते हैं। ऐसे में दोनों के बीच शुरू हुई जुबानी जंग राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गई है। सवाल यह उठ रहा है कि एक ही विचारधारा से जुड़े माने जाने वाले दो चर्चित चेहरों के बीच आखिर ऐसा क्या हुआ कि मामला सार्वजनिक बयानबाजी तक पहुंच गया।
हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब कंगना रनौत अपने बयानों को लेकर विवादों में घिरी हों। कंगना अक्सर अपने बेबाक और तीखे बयानों के कारण सुर्खियों में रहती हैं। इस बार उनका बयान स्वामी रामदेव को लेकर आया तो मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया।
रामदेव ने बिना नाम लिए किया पलटवार
कंगना रनौत और बाबा रामदेव के बीच चल रही जुबानी जंग पर स्वामी रामदेव ने एक बार फिर प्रतिक्रिया दी। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि वह विवाद को बढ़ावा नहीं देना चाहते।
रामदेव ने कहा कि देश जानता है कि स्वामी रामदेव कौन हैं और उनका योगदान क्या रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वह “ओछे लोगों” के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।
उनके इस बयान को कंगना रनौत की टिप्पणी के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।
सरकारी नौकरी के मुद्दे से शुरू हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले स्वामी रामदेव ने सरकारी नौकरी के इंटरव्यू में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने इस मुद्दे पर आंदोलन की चेतावनी भी दी थी।
इसी को लेकर कंगना रनौत ने उन पर तंज कसा था। इसके बाद दोनों के बीच बयानबाजी शुरू हो गई और मामला अब सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक चर्चाओं तक पहुंच गया है।
कंगना के बयान और रामदेव के जवाब के बाद यह बहस भी शुरू हो गई कि क्या यह सिर्फ दो चर्चित हस्तियों के बीच व्यक्तिगत बयानबाजी है या इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है।
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से शिक्षा और विकास में बदलाव की बात
इस बीच स्वामी रामदेव ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि इस तरह की व्यवस्था से देश में विकास, प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में बेहतर बदलाव की संभावनाएं पैदा हो सकती हैं।
रामदेव लगातार राष्ट्रीय मुद्दों, शिक्षा, सामाजिक समरसता और व्यवस्था में सुधार से जुड़े विषयों पर अपनी राय रखते रहे हैं।
वंदे मातरम के अर्थ पर भी दिया बयान
योग गुरु स्वामी रामदेव ने वंदे मातरम के अर्थ और महत्व को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम भारत माता की वंदना है और इसे किसी विशेष देवी-देवता, मंदिर या मठ की पूजा से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
रामदेव के अनुसार, भारत माता को विद्या, धर्म और शक्ति जैसी उपमाओं से संबोधित करना राष्ट्र के प्रति सम्मान और समर्पण की भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम का मूल भाव भारत माता को नमन करना है।
सामाजिक समरसता पर भी बोले रामदेव
स्वामी रामदेव ने समाज में बढ़ते भेदभाव और आपसी फूट पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि छात्रों, मरीजों, जवानों, किसानों, अनुसूचित जाति-जनजाति, ब्राह्मणों या किसी भी वर्ग के साथ अन्याय संविधान और लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि किसी भी समाज या वर्ग का अपमान नहीं होना चाहिए। साथ ही संन्यासियों और धार्मिक व्यक्तियों को लेकर बढ़ती अपमानजनक बयानबाजी पर भी चिंता जताई।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि कंगना रनौत स्वामी रामदेव के इस ताजा बयान पर कोई जवाब देती हैं या फिर दोनों के बीच चल रही यह जुबानी जंग यहीं थम जाती है।
ब्यूरो रिपोर्ट | खबर 24 एक्सप्रेस
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