श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज आज काली कौड़ी के प्रयोग के बारे में बता रहे हैं। तंत्र मंत्र और काला जादू के तांत्रिक प्रयोगों से रक्षा हेतु और घर संतान कार्य व्यवसाय और नोकरी में बाँधा दूर करके अति शीघ्र ही शनिदेव सहित कालरात्रि और महालक्ष्मी की कृपा से सुख समृद्धि एश्वर्य धन की प्राप्ति हेतु सिद्ध करें काली कौड़ी
[भाग-1]
देव और दैत्यों के युद्ध उपरांत अमृत प्राप्ति के लिए जब समुद्र मंथन हुआ था। तब उसमे समुंद्र से १४ रत्नो की प्राप्ति हुई थी। … जिसमे भगवान विष्णु का पंच जन्य शंख निकले थे।और उसी के साथ रत्नो के रूप में अनेक रंगों की कोड़ियां भी निकली जिनमें काली कौड़ी बड़ी अनमोल थी…
चौदह (14) रत्नों की प्राप्ति-
समुद्र मंथन के बाद जो चौदह (14) रत्नों की प्राप्ति हुई थी जो निम्नलिखित हैं:-
हलाहल (विष)
कामधेनु
उच्चे: श्रवा (अश्व)
ऐरावत हाथी
कौस्तुभ मणि
कल्पद्रुम
रंभा
लक्ष्मी
वारुणी (मदिरा)
चन्द्रमा
पारिजात वृक्ष
पांचजन्य शंख
धन्वन्तरि (वैद्य)
अमृत
और इसमें अलग अलग रंग की कौड़िया भी प्राप्त हुई जैसे सफ़ेद,पीली, लालभूरि, और विशेष दुर्लभ काली कौड़ी और पुराने समय में लोग इसका परस्पर व्यापार में लेन देन के रूप में धन के रुप में उपयोग करते थे ।
यो आज भी कहावत कही जाती हैं की-तेरी या इसकी औकात 2 कौड़ी की नहीं हैं।
यो इन कौड़ियों में श्रेष्ठ काली कौड़ी का उपयोग एक और कार्य के लिए उपयोग बढ़ने लगा-भाग्य के देव शनिदेव की कृपा तथा काली माता व् कालरात्रि देवी और महालक्ष्मी की प्रसन्नता प्राप्ति को अमावस्या या अष्टमी की रात्रि के 11 से 1 बजे के मध्य पूजन करके काले जादू की सभी तांत्रिक क्रियाओं और नजर आदि के तोड़ के लिए प्रयोग।और अनेक तांत्रिक सिद्धियों में इसका उपयोग बढ़ता गया।जिनमें अब वर्तमान में बहुत से प्रयोग गुप्त और लुप्त भी हो गए है।तो उन्हीं में से कुछ प्रयोग यहां बता रहा हूँ….
वैसे समुद्री जीवों के संरक्षण नियमों के कारण धीरे-धीरे कौड़ी आज लगभग दुर्लभ हो गयी हैं।
साथ ही बहुसंख्या में कौड़ियों का उपयोग तांत्रिक प्रयोगों में होने से भी अच्छी श्रेणी की कौड़ियों की कमी होने लगी।
कुछ कौड़ियो के तांत्रिक प्रयोग –
1-काले कपड़े में एक बड़ी काली कौड़ी बांधकर अपने व्यापार या ऑफिस में अपनी मेज की दराज में मंत्र से अभिमंत्रित कर रख लें,तो नजर लगनी बंद होकर धन और कार्य में बड़ी व्रद्धि होकर लाभ और सफलता की प्राप्ति होती हैं।
2- 2 या 7 काली कौड़ी, सात काली हल्दी की बिन टूटी गांठ को लेकर मंत्र से अभिमंत्रित करके एक काले रंग के कपड़े में बांधकर घर के दक्षिण भाग में या तिजोरी के दक्षिण भाग में रख यानि स्थापित कर लें।तो तांत्रिक असर समाप्त होकर आपके घर या ऑफिस में सदैव धन कार्य की व्रद्धि और आने वाले और परिजनों में प्रेम, स्नेह और भाग्योदय का वातावरण बना रहता हैं।
3-काले रंग कौड़ी काले रेशमी कपड़े में बांधकर उसे इस मंत्र से अभिमन्त्रित कर के अपने शत्रु के या आपसे निरन्तर शत्रुता और वेमनस्य या प्रतिस्पर्द्धा रखने व्यक्ति के नाम के साथ लिख कर अपनी मनोकामना कह कर अपने घर या किसी भी मंदिर या पीपल या बड़ के पेड़ के नीचे दक्षिण भाग में दबा दें।और वहां सादा जल चढ़ा दें।बस वह व्यक्ति आपके साथ मित्रता पूर्ण नहीं तो सामान्य व्यवहार करने लगेगा।
4-कोई व्यक्ति या स्त्री कन्या या बच्चा यदि नींद में अचानक डर जाता हो, तो उसके सिरहाने एक काली बड़ी कौड़ी अभिमंत्रित करके सिरहाने रख दें।तो सभी प्रकार का नींद में डरना बंद हो जाता हैं ।
5-धन की प्राप्ति को पूर्णिमां की रात में और शनिदेव की महाकृपा और भाग्य व्रद्धि से लेकर तांत्रिक अभिचार की समाप्ति को अमावस्या की रात्रि को किये जाने वाला विशेष तांत्रिक प्रयोग इस प्रकार से है की-
पूर्णमासी की रात 8 बजे के करीब नौ लाल रंग के या पीले रंग के गुलाब के फूल और साथ ही नौ पीली बड़ी कौड़ी और ९ काली कौड़ियां के साथ एक – एक गुलाब पुष्प पर..ये शाबरी मंत्र जप करते हुए उन्हें अभिमंत्रित करें., और लाल रंग के कपड़े में बांधकर उसी समय या अगले दिन प्रातः अँधेरी ही जाकर अपनी दुकान, कार्यस्थल पर रख देने से आप देखेंगे कि- उसी दिन से दिन रात चौगुनी आपकी आय या धन व् कार्य में दिन पे दिन वृद्धि होने लगेगी।
2-अमावस्या की रात्रि 10 से 1 बजे के बीच कभी भी एक काली कौड़ी तथा कनेर का एक फूल या गुड़हल का एक फूल या मालती पुष्प की जड़ को पीले कपड़े में बांध करके उसे इसी मंत्र से अभिमंत्रित कर ताबीज़ की तरह अपने गले या सीधी बाह में धारण कर लेंने से सभी प्रकार के क़र्ज़ से मुक्ति व् भाग्य बन्धन खुलकर शनिदेव की कृपा और आय के साधन खुलकर अच्छी प्रकार से धन की व्रद्धि होती हुयी सभी प्रकार के पद प्रतिष्ठा आदि में लाभ में प्राप्त होता जता हैं।
6-अपने घर या दुकान आदि का निर्माण करते समय उसके
ईशान्य यानि उत्तर कोने की नीव में मंत्र से अभिमंत्रित ९असली काली कौड़ियां दबा देने से सभी प्रकार के वास्तु दोष एवं उस जगह में होनेवाले सभी तांत्रिक क्रियाओं के निगेटिव असर और उनके दुष्परिणाम से सुरक्षा होकर घर कीलित होकर सुरक्षित रहता हैं।
7-8 काली कोडी लेकर 8 शनिवार या 4 अमावस्या के दिन सायंकाल को श्री शनिदेव के मंत्र ॐ शं शनेश्चराय नमः से 108 बार जप कर शनिदेव मन्दिर में जाकर तेल का दीपक जलाकर उसके साथ उनके चरणों में अर्पण करने से श्री शनिदेव की ढईया या साढ़े साती का नकारात्मक प्रभाव कम होकर विशेष कृपा प्राप्त होती है।
वेसे भी इस मंत्र से काली कोडी को जपकर सिद्ध करके अपने गले या बाह में पहन लिया जाये।तो भी व्यक्ति की सभी प्रकार से रक्षा होकर कल्याण होता है।
ऊपर दिए उपायों के लिए-
काली कौड़ी का गुप्त सिद्ध शावरमंत्र है:-
कौड़ी कौड़ी काली कौड़ी
मंत्र सिद्ध तू भाग को मोड़ी।
शत्रु मिटे घर रक्षक तुझ आन
कालरात्रि संग तू लक्ष्मी जोड़ी।।
यहाँ कालरात्रि ही देवी या देव के विभिन्न रूप ही शनिदेव और काली माता या भैरवदेव या श्मशान देव और सभी तांत्रिक शक्तियों के स्वामी और रक्षक देव है।यो केवल इसके 1 माला यानि रुद्राक्ष की माला जपकर कोडी पर अपनी मनोकामना कहते हुए 9 बार फूँक मारना और फिर जिस कपड़े में रखना बताया है,उसमें रखकर ऊपर लिखे उपाय करने से आपका कल्याण होगा।
यहां किसी प्रकार का भ्रम फेलाना या जादूटोना करने के उपाय बताने का मेरा कोई लक्ष्य नहीं है।ये केवल उन भक्तों के लिए है।जो गुरु मंत्र नहीं लिए और गुरु मंत्र में विशेष आस्था नहीं रखते और तांत्रिक क्रियाओं में अधिक विस्वास रखते है।तो उन्हीं भक्तों के लिए यहां मेरे पूर्वकाल के अनुभूत प्रयोगों में से ये प्रयोग बताया जा रहा है।यदि विश्वासी अपने गुरु मंत्र के जप से भी किसी भी वस्तु को अपने ध्यान में रखकर सिद्ध करेगा।तो वही वस्तु उसका मनोरथ पूर्ण करती है।सबके मूल में होता है।अपने मंत्र और शुभ संकल्प में पूर्ण विश्वास।जोकि आता है-तीन नियम से:-
1-कोई भी गुरु या इष्ट या माता पिता व् बन्धु और किसी भी प्रकार की जनसेवा जे निरन्तर सेवा करने से।
2-कल्याण और धर्म वृद्धि को निरन्तर निस्वार्थ भाव से अधिक सेअधिक दान करना।
3-अधिक से अधिक अपने गुरु और इष्ट मंत्र का जप करते हुए नियमितता रखना ही तप के प्रभाव से सभी भौतिक और आध्यात्मिक मनोरथ सम्पूर्ण होते है।
शेष कौड़ियों के मनुष्य जीवन में और लाभ के विषय में आगामी भाग-2 में बताऊंगा..
इस लेख को अधिक से अधिक अपने मित्रों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों को भेजें, पूण्य के भागीदार बनें।”
अगर आप अपने जीवन में कोई कमी महसूस कर रहे हैं घर में सुख-शांति नहीं मिल रही है? वैवाहिक जीवन में उथल-पुथल मची हुई है? पढ़ाई में ध्यान नहीं लग रहा है? कोई आपके ऊपर तंत्र मंत्र कर रहा है? आपका परिवार खुश नहीं है? धन व्यर्थ के कार्यों में खर्च हो रहा है? घर में बीमारी का वास हो रहा है? पूजा पाठ में मन नहीं लग रहा है?
अगर आप इस तरह की कोई भी समस्या अपने जीवन में महसूस कर रहे हैं तो एक बार श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज के पास जाएं और आपकी समस्या क्षण भर में खत्म हो जाएगी।
माता पूर्णिमाँ देवी की चमत्कारी प्रतिमा या बीज मंत्र मंगाने के लिए, श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज से जुड़ने के लिए या किसी प्रकार की सलाह के लिए संपर्क करें +918923316611
ज्ञान लाभ के लिए श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येन्द्र जी महाराज के यूटीयूब https://www.youtube.com/channel/UCOKliI3Eh_7RF1LPpzg7ghA से तुरंत जुड़े
***
श्री सत्यसाहिब स्वामी सत्येंद्र जी महाराज
जय सत्य ॐ सिद्धायै नमः
Discover more from Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Khabar 24 Express | India's Leading Hindi News Network Khabar 24 Express brings the latest Hindi News, Breaking News, Live TV, India News, Maharashtra News, Nagpur News, Politics, Crime, Business, Sports, Entertainment, Technology, Auto, Health, Education, Lifestyle and World News with fast, accurate and trusted updates 24×7



One comment
Pingback: क्या मूल्यहीन कौड़ियां भी दिला सकती हैं जीवन की अनेकों समस्याओं से निज़ात? (भाग-2) बता रहे हैं श्री सत