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वाराणसी में हिंदू लड़की ने 6 मुस्लिम युवकों का सिर काटकर काली माता को चढ़ाया? सोशल मीडिया पर वायरल दावे का जानिए पूरा सच

Varanasi Crime News | Bureau Report Bibhash Kaundinya | Khabar 24 Express


वाराणसी: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक बेहद चौंकाने वाला दावा तेजी से वायरल हो रहा है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (Twitter) और व्हाट्सएप पर लाखों लोग एक पोस्ट शेयर कर रहे हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के वाराणसी के बाबतपुर इलाके में एक हिंदू लड़की ने छह मुस्लिम युवकों का सिर काटकर माता काली को चढ़ा दिया।

वायरल पोस्ट में यह भी लिखा गया है कि कथित तौर पर ये युवक लड़की पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बना रहे थे और रेप की धमकी दे रहे थे, जिसके बाद लड़की ने यह कदम उठाया।

इस दावे के साथ लोग “हर-हर महादेव” और “जय मां काली” जैसे नारे लिखते हुए पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील भी कर रहे हैं। कई इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉर्ट्स और फेसबुक वीडियो में भी इस घटना को सच बताकर पेश किया जा रहा है।

लेकिन क्या वास्तव में वाराणसी में ऐसी कोई घटना हुई है? क्या किसी हिंदू लड़की ने छह मुस्लिम युवकों की हत्या कर उनके सिर माता काली को चढ़ा दिए? हमारी पड़ताल में इस वायरल दावे की सच्चाई कुछ और ही निकली।

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है दावा

वायरल पोस्ट में लिखा जा रहा है कि वाराणसी के बाबतपुर क्षेत्र में रहने वाली एक हिंदू लड़की लंबे समय से कुछ मुस्लिम युवकों द्वारा परेशान की जा रही थी। दावा किया गया कि आरोपी युवकों ने लड़की को जबरन धर्म परिवर्तन करने और रेप की धमकी दी थी। इसके बाद लड़की ने गुस्से में छह युवकों का सिर काट दिया और उन्हें माता काली को चढ़ा दिया।

इस कहानी को बिना किसी फोटो, वीडियो, एफआईआर, पुलिस रिकॉर्ड या आधिकारिक दस्तावेज के सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। कई यूजर्स इसे सच मानकर लगातार शेयर कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इस पर सवाल भी उठा रहे हैं।

वायरल पोस्ट की पड़ताल में क्या सामने आया?

जब इस दावे की जांच की गई तो पता चला कि वाराणसी या उत्तर प्रदेश में ऐसी किसी घटना का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। किसी भी विश्वसनीय मीडिया संस्थान, पुलिस विभाग या सरकारी एजेंसी ने इस घटना की पुष्टि नहीं की है।

इतना ही नहीं, वाराणसी पुलिस ने खुद सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस पोस्ट का खंडन किया है।

वाराणसी पुलिस ने बताया पूरी तरह फर्जी

वाराणसी पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से स्पष्ट किया कि वायरल किया जा रहा दावा पूरी तरह भ्रामक और झूठा है। पुलिस ने कहा कि इस तरह की अफवाहें समाज में तनाव फैलाने का काम करती हैं और इन्हें फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में अफवाह फैलाने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही लोगों से अपील की गई कि किसी भी संवेदनशील खबर को बिना सत्यापन के शेयर न करें।

पुलिस ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराध और कानून व्यवस्था से जुड़ी किसी भी वायरल जानकारी की सच्चाई जानने के लिए आधिकारिक फैक्ट-चेक माध्यम का उपयोग करें।

पहले भी फैल चुकी है ऐसी अफवाह

यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का दावा सोशल मीडिया पर वायरल हुआ हो। इससे पहले वर्ष 2023 में भी लगभग यही कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। उस समय भी पुलिस ने जांच के बाद इसे पूरी तरह फर्जी बताया था और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की थी।

अब एक बार फिर उसी पुराने दावे को नए अंदाज में सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।

इंस्टाग्राम और फेसबुक पर सबसे ज्यादा शेयर हो रही पोस्ट

फैक्ट चेक के दौरान सामने आया कि इंस्टाग्राम पर कई अकाउंट इस दावे से जुड़े वीडियो और स्टोरी शेयर कर रहे हैं। कुछ लोग धार्मिक भावनाओं का सहारा लेकर इस खबर को सच साबित करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि कई यूजर्स बिना किसी तथ्य की जांच किए इसे आगे बढ़ा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल Media पर वायरल होने वाली हर जानकारी सच नहीं होती। कई बार पुराने, एडिट किए गए या पूरी तरह काल्पनिक दावों को नया बताकर वायरल कर दिया जाता है।

अफवाह फैलाना पड़ सकता है भारी

आईटी एक्ट और भारतीय कानून के तहत सोशल मीडिया पर झूठी, भ्रामक और सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाली खबरें शेयर करना कानूनी अपराध हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति बिना सत्यापन के ऐसी पोस्ट वायरल करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

इसी वजह से पुलिस लगातार लोगों से अपील कर रही है कि किसी भी वायरल पोस्ट को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें।

Khabar 24 Express की अपील

सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर खबर सच नहीं होती। किसी भी संवेदनशील, धार्मिक या सांप्रदायिक दावे को शेयर करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें। अफवाहें समाज में नफरत और तनाव बढ़ा सकती हैं।

और अंत में….

Khabar 24 Express की फैक्ट चेक में यह वायरल दावा पूरी तरह फर्जी पाया गया। वाराणसी में किसी हिंदू लड़की द्वारा छह मुस्लिम युवकों का सिर काटकर माता काली को चढ़ाने जैसी कोई घटना नहीं हुई है। वाराणसी पुलिस स्वयं इस दावे का खंडन कर चुकी है और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई कर रही है।


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