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खाने को नहीं दाने खाँसाब चले भुनाने, खाने के लाले हैं लेकिन बच्चों के मामले में सेंचुरी लगाना चाहते हैं ये जनाब

 

 

 

दुनिया एक ओर जहाँ बढ़ती जनसंख्या को रोकने के लिए नए नए कदम उठा रही है वहीँ कुछ मुस्लिम देश जमकर बच्चे पैदा करने में लगे हुए हैं और इन सब में पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ईरान, इराक और भारत सबसे आगे हैं।
अभी हाल ही में यूनेस्को ने एक रिपोर्ट जारी की जिसमें बताया गया कि पाकिस्तान में बढ़ती आबादी एक दिन विस्फोट का रूप ले लेगी। क्योंकि पाकिस्तान में हर महिला के औसतन 3 बच्चे हैं और एक पुरुष की तीन-तीन बीबियाँ हैं किसी किसी की 3 से भी ज्यादा हैं तो अब आप खुद ही हिसाब लगा सकते हैं कि ऐसे मर्द के कितने बच्चे होंगे?

 

 

 

जहाँ पाकिस्तान में बढ़ती जनसंख्या समस्या बन रही है, वहीं करीब 100 बच्चों के ऐसे 3 पिता भी हैं जिन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता। वे बड़ी सहजता से कहते हैं, ‘अल्लाह उनकी जरूरतें पूरी कर देगा।’ 19 साल बाद देश में जनगणना की गई है और उसकी रिपोर्ट जुलाई में आने की संभावना है। जानकारों का अनुमान है कि देश की जनसंख्या करीब 20 करोड़ हो जाएगी जो 1998 में 13.5 करोड़ थी।

विश्व बैंक और सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान दक्षिण एशिया में सबसे अधिक जन्मदर वाला देश है जहां हर महिला पर करीब 3 बच्चे हैं। वहीं, विशेषज्ञ आगाह करते हुए कहते हैं देश की बढ़ती जनसंख्या आर्थिक लाभ और सामाजिक कार्यों को प्रभावित कर रही है।

इधर, 36 बच्चों के पिता गुलजार खान ने कहा, ‘अल्लाह ने पूरी दुनिया और इंसानों को बनाया है, इसलिए मैं बच्चा पैदा करने की प्राकृतिक प्रक्रिया को क्यों रोकूं?’ उनका कहना है कि इस्लाम फैमिली प्लानिंग के खिलाफ है। कबायली इलाके बन्नू के रहने वाले गुलजार (57) की तीसरी पत्नी गर्भवती हैं। गुलजार ने बताया, ‘हम मजबूत होना चाहते हैं।’ उनका कहना है कि क्रिकेट मैच खेलने के लिए उनके बच्चों को दोस्तों की जरूरत नहीं है।

पाकिस्तान में बहुविवाह वैध है, लेकिन बहुत कम ही देखा जाता है। गुलजार जैसा परिवार भी कम ही है, लेकिन जो सोच उसकी है, वैसी सोच वहां कई लोगों की है। गुलजार के भाई मस्तान खान वजीर (70) की भी तीन पत्नियां हैं। वजीर के 22 बच्चे हैं। उनका कहना है कि उनके पोते-पोतियों की संख्या इतनी ज्यादा है कि वह गिन नहीं सकते।

उन्होंने बताया, ‘अल्लाह ने वादा किया है कि वह खाना और अन्य संसाधन देंगे, लेकिन लोगों का भरोसा कम है।’ वहीं, बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा में रहने वाले जान मोहम्मद के 38 बच्चे हैं। जान ने 2016 में एएफपी से बातचीत में कहा था कि वह चौथी शादी करना चाहते हैं, क्योंकि उनका लक्ष्य 100 बच्चे पैदा करना हैं। कोई भी महिला उनसे शादी नहीं करना चाहती, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी है। उन्होंने कहा, ‘जितने ज्यादा मुस्लिम होंगे, उनके दुश्मन उनसे उतना ही डरेंगे। मुसलमानों को ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए।’


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