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इस बार रक्षाबंधन का पर्व है कुछ खास, मिलेगा माँ पूर्णिमाँ देवी का साक्षात आशीर्वाद, इस रक्षाबंधन का शुभमुहूर्त और विशेषताएं, बता रहे हैं सद्गुरु स्वामी श्री सत्येन्द्र जी महाराज

एक ऐसा पवित्र बंधन जिसकी अनेकों मिसाल हैं। बहन भाई का दुलार प्यार, भाई का बहन के प्रति रक्षा का समर्पण भाव इस रिश्ते को खास बनाता है। सदियों से चली आ रही रक्षाबंधन की परंपरा देवी देवताओं से भी अछूती नहीं रही है। देवी देवता भी इस पर्व को मनाते हैं। यहां तक कि शुरुआत भी दैवीय मान्यताओं से ही हुई।

तो इस बार प्‍यार और समर्पण वाला, भाई-बहन का यह अटूट रिश्ता रक्षाबंधन का पर्व गुरुवार यानी 15 अगस्त को मनाया जाएगा। रक्षाबंधन का त्‍यौहार हिन्‍दू धर्म के बड़े त्‍यौहारों में से एक है, जिसे देश भर में धूमधाम और पूरे हर्षोल्‍लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी या रक्षा सूत्र बांधकर उसकी लंबी आयु और मंगल कामना करती हैं. वहीं, भाई अपनी प्‍यारी बहना को बदले में भेंट या उपहार देकर हमेशा उसकी रक्षा करने का वचन देते हैं।

सद्गुरु स्वामी सत्येंद्र जी महाराज इस बार के रक्षाबंधन पर्व की खासियत व शुभमुहूर्त बता रहे हैं।

रक्षाबंधन हर साल सावन महा की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस बार रक्षाबंधन भारत के स्‍वतंत्रता दिवस की 72वीं वर्षगांठ को मनाया जाएगा। इस बार 19 साल बाद स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन का एक साथ योग बना है। इससे पहले यह संयोग साल 2000 में बना था।

पूर्णिमा के दिन ही होगी श्रवण नक्षत्र की शुरुआत :
गुरुवार का दिन होने के कारण भी इसका महत्व बढ़ जाता है। गंगा स्नान, शिव पूजन और विष्णु पूजन करने से आयु, अरोग्य, विद्या-बुद्धि सहित हर मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसलिए इस बार त्यौहार का महत्व और अधिक है। इसके साथ ही सावन पूर्णिमा के दिन ही श्रवण नक्षत्र की शुरुआत होती है।

इस बार रक्षाबंधन के दिन भद्रा काल नहीं है और न ही किसी तरह का कोई ग्रहण है। तो सभी भक्तों के लिए इस बार रक्षाबंधन शुभ संयोग वाला और सौभाग्‍यशाली है।

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 14 अगस्‍त 2019 को रात 9 बजकर 15 मिनट से
पूर्णिमा तिथि समाप्‍त: 15 अगस्‍त 2019 को रात 11 बजकर 29 मिनट तक

शुभ मुहूर्त में क्या करें क्या नहीं :
रक्षाबंधन के दिन अपराह्न यानी कि दोपहर में राखी बांधनी चाहिए। अगर अपराह्न का समय उपलब्‍ध न हो तो प्रदोष काल में राखी बांधना उचित रहता है। भद्रा काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए, हालांकि इस बार भद्रा नहीं लग रहा है। राखी बांधने के उपरांत बहन अगर भाई की सुख समृद्धि, तरक्की, दुखों से मुक्ति के लिए गुरु का ध्यान कर मन में मनोकामना लेकर “जय सत्य ॐ सिद्धाय नमः” की एक माला जपे तो संभवतः उसकी मनोकामना पूरी होगी। भाई भी माला जप सकते हैं और वो भी अपनी बहन की सुख-शांति, अच्छी सेहत, समृद्धि के लिए मन में कोई मनोकामना रखकर “जय सत्य ॐ सिद्धाय नमः” की एक माला का जाप करें इससे बहन भाई दोनों को लंबी उम्र का आशीर्वाद प्राप्त होगा व जीवन में खुशियां आएंगी। इस दिन भाई अगर पूर्णिमाँ माता की मूर्ती अपनी बहन को उपहार स्वरूप देता है तो माँ पूर्णिमाँ का साक्षात आशीर्वाद दोनों को मिलेगा।

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त:
15 अगस्‍त 2019 को सुबह 10 बजकर 20 मिनट से रात 08 बजकर 10 मिनट तक का समय राखी बंधवाने के लिए शुभ है।

!!भाई बहिन के पवित्र पर्व रक्षाबंधन की सभी की बहुत बहुत शुभकामनाएं!!

दिए खुदा ने चार रिश्ते
माँ बीबी दोस्त बहिन।
प्यार हिफाजत करें भाई बन
एक डोर मुबारक दे रक्षाबंधन।।
प्यार का बंधन रक्षाबंधन
हर भाई ये रिश्ता ढूंढे भर आंख।
जब बांधे बहिन कलाई राखी
दे खुशियां की दुआ लाख।।
प्यार की रक्षा और फतह को
बहिन बांधे रक्षा की डोरी।
टीका कर मंगल गीत गाये
रहे साथ सदा ये गौरी।।
पूर्ण चन्द्र दी बांध कर राखी
बहिन करें सत्य का वंदन।
शत शत जीओ भाई मेरे तुम
मेरा प्यार है,रक्षाबंधन।।
बहिन भाई बिन रिश्ता सूना
इस रिश्ते बिन सूना सावन।
बरस के रिमझिम आकाश धरा को
दे जीवन रक्षाबंधन।।
उम्मीद का बंधन ना ये डोरी
ना चाहत प्यार इक़रार।
रक्षा बन संग खड़ी है बहिना
रक्षाबंधन कर स्वीकार।।
फले फुले सदा भरे रहे
प्यार पाए संग घर बार।
दुआ बहिन की बिन बंधन के
रक्षाबंधन मनाऊ हर बार।।

सद्गुरुउ स्वामी सत्येंद्र जी महाराज

रक्षाबंधन की सभी को शुभकामनाओं के साथ..

जय सत्य ॐ सिद्धाय नमः
www.satyasmeemission.org
https://www.youtube.com/c/swamisatyendraji

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