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महिला दिवस पर विशेष : त्रिशला भगत, आजके जमाने की हिरोइन, बिजली गिराना तो कोई इनसे सीखे….

आज महिला दिवस है और महिला दिवस के उपलक्ष्य में बॉलीवुड के उभरते सितारे के बारे में हम आज आपको बताने जा रहे हैं। जिस सितारे की हम बात कर रहे हैं वे बेहद ही चुलबुली हैं। हमेशा हंसती रहती हैं, मुस्कुराहट उनके चेहरे पर बनी रहती है। वे अपने काम के प्रति बेहद ईमानदार हैं, मेहनती हैं।


हम बात कर रहे हैं त्रिशला भगत की। जिन्होंने अपनी शुरुआत बॉलीवुड, साउथ और पंजाबी फिल्मों से की। इस चमक धमक भरे माहौल में भी बेहद साधारण तरीके से रहने वाली त्रिशला आज अपने फैन्स की आंखों का तारा बनती जा रही हैं।

आंखों में चमक, होंठों पर मुस्कान…. क्यूट सा चेहरा लिए बनारस की गलियों से निकल मायानगरी आईं त्रिशला….. आजकल अपने फैन्स पर खूब बिजलियाँ गिरा रही हैं।
और इन मोहतरमा के चाहने वाले…. पूँछिये मत, इनके चाहने वाले आहें भरते हैं, इनके हीरो बनने के सपने देखते हैं…. और फिर बस यही बोलते हैं।

हम जीने की तमन्ना लेके
जाते हैं रोज़ उनके पास,
वो रोज़ अपनी मुस्कुराहट से,
हमारा क़त्ल कर जाती हैं!!

आपको बता दें कि आप सबकी चहेती बनती जा रही त्रिशला भगत जिन्होंने अपनी पहचान एक क्यूट चुलबुली हीरोइन के रूप में बनाई है। साथ ही त्रिशला एंकरिंग, मॉडलिंग, एक्टिंग से अपनी पहचान स्थापित कर चुकी हैं। त्रिशला ने मॉडलिंग से शुरुआत की थी।
हिंदी, पंजाबी और साउथ सिनेमा में काम कर चुकी त्रिशला बड़ी समझदारी के साथ कदम आगे बढ़ा रही हैं। इससे पहले त्रिशला मिस बनारस, मिस यूपी रह चुकी हैं।
ये कई रेम्प शोज का हिस्सा बन चुकी हैं, कई एड फिल्म्स की हैं, त्रिशला साथ ही कई पंजाबी म्यूजिक वीडियोज में भी नज़र आ चुकी हैं।

त्रिशला की फैमली बैकग्राउंड की बात करें तो पिता आर्मी से रिटायर अफसर हैं। घर में एक छोटा भाई एक बड़ी बहन, माँ हाउस वाइफ हैं।
त्रिशला के मुताबिक उन्हें हीरोइन बनने का शौक बचपन से ही था। लेकिन बचपन से उनका भोलापन और मासूमियत उनके सपने के आड़े आते रहे। लेकिन एक दिन हिम्मत करके त्रिशला ने अपने मन की बात अपने मम्मी-पापा को बताई। त्रिशला की माँ जो उनकी सबसे अच्छी दोस्त भी हैं। उनकी माँ ने मना तो नहीं किया लेकिन त्रिशला के पापा के कहने पर एक शर्त रख दी… कि उन्हें उनके सपने से रोका तो नहीं जाएगा, लेकिन साथ में पढ़ाई पूरी करनी होगी।
त्रिशला की तो मानों लॉटरी निकल पड़ी, उन्होंने भी शर्त को स्वीकार करते हुए नवी मुम्बई में कॉलेज में एडमिशन ले लिया और मैनेजमेंट की पढ़ाई शुरू कर दी।
यह उसी मैनेजमेंट का नतीजा है कि त्रिशला हर किरदार को खूब सोच विचारकर चुनती हैं। हर काम के लिए वे अपनी माँ से परमिशन लेती हैं और इसके बाद कोई कदम बढ़ाती हैं।

माँ की लाडली त्रिशला पढ़ाई में भी अच्छी रही हैं लेकिन सपना- सपना होता है। जब इंसान ठान लेता है और किसी चीज के लिए मन बना ले तो करके ही मानता है, वैसी ही त्रिशला हैं।
ऐसा नहीं है कि उन्हें सब कुछ ऐसे ही बैठे-बिठाए मिल गया, मुसीबत भी ढेरों आईं लेकिन कहते हैं न “जिनके हौसलों में ताकत होती हैं उनकी उड़ान उतनी ही मजबूत हो जाती है।”
तो त्रिशला न डरी न रुकी, उम्मीदों के सहारे बढ़ती गयी और चलती गईं।

एक्टिंग में निखार लाने के लिए त्रिशला ने नादिरा ज़ाहिर बब्बर का थियेटर जॉइन किया और थियेटर आर्टिस्ट भी बन गयी। कुछ एक्टिंग तो कुछ थियेटर…. इस तरह त्रिशला का सफर शुरू हुआ।
त्रिशला ने अपने सपनों को पूरा करने के लिए जीतोड़ मेहनत की है। इसीलिए वे अपने काम के प्रति बेहद ईमानदार हैं।

त्रिशला को जो काम मिलता गया उसे वो करती गयीं लेकिन सब कुछ सोच समझकर, देख परखकर।
त्रिशला का कहना है कि बॉलीवुड इंडस्ट्री में काम कम, मूर्ख बनाने का खेल ज्यादा होता है, इस इंडस्ट्री में फेक ज्यादा घुस आए हैं, तो लड़कियों को बड़ी ही सोच-समझ के साथ काम करना होता है।

बॉलीवुड में बोल्डनेस के सवाल पर त्रिशला का कहना है कि एक लड़की की खूबसूरती उसका जिस्म होता है लेकिन उसे सिर्फ उतना ही दिखाना चाहिए जितनी वो खूबसूरत लगे ज्यादा दिखाने पर खूबसूरती की परिभाषा बदल जाती है। दायरे में रहकर हर चीज अच्छी होती है।

कॉम्पटीशन के सवाल पर त्रिशला कहती हैं कि उनका किसी के साथ कोई कॉम्पटीशन नहीं है वे अपने आपको किसी के साथ कंपेयर नहीं करती हैं। त्रिशला, त्रिशला हैं बाकी और, और हैं।

सिनेमा में डिजिटलाइजेशन के सवाल पर त्रिशला कहती हैं कि जबसे सिनेमा में डिजिटलाइजेशन हुआ है तब से संभावनाओं के द्वार और खुल गए हैं। इंटरनेट पर वेब सीरीज, फिल्में खूब प्रचलित होने लगी हैं आज लोग अमेजन, नेटफ्लिक्स पर खूब फिल्में देख रहे हैं। इन सबमें सबसे बड़ा फायदा छोटे बजट वाली फिल्मों को हुआ है। डायरेक्टर्स के खर्चे कम और काम ज्यादा हो गया है। इससे छोटे और नए आर्टिस्ट को भी मौके मिलने लग गए हैं।

इंटरनेट पर वेब सीरिज और फिल्मों में न्यूडिटी के सवाल पर त्रिशला कहती हैं कि “इंटरनेट पर कोई सेंसरशिप नहीं है जिस वजह से न्यूडिटी बढ़ गयी है। आजकल वेबसीरिज में, फिल्मों में न्यूडिटी बेहद बढ़ती जा रही है इसके लिए सेंसरशिप जरूरी है। ये बात सही है कि अभिव्यक्ति की आज़ादी भी जरूरी है, बस सेंसरशिप सिर्फ न्यूडिटी और गंदगी के लिए होनी चाहिए।”

त्रिशला कहती हैं कि वे अब तक तीन वेबसीरिज में बतौर हीरोइन काम कर चुकी हैं। वे कई इंटरनेट बेसड फिल्मों और वेबसीरीज को मना कर चुकी है क्योंकि उनमें बोल्डनेस के नाम पर न्यूडिटी थी जिसे वो नहीं कर सकती।

बिकनी पहनने के सवाल पर त्रिशला कहती हैं कि आजका सिनेमा बदल चुका है बड़ी से बड़ी हीरोइन बोल्ड दिखने के लिए क्या कुछ नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि अब पब्लिक की पसंद पर सब्जेक्ट बेसड फिल्में बन रही हैं। बिकनी वाले सीन पर साड़ी नहीं पहन सकते, लेकिन सीन की डिमांड और स्टोरी के हिसाब से डिसेंट लुक वाली बिकनी पहनी जा सकती हैं।

त्रिशला ने बड़ी ही बेबाकी से हमारे सवालों का जबाव दिया। त्रिशला भले अपने मुकाम पर न पहुंची हों लेकिन जिस तरह से वो अपने कदम आगे बढ़ा रही हैं, आने वाला वक़्त त्रिशला का ही होगा।

तो महिला दिवस की शुभकामनाओं के साथ त्रिशला को हम उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हैं और साथ ही ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि त्रिशला बड़ी से बड़ी फिल्में करें। अपने माता-पिता और अपने क्षेत्र का नाम रोशन करें। इलाहाबाद बनारस वैसे भी बड़े-बड़े दिग्गजों के लिए जाना जाता है जैसे सदी के महानायक अमिताभ बच्चन।
त्रिशला की भी पहचान वैसी ही बनें त्रिशला खूब बढ़ें अपना नाम करें।


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